Yahya sinwar: गाजा के शैतान ने संभाला आतंकी संगठन हमास की कमान, जानिए याह्या सिनवार कौन है, कितना खतरनाक है?
Yahya Sinwar: गाजा के शैतान याह्या सिनवार को हमास का नया नेता चुना गया है, जिसने पिछले साल 7 अक्टूबर को दक्षिणी इजराइल पर भीषण आतंकवादी हमले की पटकथा लिखी थी।
ईरान की राजधानी तेहरान में एक संदिग्ध इजरायली हमले में अपने इस्माइल हानिया की मौत के बाद, हमास ने मंगलवार को याह्या सिनवार के नाम की घोषणा की है। सिनवार 7 अक्टूबर को इजरायल पर हुए हमलों का सूत्रधार था और संघर्ष शुरू होने के बाद से ही वह गाजा में छिपा हुआ था और ऐसी रिपोर्ट्स हैं, कि वो कई जानलेवा हमलों में बच चुका है।

हमास ने एक संक्षिप्त बयान में कहा है, कि "इस्लामिक प्रतिरोध आंदोलन हमास ने कमांडर याह्या सिनवार को आंदोलन के राजनीतिक ब्यूरो के प्रमुख के रूप में चुने जाने की घोषणा की है, जो शहीद कमांडर इस्माइल हानियाह के उत्तराधिकारी होंगे। अल्लाह उन पर रहम करे।"
नए नेता की घोषणा के तुरंत बाद हमास ने गाजा से रॉकेटों की बरसात कर दी, जहां लगातार इजराइली हमले चल रहे हैं।
मिस्र और कतर की मध्यस्थता में की गई वार्ता से परिचित एक क्षेत्रीय राजनयिक ने कहा, "याह्या सिनवार की नियुक्ति का मतलब है, कि इजरायल को गाजा युद्ध के समाधान के लिए सिनवार का सामना करना होगा।"
उन्होंने कहा, कि "यह कठोरता का संदेश है और सिनवार समझौता करने वाला नहीं है।"
सिनवार की नियुक्ति विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि वह शांति वार्ता में हमास प्रतिनिधिमंडल का प्रतिनिधित्व करेगा, जो युद्ध को समाप्त करने और गाजा में अभी भी बंधक बनाए गए 115 इजरायली और विदेशी बंधकों को रिहा करने के लिए महीनों से चल रही है।
कौन है याह्या सिनवार, क्यों कहा जाता है शैतान?
गाजा के दक्षिणी शहर खान यूनिस के एक शरणार्थी शिविर में जन्मे 61 वर्षीय सिनवार को फिलिस्तीनियों के बीच एक क्रूर नेता और इजरायल के कट्टर दुश्मन के रूप में जाना जाता है। उसे 2017 में गाजा में हमास का नेता चुना गया था। उसने अपना आधा वयस्क जीवन इजरायली जेलों में बिताया है, जिसमें 1988 में चार फिलिस्तीनियों की हत्या भी शामिल है, जिसे उसने इजरायल का मददगार होने का आरोप लगाकर मार डाला था।
चूंकि सिनवार का परिवार उन हजारों फिलिस्तीनी अरबों में से एक था, जिन्हें इजराइल के निर्माण के समय युद्धों के दौरान भागने के लिए मजबूर होना पड़ा था, इसलिए उनके मन में इजराइल को लेकर गहरी नफरत है और 1987 में जब हमास का निर्माण हुआ, तो वो उसमें फौरन शामिल हो गया। उसे दो इजराइली सैनिकों के अपहरण और हत्या की योजना बनाने और चार फिलिस्तीनियों की हत्या के आरोप में लगातार आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
शिन बेट के एक पूर्व अधिकारी माइकल कोबी, जिन्होंने जेल में सिनवार से 180 घंटे तक पूछताछ की थी, उन्होंने कहा, कि वह डराने और आदेश देने की अपनी क्षमता के लिए स्पष्ट रूप से अलग था। उन्होंने कहा, कि "जब मैंने उससे पूछा, कि उसने शादी क्यों नहीं की है, तो उसने मुझसे कहा, कि हमास ही मेरी पत्नी है, हमास मेरा बच्चा है। मेरे लिए हमास ही सब कुछ है।"
कोबी ने सिनवार को इजराइल के विनाश और यहूदियों की हत्या के लिए समर्पित बताया। वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने उसे "मनोरोगी" बताया है और कहा, कि "मुझे नहीं लगता कि वह वास्तविकता को जिस तरह से समझता है, वह ज्यादा तर्कसंगत और व्यावहारिक आतंकवादियों के समान है"।
सिनवार का इलाज करने वाले दांतों के डॉक्टर युवल बिट्टन ने कहा, कि इजरायली चिकित्सकों ने 2004 में सिनवार के मस्तिष्क से एक ट्यूमर निकाला था।












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