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Year Ender 2024: LAC पर थमा सैन्य गतिरोध, कैसे हुई शांति बहाली, द्विपक्षीय वार्ता में भारत- चीन कितना सफल?

Year Ender 2024: एलएसी पर शांति बहाली के सफल प्रयासों को बीच सीमवर्ती गांवों की मजबूत कनेक्टिविटी पर भारत का फोकस है। एलएसी पर भारत और चीन के बीच लगातार तनाव के बावजूद, 2024 लद्दाख में सीमा के पास स्थित गांवों में स्थिरता लाने के साथ भारत ने चीन के साथ कई दौर की वार्ता की। हालांकि इसमें पिछले कई दौर की वार्ता विफल रही है, लेकिन लगातार प्रयासों को बीच वर्ष 2024 एलएसी के लिए एक बेहतर साल साबित हुआ, जब भारत- चीन के बीच अनसुलझे सीमा विवादों पर राजनयिक और सैन्य स्तर की वार्ता जारी रही। जिसके चलते सीमावर्ती गांवों में शांति बहाली का रास्ता साफ हुआ।

LAC पर विवादित जगह से हटीं भारत चीन की सीमाएं
भारत और चीन के संबंध 2020 के जून में गलवान घाटी में हुई घातक झड़प के बाद काफी बिगड़ गए थे। यह झड़प दशकों में दोनों पक्षों के बीच सबसे गंभीर सैन्य संघर्ष थी। जिसके भारत- चीन के संयुक्त प्रयासों के तहत 21 अक्तूबर,2024 को भारत और चीन की सेनाओं ने विवादित पूर्वी लद्दाख के देपसांग और डेमचोक क्षेत्रों से अपने-अपने सामान समेटने शुरू कर दिए थे। नवंबर महीने से पहले ही इसे पूरा कर लिया गया।

India China Border Dispute

संसद में गूंजा मुद्दा

पिछले कई वर्षों से भारत और चीन के सेनाओं के बीच जारी गतिरोध समाप्त होने के साथ ही सीमा पर बसे गांवों में शांति बहाली के द्वार खुल गए। संसद के शीतकालीन स्तर के दौरान एलएसी भारत चीन सीमा विवाद को लेकर सवालों को जवाब देते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पिछले कुछ वर्षों को भीतर सीमा पर सैन्य गतिरोध को खत्म करने के केंद्र के प्रयासों को जिक्र करते एलएसी पर शांति बहाली का पूरा श्रेय भारतीय सेना को दिया। उन्होंने कहा कि कूटनीतिक पहल से सीमा पर हालात सामान्य हुए हैं। विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और चीन के बीच सहमति बनी है कि यथास्थिति में एकतरफा बदलाव नहीं किया जाएगा और साथ ही दोनों देशों के बीच पुराने समझौतों का पालन किया जाएगा। सीमा पर शांति के बिना भारत-चीन के संबंध सामान्य नहीं रह सकते।

2020 से खराब हुए रिश्ते 3 साल में सुलझे
लोकसभा में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा, मैं सदन को भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में हाल के कुछ घटनाक्रमों और हमारे समग्र द्विपक्षीय संबंधों पर उनके प्रभावों से अवगत कराना चाहता हूं। सदन को पता है कि 2020 से हमारे संबंध असामान्य रहे हैं, जब चीनी कार्रवाइयों के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और सौहार्द भंग हुआ था। हाल के घटनाक्रम जो तब से हमारे निरंतर कूटनीतिक जुड़ाव को दर्शाते हैं, ने हमारे संबंधों को कुछ सुधार की दिशा में स्थापित किया है। भारत और चीन ने सीमा मुद्दे को सुलझाने के लिए कई दशकों तक बातचीत की है। सीमा विवाद के समाधान के लिए निष्पक्ष, उचित और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य रूपरेखा पर पहुंचने के लिए द्विपक्षीय चर्चा की गई। मंत्री ने कहा कि एलएसी पर शांति के प्रयासों का पूरा श्रेय भारतीय सेना को है।

शांति बहाली के बीच सीमावर्ती गांवों में स्थिरता

सदन में विदेश मंत्री एस जयशंकर के मुताबिक, भारत और चीन के बीच सहमति बनी है कि यथास्थिति में एकतरफा बदलाव नहीं किया जाएगा और साथ ही दोनों देशों के बीच पुराने समझौतों का पालन किया जाएगा। सीमा पर शांति के बिना भारत-चीन के संबंध सामान्य नहीं रह सकते। ऐसे में सैन्य गतिरोध के बीच बनी अस्थिरता की स्थितियों से सीमावर्ती भारतीय गांवों को राहत मिली है।

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