सऊदी अरब में बना नया कानून, अब तलाक होने पर महिलाओं को नोटिफिकेशन के जरिए मिलेगी जानकारी!

रियाद। सऊदी अरब में एक नया कानून बनाया गया है और इस कानून के तहत तलाक होने पर महिलाओं को एक नोटिफिकेशन के जरिए इत्तिला दी जाएगी। यह कानून यहां की महिलाओं की शादी उनकी बिना जानकारी के अचानक टूटने से बचाने के लिए बनाया गया है। सऊदी सरकार की ओर से रविवार को इस बारे में बताया गया है। रविवार से यह‍ नया कानून प्रभावी हो गया है। इस नए कानून को सऊदी अरब में गुपचुप हो जाने वाले तलाक को खत्‍म करने और महिलाओं को उनकी शादीशुदा जिंदगी के बारे में पूरी तरह से जागरुक रखने के मसले से बनाया गया है ताकि वे तलाक के बाद मिलने वाली एलिमनी जैसे अधिकारों से वंचित न रहें।

नए कानून का क्‍या है मकसद

नए कानून का क्‍या है मकसद

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्‍मद बिन सलमान ने देश में म‍हिलाओं को और ज्‍यादा अधिकार देने शुरू किए हैं। तलाक पर बना यह नया कानून इसका ही हिस्‍सा है। सऊदी अरब को एक रुढ़‍िवादी देश माना जाता है। पिछले वर्ष देश में महिलाओं की ड्राइविंग पर लगा बैन हटाया गया है। सऊदी अरब सरकार के न्‍यायिक मंत्रालय की वेबसाइट पर नए कानून के बारे में बताया गया है। वेबसाइट पर लिखा है, 'सऊदी कोर्ट्स की ओर से डिवोर्स नोटिफिकेशन भेजी जाएंगी। यह‍ एक ऐसा कदम है जो महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के मकसद से उठाया गया है।' इस नोटिफिकेशन के बाद महिलाएं मिनिस्‍ट्री की वेबसाइट पर अपनी मैरेटियल स्‍टेटस पता कर सकती हैं या फिर संबंधित कोर्ट जाकर डिवोर्स पेपर्स की कॉपी हासिल कर सकती हैं।

कानून सिर्फ एक छोटा कदम

कानून सिर्फ एक छोटा कदम

दुनिया भर में अधिकारों के लिए लड़ाई करने वाले ग्रुप इक्विलिटी नाउ के सौद अबु-दायेह का कहना है, 'बहुत से अरब देशों में पुरुष अपनी पत्नियों को बिना मतलब के ही तलाक दे डालते हैं।' उन्‍होंने कहा कि कम से कम महिलाओं को तो इस बात की जानकारी होनी चाहिए न कि उन्‍हें तलाक मिला है या नहीं। यह नया कानून बहुत छोटा कदम है लेकिन यह सही दिशा में उठाया गया कदम है। वहीं वह यह भी कहती हैं कि तलाक के बारे में पता लगा जाने का मतलब यह नहीं है कि महिला को एलिमनी मिल सकेगी या फिर उन्‍हें बच्‍चों की कस्‍टडी हासिल हो सकेगी।

लेकिन अभी चाहिए और आजादी

लेकिन अभी चाहिए और आजादी

हाल के कुछ वर्षों में सऊदी अरब में महिलाओं के लिए बने नियमों में ढील दी गई है। यहां पर पहली बार महिलाओं को किसी स्‍टेडियम के अंदर जाने को मिला है, स्‍थानीय चुनावों में उन्‍हें वोट डालने का मौका मिला और साथ साथ ऑफिसों में भी अब वह बड़ा रोल अदा कर रही हैं। लेकिन कई सऊदी महिलाओं ने और ज्‍यादा आजादी की मांग की है। उन्‍होंने देश में महिलाओं के लिए बने कड़े ड्रेस कोड का विरोध किया है जिसमें उन्‍हें सार्वजनिक स्‍थलों पर अबाया पहनना पड़ता है जो उनके पूरे शरीर को ढक देता है।

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