दावोस वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम बना सेक्स का अड्डा, बिजनेस के बहाने अय्याशों की जुटी भीड़, जानें काला सच
दावोस वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में कई तरह के बड़े व्यापारिक फैसले लिए जाते हैं और पिछले साल इसमें पीएम मोदी और जो बाइडेन ने भी संबोधन दिया था। ये एक प्रतिष्ठित व्यापार मंच माना जाता है।

Sex and the Davos Summit: स्विट्जरलैंड के दावोस शहर में इन दिनों विश्व के बड़े बड़े आर्थिक विशेषज्ञ और नेता जुटे हैं, जो व्यापार पर बात कर रहे हैं, लेकिन एक रिपोर्ट के मुताबिक, बिजनेस पर बैठक के इतर दावोस में इन दिनों सेक्स वर्कर्स की डिमांड काफी ज्यादा बढ़ गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की बैठक के लिए दावोस में दुनिया के बड़े बड़े व्यापारिक अधिकारी और नेता जुटे हैं, लेकिन इस दौरान शहर में वेश्यावृति में भारी इजाफा हुआ है। ऐसे में आइए नजर डालते हैं, कि WEF की सालाना बैठक के दौरान सेक्स वर्कर्स की मांग कैसे बढ़ी है?

व्यापार समिट में सेक्स वर्कर्स की मांग
हर साल की तरह इस साल भी दावोस शहर में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की पांच दिवसीय शिखर सम्मेलन जारी है और इस दौरान दावोस में सेक्स वर्कर्स की मांग काफी ज्यादा बढ़ गई है। इस वार्षिक शिखर सम्मेलन में कई देशों के सरकारों के प्रमुख और बड़े बिजनेस लीडर्स जुटे हैं, जो जलवायु परवर्तन, खाद्य सुरक्षा जैसे मुद्दों पर बात करेंगे। लेकिन, स्विट्जरलैंड के एक न्यूज पेपर 20 मिनटन ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है, कि दावोस शिखर सम्मेलन जहां हो रहा है, उससे ठीक 100 मील की दूरी पर करने वाले एक सेक्स वर्कर एजेंसी ने कहा है, कि उन्हें भारी संख्या में ऑर्डर मिले हैं। मैनेजर ने बताया कि, पिछले हफ्ते 11 रिजर्वेशन और सेक्स वर्कर्स को लेकर 25 इनक्वायरी की गई है। मैनेजर ने न्यूज ऑउटलेट को बताया, कि उन्हें रात के खाने से लेकर सेक्स सर्विस तक को लेकर कई तरह के रिक्वेस्ट प्राप्त हुए हैं।

बिजनेस पर बात या अय्याशी?
डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, एजेंसी के मैनेजर ने बताया, कि "कुछ लोग होटल के सुइट में पार्टी करने के लिए अपने और अपने कर्मचारियों के लिए एस्कॉर्ट्स भी बुक कर रहे हैं।" Indy100 की रिपोर्ट में कहा गया है, कि एक सेक्स वर्कर को चार घंटे के लिए बुक करने के लिए, उसकी एस्कॉर्ट कंपनी लगभग 1,630 डॉलर चार्ज करती है, जबकि एक रात के लिए 2770 डॉलर चार्ज किया जाता है। वहीं, दावोस के पास एक होटल में रह रही जर्मनी की एक सेक्स वर्कर सलोमे बाल्थस ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान काम करने के अपने अनुभव को साझा करने के लिए ट्विटर का सहारा लिया। उन्होंने लिखा है, कि "स्विट्जरलैंड में (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम) के दौरान मिलने का मतलब है, कि होटल के गलियारे में सुबह 2 बजे तब सिक्योरिटी गार्ड्स की बंदूके देखना और उसके बाद उनके साथ रेस्टोरेंट्स जाना, और फिर अमीरों के बारे में गपशप करना।"

किस तरह के लोग लेते हैं सेवा?
हालांकि, सेक्स वर्कर सलोमे बाल्थस ने समाचार ऑउटलेट 20 मिनटन से बात करते हुए कहा, कि ये ऑर्डर्स बड़े राजनेताओं की तरफ से नहीं आते हैं। उन्होंने कहा, कि वर्ल्ड लीडर्स के पास ना तो इतना वक्त होता है और शायद ना ही इच्छा। वहीं, एक और सेक्स वर्कर ने एक जर्मन अखबार बिल्ड को बताया, कि उनका क्लाइंट एक अमेरिकी है, जो उन प्रतिनिधियों में से एक है, जो अमेरिका से आया है। डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, लियाना, जो एक घंटे के लिए करीब 760 डॉलर और पूरी रात के लिए 2,500 डॉलर चार्ज करती है, उन्होंने कहा, कि वह सम्मेलन में उपस्थित लोगों के साथ घुलने-मिलने के लिए प्रोफेशनल ड्रेस पहनती है।

दावोस में सेक्स वर्कर्स का जमघट
हालांकि, यह साफ नहीं है, कि इस साल कितने सेक्स वर्कर्स दावोस पहुंचे हैं, लेकिन ब्रिटेन के अखबार द टाइम्स की 2020 की एक जांच रिपोर्ट में पाया गया है, कि कम से कम 100 सेक्स वर्कर्स उस वक्त दावोस अलग अलग देशों से पहुंची थीं। टाइम्स ने अपनी 2020 की रिपोर्ट में दावा किया है, कि "ये सेक्सवर्कर्स प्रतिनिधियों के होटलों में और शहर के पर्यटन स्थलों के किनारे किसी बार में अपना व्यापार करती हैं।" टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में कई बड़े प्रोफेशनल्स से बातचीत करते हुए उनके हवाले ले लिखा था, कि "WEF सबसे खराब है, क्योंकि यहां उन्हें विशेषाधिकार प्राप्त होता है और यहां उनके लिए कोई असुरक्षा नहीं होती है।"
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स्विट्जरलैंड में वैध है सेक्स वर्क
स्विट्जरलैंड में 1940 के दशक से ही सेक्स वर्क को वैध किया जा चुका है। हालांकि, स्विट्जरलैंड में सेक्स वर्कर्स के शोषण को रोकने के लिए कानून हैं। वहीं, सेक्स वर्कर्स की वजह से अन्य समस्याओं को लेकर भी कानून बने हुए हैं। वहीं, वोज़ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, स्विटजरलैंड में, "स्ट्रैसेनस्ट्रिच" (रेड-लाइट डिस्ट्रिक्ट) नाम का एक एरिया भी है, जहां से सेक्स वर्कर्स को बुक किया जा सकता है। स्विट्जरलैंड में सेक्स वर्कर्स को रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होता है और उन्हें अपने हेल्थ की नियमित जांच करानी होती है। इसके साथ ही सेक्स वर्कर्स को स्विट्जरलैंड में सेक्स वर्कर्स को टैक्स भी भरना होता है, जिसका इस्तेमाल उनकी ही समस्याओं को सुलझाने में किया जाता है।

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में इस साल कौन कौन?
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में इस साल 130 देशों के 2700 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं, जिनमें 600 से ज्यादा सीआओ और 50 से ज्यादा अलग अलग देशों के राष्ट्राध्यक्ष या उनके प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। इस साल शिखर सम्मेलन में यूरोपीय संघ आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन, चीन के उप-प्रधानमंत्री लियू हे, अमेरिकी जलवायु एबेंसडर जॉन केरी, दक्षिण कोरिया के नए राष्ट्रपति यून सुक येओल, कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो और फिलीपींस के प्रमुख फर्डिनेंड "बोंगबोंग" मार्कोस भी शामिल हैं। वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमीर जेलेंस्की की पत्नी ओलेना ज़ेलेंस्का ने भी दावोस शिखर सम्मेलन में भाग लिया है। हालांकि, इस साल वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, यूके के प्रधानमंत्री ऋषि सनक, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने भाग नहीं लिया है।












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