सिंगापुर में टॉप जासूसी एजेंसियों की सीक्रेट बैठक, रॉ के अधिकारी भी रहे मौजूद, क्यों जुटी जासूसों की मंडली?
सिंगापुर में सुरक्षा को लेकर शांगरी-ला डायलॉग का आयोजन किया गया था, जिसमें विश्व के 20 खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों की गुप्त बैठक की गई है।

Shangri-La Dialogue Spy Chiefs: सिंगापुर में दुनियाभर के 20 टॉप जासूसी खुफिया एजेंसियों की अनोखी बैठक हुई है, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन सहित दुनिया भर की 20 से ज्यादा खुफिया एजेंसियों के जासूसों ने भाग लिया है। (फोटो-शांगरी-ला डायलॉग- चीन और अमेरिका के रक्षा मंत्रियों की बैठक)
रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया की 20 से ज्यादा जासूसी एजेंसियों के जासूसी की ये बैठक काफी सीक्रेट थी और ये बैठक पिछले हफ्ते सिंगापुर में की गई है। जासूसी की ये बैठक सिंगापुर में होने वाले शांगरी-ला डायलॉग के समानांतर की गई है, जो एक उच्च-स्तरीय सुरक्षा सम्मेलन है।
शांगरी-ला डायलॉग, एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा के मुद्दों पर केंद्रित सम्मेलन है, जिसे 2002 से लंदन स्थित थिंक-टैंक इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज (IISS) द्वारा हर साल आयोजित किया जाता है।
शांगरी-ला डायलॉग में आम तौर पर भाग लेने वाले देशों के सुरक्षा और खुफिया प्रतिनिधियों के साथ-साथ प्रमुख पश्चिमी शक्तियों और क्षेत्रीय एशियाई शक्तियों के रक्षा मंत्री भाग लेते हैं। इस साल हुई बैठक में चीन और अमेरिका के रक्षा मंत्रियों ने इस बैठक में हिस्सा लिया है।
खुफिया अधिकारियों की बैठक
हालांकि, खुफिया अधिकारियों की एक अलग बैठक बंद दरवाजे के पीछे हुए है और इस बैठक का अस्तित्व क्या था और इसका एजेंडा क्या था, इसकी कोई जानकारी नहीं है और ना ही इस बैठक को लेकर कोई जानकारी दी गई है।
हालांकि, शनिवार को, रॉयटर्स समाचार एजेंसी ने "पांच स्रोतों" का हवाला देते हुए जासूसों के इस बैठक की जानकारी दी है और बताया है, कि ये बैठक 2 से 4 जून के बीच की गई है।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, सिंगापुर की सरकार ने इस बैठक का आयोजन काफी सावधानी के साथ आयोजित किया था और शिखर सम्मेलन के साथ एक अलग जगह पर जासूसों की इस बैठक का आयोजन किया गया था
आपको बता दें, कि जासूसों की ये बैठक हर साल होती है, लेकिन इनका खुलासा नहीं किया जाता है और कभी कभार ही मीडिया को भी इसकी जानकारी लग पाती है। माना जा रहा है, कि गुप्त बैठक में संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन और भारत जैसे देशों की लगभग दो दर्जन प्रमुख खुफिया एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं।
वहीं, एनडीटीवी की एक रिपोर्ट में भारतीय सूत्रों के हवाले से कहा गया है, कि भारत की विदेशी खुफिया जानकारी एकत्र करने वाली एजेंसी, रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के प्रमुख सामंत गोयल ने भी इस बैठक में भाग लिया है। वहीं, रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिका के खुफिया समुदाय का प्रतिनिधित्व नेशनल इंटेलिजेंस के निदेशक एवरिल हैन्स ने किया था।
रॉयटर्स की रिपोर्ट में इस बात का जिक्र नहीं है, कि रूसी खुफिया समुदाय ने इस कार्यक्रम में भाग लिया था या नहीं। कथित गुप्त बैठक के बारे में पूछे जाने पर, सिंगापुर रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि शांगरी-ला वार्ता में भाग लेने के दौरान, "खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों सहित प्रतिभागियों को भी अपने समकक्षों से मिलने का अवसर मिलता है।"
बैठक में क्या बात हुई, कोई जानकारी नहीं
एनडीटीवी के मुताबिक, जिन पांच स्रोतों ने खुफिया एजेंसियों के बीच की गई इस बैठक की पुष्टि की है, उन्होंने अपनी पहचान जाहिर करने से इनकार कर दिया है। वहीं, सिंगापुर में अमेरिकी दूतावास ने कहा, कि उसे बैठक के बारे में कोई जानकारी नहीं है। जबकि, चीनी और भारतीय सरकारों ने टिप्पणी के अनुरोधों का तुरंत जवाब नहीं दिया है।
संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड, जिन्होंने खुफिया जानकारियों को आपस में शेयर करने के लिए 'फाइव आइज' का गठनन किया हुआ है, उनके खुफिया अधिकारियों की अकसर मुलाकात होती रहती है।
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सूत्रों में से एक ने कहा, कि बैठक में कोई रूसी प्रतिनिधि मौजूद नहीं था। यूक्रेन के उप रक्षा मंत्री, वलोडिम्र वी. हैवरीलोव, शांगरी-ला वार्ता में थे, लेकिन उन्होंने कहा कि वह खुफिया बैठक में शामिल नहीं हुए हैं। वहीं, रूसी जासूस को लेकर कोई भी और जानकारी नहीं है। एक अन्य सूत्र ने कहा कि बैठक का लहजा सहयोगी था और बैठक तनावपूर्ण नहीं था।












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