एंटनी ब्लिंकन जयशंकर में बात, दिल्ली में सऊदी नेवी चीफ, अरब सागर में 10 युद्धपोत..यमन युद्ध में सेंटर में भारत
Red Sea attacks: यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ अमेरिका और ब्रिटेन ने भीषण हमले किए हैं और हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर भीषण बमबारी की गई है। वहीं, यमन में शुरू हुए युद्ध के बीच भारत अचानक सेंटर में आ गया है।
यमन में शुरू हुए अमेरिकी हमले के बीच अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर को फोन किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने गुरुवार को "दक्षिणी लाल सागर और अदन की खाड़ी में हूतियों के हमले के बीच बातचीत की है।

अरब सागर और लाल सागर में हूती विद्रोहियों के लगातार हमले के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत ने इस साझा चिंताओं पर चर्चा की है, जो कॉमर्शियल जहाजों की आवाजाही के लिए खतरे पैदा करते हैं। हूती विद्रोहियों के हमले से जहाजों और क्रू मेंबर्स के ऊपर गंभीर खतरा पनप गया है।
वहीं, अमेरिका ने लाल सागर में नेविगेशन की स्वतंत्रता की रक्षा में भारत के साथ "बढ़े हुए सहयोग" का स्वागत किया है और दोनों देशों ने क्षेत्र में लापरवाह हूती हमलों पर "साझा चिंताओं" पर चर्चा की है।
आपको बता दें, कि हूतियों ने मंगलवार को लाल सागर के दक्षिणी हिस्से में 21 मिसाइलें और ड्रोन हमले किए थे, जिसे अमेरिका और ब्रिटिश नौसेना ने मार गिराया है। अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड के अनुसार, हूतियों के हमले में कोई नुकसान नहीं हुआ। लेकिन, हूतियों के इस हमले के बाद अमेरिका और ब्रिटेन ने यमन में हूतियों के ठिकानों पर भीषण बमबारी की है, जिसके बाद हूती विद्रोहियों ने अमेरिका को अंजाम भुगतने की धमकी दी है।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने एक बयान में कहा, कि ब्लिंकन ने इस बात पर जोर दिया, कि लाल सागर एक प्रमुख वाणिज्यिक गलियारा है जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सुविधाजनक बनाता है और "क्षेत्र में नेविगेशन की स्वतंत्रता की रक्षा में भारत के साथ बढ़ते सहयोग का स्वागत करता है"।
अरब सागर में भारत ने भेजे युद्धपोत
वहीं, अरब सागर में हूतियों के लगातार दो हमलों के बीच पिछले महीने भारतीय नौसेना ने उत्तरी और मध्य अरब सागर के साथ-साथ अदन की खाड़ी में अपनी निगरानी गतिविधियां बढ़ा दी हैं। भारतीय नौसेना के हालिया बयान के अनुसार, भारत ने 10 विध्वंसक और फ्रिगेट वाले नौसैनिक जहाजों को अरब सागर में तैनात कर दिया है।
वहीं, पिछले महीने व्यापारिक जहाज एमवी केम प्लूटो पर हुए हमले के बाद भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा था, कि भारत पाताल से भी खोजकर हमलावरों को सजा देगा।
इंडियन नेवी ने भारतीय जल सीमाओं की सुरक्षा के लिए मानव रहित हवाई वाहन (यूएवी) और समुद्री गश्ती विमान भी तैनात किए हैं। इसके अलावा, नौसेना ने हिंद महासागर क्षेत्र के भीतर उभरते सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए तटरक्षक बल के साथ अपने सहयोग पर प्रकाश डाला है।

दिल्ली में सऊदी अरब के नेवी चीफ
इन सबके बीच रॉयल सऊदी नौसेना बलों के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल फहद बिन अब्दुल्ला अल-गफिली को गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में साउथ ब्लॉक लॉन में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया है। नौसेना स्टाफ के प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने साउथ ब्लॉक में अपने सऊदी अरब के समकक्ष एडमिरल लेफ्टिनेंट जनरल फहद बिन अब्दुल्ला अल-गफिली का स्वागत किया।
सऊदी अरब के नेवी चीफ उस वक्त दिल्ली में हैं, जब यमन में अमेरिकी के हमलों के बाद सऊदी अरब ने बयान जारी करते हुए कहा है, कि सऊदी अरब लाल सागर में व्यापारिक जहाजों पर होने वाले हमलों और यमन में अमेरिका के हमलों को लेकर काफी चिंतित है। सऊदी अरब ने कहा है, कि वो स्थिति पर बारीक नजर रख रहा है।
आपको बता दें, कि हूती विद्रोहियों के साथ सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने करीब आठ सालों तक युद्ध लड़ा है, जिससे सऊदी अरब को काफी नुकसान हुआ है। लिहाजा, सऊदी अरब नहीं चाहता है, कि उसकी दक्षिणी सीमा पर फिर से कोई नया युद्ध भड़के। इसके अलावा, सऊदी अरब की पूरी कोशिश इस वक्त अपनी इकोनॉमी को आगे ले जाने की है, लिहाजा वो किसी भी नये संघर्ष में नहीं उलझना चाहता है, लिहाजा माना जा रहा है, कि सऊदी अरब के नेवी चीफ भारत के साथ किसी नये संघर्ष को भड़कने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं।












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