कोरोना से दुनियाभर में 20 लाख लोगों की मौत, वैक्सीन पर UN ने कहा- गरीब देशों की नहीं कर रहा कोई मदद
कोरोना से दुनियाभर में 20 लाख लोगों की मौत, वैक्सीन पर UN ने कहा- गरीब देशों की नहीं कर रहा कोई मदद
Coronavirus Death in World: कोरोना वायरस के कारण दुनियाभर में मरने वालों की संख्या 20 लाख हो गई। जोन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय द्वारा इकट्ठा किए गए मृत्यु संबंधी आंकड़े मक्का और वियना की आबादी के बराबर हैं। कोविड-19 से हुए मौत के ये आंकड़े दुनियाभर के सरकारी एजेंसियों द्वारा बताए गए हैं। कई देशों ने कोरोना महामारी पर काबू पाने के लिए वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत की है। लेकिन कमजोर और गरीब देशों में से कोरोना वैक्सीन को लेकर फिलहाल कोई भी अच्छी खबर नहीं है। गरीबों देशों के पास कोरोना वैक्सीन पहुंचने में दिक्कत हो रही है। जिसको लेकर संयुक्त राष्ट्र समर्थित ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। संयुक्त राष्ट्र (UN) महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने शुक्रवार (15 जनवरी) को कहा कि कोविड -19 से हुई 20 लाख वैश्विक मौत के "दिल को झकझोरने वाली' है। उन्होंने ये भी कहा कि वायरस के प्रति दुनियाभर के देश "एकजुटता विफल हो रही है"।
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संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा, "आज हम एक वैक्सीन वैक्यूम देख रहे हैं, कोरोना का टीका जल्दी से उच्च आय वाले देशों में पहुंच रहे हैं, जबकि दुनिया के सबसे गरीब लोगों के पास उनकी मदद के लिए कोई नहीं है।" संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा, हर देश के सरकारों का दायित्व है कि वे अपनी आबादी की रक्षा करें, लेकिन 'टीकाकरण' अभियान शुरू करके और अपने लोगों को वैक्सीन लगाकर आप ग्लोबली इस महामारी को नहीं हरा सकते है। उन्होंने कहा कि कोरोना वैक्सीन में प्राथमिकता उन लोगों को दी जानी चाहिए जो फ्रंटलाइन वर्कर हैं।
बता दें कि विशेषज्ञों का कहना है कि कम विकसित देशों में टीका अभी पहुंचा ही नहीं है। अभी भी कई ऐसे देश बाकी हैं, जहां कोरोना का वैक्सीन नहीं है। अमीर देशों में टीकाकरण अभियान तो चल रहा है लेकिन गरीब देशों में इस अभियान को चलाने में कई मुश्किलें हैं। गरीब देशों मेंकमजोर स्वास्थ्य प्रणाली, लचर परिवहन व्यवस्था, भ्रष्टाचार और टीके को फ्रीजर में रखने के लिए बिजली का अभाव जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
असल में कोरोना वैक्सीन की अधिकतर खुराक अमीर देशों ने खरीद ली हैं। दुनिया के विकासशील देशों में टीका पहुंचाने लिए शुरू की गई संयुक्त राष्ट्र समर्थित परियोजना कोवैक्स को टीके, धन और साजो-समान संबंधी समस्या से जूझना पड़ रहा है। इसी बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी कहा है कि दुनिया के 70 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य हासिल करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर हमने कुछ देशों में टीकाकरण कर भी दिया तो इसे संक्रमण से नहीं बचाया जा सकता है।












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