आम आदमी ने ‘रईस’ को दिया टिकट, क्या खिंच पाएगी वोटों के ध्रुवीकरण की बड़ी लकीर?
महापौर उम्मीदवारों के नामों की घोषणा के साथ मप्र में स्थानीय निकाय चुनाव का पारा बढ़ गया है। चुनाव मैदान में मुख्य मुकाबला बीजेपी-कांग्रेस के बीच है, लेकिन इस बार इस चुनावी जंग में आम आदमी पार्टी भी पीछे नहीं
जबलपुर, 15 जून: मप्र में नगर सत्ता के संग्राम में इस बार आम आदमी पार्टी भी अपना जोर दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही। बीजेपी-कांग्रेस के बाद अब 'आप' ने अपने महापौर उम्मीदवारों के नाम पर मुहर लगा दी है। जबलपुर से शरद पावर की NCP से नेता रहे रईस वली को महापौर प्रत्याशी बनाया है, जिससे यहाँ का मुकाबला बेहद रोचक हो गया है। आम आदमी पार्टी की ओर से भी महापौर बनने की रेस में कई और दावेदार थे, लेकिन पार्टी ने रईस वली को चुनाव मैदान में उतारने का अंतिम फैसला लिया।

जबलपुर से ‘आप’ के महापौर प्रत्याशी ‘रईस’
महापौर उम्मीदवारों के नामों की घोषणा के साथ मप्र में स्थानीय निकाय चुनाव का पारा बढ़ गया है। चुनाव मैदान में मुख्य मुकाबला बीजेपी-कांग्रेस के बीच है, लेकिन इस बार इस चुनावी जंग में आम आदमी पार्टी बीजेपी-कांग्रेस दोनों से दो-दो हाथ करने तैयार है। कौन किस पर भारी पड़ता है और 'आप' अपने मंसूबों में कितनी कामयाब होती है यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। फिलहाल जबलपुर से मुस्लिम वर्ग से ताल्लुक रखने वाले रईस वली को महापौर प्रत्याशी बनाकर बीजेपी-कांग्रेस दोनों की चिंता बढ़ा दी है। हालाँकि दोनों प्रमुख दल इस चुनाव में 'आप' की भूमिका को बेअसर मान रहे है।

इनके वोट बैंक में लगेगी सेंध
मौके की नजाकत को देखते हुए जिस तरह 'आम आदमी पार्टी' जबलपुर में महापौर प्रत्याशी के रूप में मुस्लिम कार्ड खेला है। उससे नई हलचल शुरू हो गई है। वोटों के धुर्वीकरण के लिए आम आदमी पार्टी को एक रास्ता मिल गया। पार्टी की झोली में होने वाली वोटों की बरसात कांग्रेस उम्मीदवार के पसीने छुड़ा सकती है। रईस बली का नाम सामने आते ही मुस्लिम कौम का वोट पोलराइजेशन भाजपा से ज्यादा कांग्रेस को प्रभावित करेगा। उत्तर मध्य और पूर्व विधानसभा में इस वर्ग के वोटों का बड़ा कुनबा है। जबलपुर की चुनावी तासीर और अतीत बताता है कि स्थानीय मुद्दों पर लड़े जाने वाले चुनाव में मुस्लिम वर्ग का झुकाव कांग्रेस की तरफ ज्यादा रहा है। जब उन्ही के वर्ग से महापौर के लिए चेहरा सामने लाया गया है तो वोटों का बिखराव लाजमी है।

कौन है जबलपुर के रईसवली ?
रईस वली की कद्दावर मुस्लिम नेता की छवि है। अपने वर्ग में गहरी पैठ भी रखते है। कट्टर कांग्रेसी के रूप में राजनीतिक कैरियर शुरू करने वाले रईस कई पदों पर भी रहे। बीच में कुछ वक्त के लिए शरद पवार की एनसीपी में भी शामिल हुए। लगभग 40 साल का राजनीतिक अनुभव रखने वाले रईस कई अपराधिक मामलों में भी चर्चित चेहरों में गिने जाते है।

कांग्रेस-भाजपा धोखा है, आम आदमी मौका है
दिल्ली फिर पंजाब में अपनी ताकत बढ़ाने के बाद आम आदमी पार्टी का मप्र के लोकल इलेक्शन में उतरने का स्टेंड चुनाव की नई परिभाषा गढ़ेगा। प्रदेश में पार्टी के नेता मतदाताओं के बीच एक ऐसी लकीर खींचना चाहते है, जिससे पार्टी को आने वाले विधानसभा चुनाव में भी फायदा मिल सके। स्थानीय निकाय चुनाव में इसलिए 'आप' ने नारा दिया है कि कांग्रेस-भाजपा धोखा है, आम आदमी मौका है'। 16 नगर निगम में यह नारा अपनी आवाज कितनी बुलंद कर पाता है, यह तो नतीजों के बाद ही मालूम होगा।












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