MP Nikay Chunav 2022: जबलपुर में भाजपा के 15 बागियों पर चला अनुशासन का कोड़ा, 6 साल के लिए सस्पेंड
बार मध्यप्रदेश के निकाय चुनावों में किसी तरह टिकट का टंटा ख़त्म हुआ तो थोक के भाव कई भाजपाई बागी हो गए। लोकल फिर प्रदेश लेवल पर दिग्गजों की समझाइश के बाबजूद जब उन नेताओं के बगावती तेवर नरम नहीं हुए
जबलपुर, 01 जुलाई: मध्यप्रदेश के नगरीय निकाय चुनाव में टिकट न मिलने से बागी हुए जबलपुर के 15 भाजपाइयों पर अनुशासन का कोड़ा चला है। सभी पर पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ने का इल्जाम है। जिसे पार्टी ने अनुशासनहीनता करार देते हुए 6 वर्ष के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया। इस सिलसिले में प्रदेश बीजेपी दफ्तर से महामंत्री भगवानदास सबनानी ने जिला नगर अध्यक्ष को चिट्ठी भी भेज दी है। इन 15 भाजपाइयों के अलावा अन्य नेता जिनके बगावती तेवर है, उन पर भी निलंबन की गाज गिरने के संकेत दिए गए हैं।

इस बार मध्यप्रदेश के निकाय चुनावों में किसी तरह टिकट का टंटा ख़त्म हुआ तो थोक के भाव कई भाजपाई बागी हो गए। लोकल फिर प्रदेश लेवल पर दिग्गजों की समझाइश के बाबजूद जब उन नेताओं के बगावती तेवर नरम नहीं हुए तो पार्टी के प्रदेश संगठन ने अब अनुशासन का कोड़ा उठा लिया है। दूसरे कई जिलों की तरह जबलपुर में भी यह कोड़ा चला और 15 भाजपा नेता-कार्यकर्ताओं को 6 साल के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्काषित कर दिया गया है। इधर निष्काषित हुए नेताओं ने आरोप लगाया है कि वें पार्टी के बड़े नेताओं ने उनके साथ विश्वासघात किया। उनके क्षेत्र की जनता उनके साथ है, और इस बार के नतीजे टिकट बँटवारे के मनमाने निर्णयों को मुहं तोड़ जबाब देंगे।

पार्टी से निष्काषित हुए 15 नेताओं में कई ऐसे चेहरे है, जिन्होंने या तो पिछले नगर निगम चुनाव में जीतकर पार्षद बने थे या फिर उनके घर का सदस्य पार्षद था। इस बार भी दावेदारी जताई गई, लेकिन पार्टी ने इस बार चुनाव लड़ने का उन्हें मौका नही दिया। इस कार्रवाई के बाद पार्टी का ख़ुफ़िया तंत्र भितरघातियों पर नजर रख रहा हैं। नगर अध्यक्ष जीएस ठाकुर का कहना है कि भाजपा अनुशासन प्रिय पार्टी है। समझाइश के बाबजूद जब अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ने का फैसला नहीं माना तो प्रदेश संगठन को निलंबन जैसा ठोस फैसला लेना पड़ा।













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