क्या अपने ऐतिहासिक निर्णय को पलटेगी US की सर्वोच्च अदालत? महिलाएं अबॉर्शन का क्यों कर रहीं समर्थन?
नई दिल्ली, 16 जुलाई। अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट के एक विचार मसौदे के लीक होने के बाद वहां विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। महिलाएं सड़कों को उतरकर अपना खुद अबॉर्शन के अधिकार की मांग कर रही हैं। आखिर महिलाओं को अबॉर्शन के समर्थन में सड़कों पर क्यों उतरना पड़ रहा है? आइए जानते हैं कि क्या वास्तव में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट अपने 49 साल पुराने निर्णय को पलटने की तैयारी में है?

अमेरिका में गर्भपात स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया
अमेरिका में स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने लिए गर्भपात एक नियमित प्रक्रिया के तौर पर अपनाया जाता है। जिसका उपयोग यहां आम हो चुका है। चार में से एक महिला इसे नियमित रूप से अपनाती है।

80 प्रतिशत अमेरिकी करते हैं गर्भपात का समर्थन
यह बात सामने आई है कि अमेरिका के 80 प्रतिशत नागरिकों ने इसका समर्थन किया है। साल 2021 में किए गए सर्वेक्षण में इस बात कि पुष्टि की जा चुकी है। जबकि 60 प्रतिशत लोगों ने रो बनाम वेड मामले में दिये गए फैसले का समर्थन किया है।

महिलाएं अबॉर्शन का क्यों कर रही समर्थन
यूएस में उच्चतम न्यायालय के एक विचार मसौदे के लीक होने के बाद वहां कयासों का बाजार गर्म है। कहा जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के 1973 के रो बनाम वेड मामले में दिये गए ऐतिहासिक निर्णय पर अब विराम लगाने की तैयारी है। उच्चतम न्यायालय के एक विचार मसौदे के लीक होने के बाद वहां विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। महिलाएं स्वयं सड़कों पर निकलकर अपने अधिकार को मांग रही हैं। उनका कहना है उनका शरीर उनकी प्रॉपर्टी है और उन्हें गर्भपात संबंधी कानूनी अधिकार मिलने चाहिए।

मेरा शरीर और अबॉर्शन मेरा अधिकार
अमेरिकी में महिलाएं अपने स्वास्थ्य के लिए अबॉर्शन को आवश्यक मानती है। सर्वे में ये तथ्य सामने आए हैं कि चार में एक से महिला नियमित रुप से गर्भपात का समर्थन करती है। वे इसे अपना अधिकार मानती हैं। अमेरिका में इसके समर्थन में महिलाएं सड़कों पर उतर कर विरोध दर्ज करा रही हैं। उनका कहना है कि उनके शरीर पर उनका अधिकार है। ऐसे में उन्हें उनके स्वास्थ्य के हित में अबॉर्शन से रोका जाना उचित नहीं है।

क्या 49 साल पुराने फैसले को पलटेगी अमेरिकी अदालत?
साल 1973 में अमेरिका की सर्वोच्च अदालत ने रो बनाम वेड मामले में निर्णय दिया था। जिसके बाद महिलाओं को गर्भपात का अधिकार मिला। लेकिन अब कथित रूप से ये बात सामने आ रही है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अपने पुराने आदेश को लेकर एक अंतरिम मसौदा रिपोर्ट तैयार की है। जिसके लीक होने के बाद वहां बवाल मचा है। हलांकि अभी ये तय नहीं हो पाया है कि अदालत इस विचार मसौदे पर कहां तक पहुंची है? इस विचार मसौदे में अमेरिका की जन्मदर पर विचार किया जा रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो सुप्रीम कोर्ट गर्भपात लेकर कोई सख्त नियम लाने की तैयारी में है।

आदेश खत्म होने पर लागू होंगे नए नियम
रो बनाम वेड मामले में जुड़ा आदेश खत्म होने से पहले ही नए कानून को लेकर तैयारी की जा रही है। अमेरिका की रिपब्लिकन पार्टी की ओर से कहा जा रहा है कि पार्टी के सांसद गर्भपात पर प्रतिबंध को लेकर कानून की रणनीति बना रहे हैं। देश में 6 हफ्ते बाद गर्भपात पर पाबंदी की बात की जा रही है। वहीं अबॉर्शन की आलोचना करने वालों को मनना है कि ये एक नई शुरुआत होगी।

अमेरिका में जन्म दर पर पड़ेगा असर
सुप्रीम कोर्ट अगर रो बनाम वेड मामले में दिये गए आदेश को खत्म कर देता है तो इसका अमेरिका पर काफी असर पड़ेगा। यहां जन्मदर में वृद्धि होगी। इसके साथ ही दुनिया में गर्भपात के विरोध में उठ रही आवाजों को बल मिलेगा। अमेरिका के 16 राज्य और डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया में गर्भपात अधिकारों के संरक्षण के लिए कानून बनाए गए हैं। जबकि माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अमेरिका के आधे राज्य गर्भपात पर तत्काल प्रतिबंध लगा देंगे।
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