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क्या अपने पद से इस्तीफ़ा देंगे मार्क ज़करबर्ग?

By Bbc Hindi
मार्क ज़करबर्ग
MLADEN ANTONOV/AFP/Getty Images
मार्क ज़करबर्ग

फ़ेसबुक को लेकर जारी विवादों के बीच कंपनी के संस्थापक मार्क ज़करबर्ग ने कहा है कि कंपनी को चलाने के लिए वही सबसे बेहतर व्यक्ति हैं.

बुधवार को ज़करबर्ग ने कॉन्फ्रेंस कॉल के ज़रिए संवाददाताओं से बात की. उन्होंने कहा, "जब आप फ़ेसबुक जैसी कोई चीज़ बना रहे होते हैं जो अभूतपूर्व है, तो कभी-कभी गड़बड़ियां हो जाती हैं. मुझे लगता है कि अगर हम अपनी ग़लतिय़ों से सीख रहे हैं तो लोगों को हमें जवाबदेह बनाना चाहिए."

मार्क ज़करबर्ग फ़ेसबुक के संस्थापक के साथ-साथ कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और बोर्ड के चेयरमैन भी हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या कंपनी में उनके पद को लेकर भी चर्चा हुई है तो उन्होंने कहा, "मेरी जानकारी में तो नहीं!"

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KIRILL KUDRYAVTSEV/AFP/Getty Images
फ़ेसबुक

आज से महीने भर पहले भी कुछ लोगों ने कंपनी के नेतृत्व पर सवाल खड़े किए होंगे. लेकिन हाल में थर्ड पार्टी द्वारा फ़ेसबुक यूज़र के डेटा चोरी से संबंधित रिपोर्ट और साथ ही फ़ेक न्यूज़ और राजनीति के लिए प्रचार को लेकर आई ख़बरों के बाद कई लोग कंपनी का नेतृत्व के रूप में ज़करबर्ग की काबिलियत पर सवाल खड़े कर रहे हैं. उन्हें लगता है कि ये कंपनी अब ज़करबर्ग के नियंत्रण से बाहर हो गई है.

'किसी के प्रति जवाबदेह नहीं'

न्यूयॉर्क सिटी पेंशन फंड के प्रमुख स्कॉट स्ट्रिंगर ने इस सप्ताह कहा कि ज़करबर्ग को अपना पद छोड़ देना चाहिए. इस फ़ंड के पास कंपनी की लगभग 1 अरब डॉलर की हिस्सेदारी है.

उन्होंने सीएनबीसी को बताया, "उनके पास दो अरब यूज़र्स हैं."

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मार्क ज़करबर्ग
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मार्क ज़करबर्ग

स्कॉट स्ट्रिंगर कहते हैं, "वो फ़िलहाल मुश्किल स्थिति में हैं और उन्होंने खुद को ऐसे नहीं संभाला कि लोगों को फ़ेसबुक के बारे में अच्छा लगे और वो अपने डेटा को लेकर निश्चिंत रह सकें."

उन्होंने ज़करबर्ग से अपील की कि वो अपने पद से इस्तीफ़ा दें ताकि फ़ेसबुक "अपना सम्मान वापिस पाने के लिए अपना दूसरा अध्याय शुरू कर सके."

फ़ेलिक्स सैलमन लिखते हैं, "वो मात्र ऐसी कंपनी का नेतृत्व नहीं कर रहे जो धरती पर मौजूद लगभग सभी इंसान से जुड़ी है, बल्कि आर्थिक तौर पर वो इतने धनवान हैं कि उनके पास सबसे अधिक शेयरहोल्डर वोट हैं और इस कारण बोर्ड में उनकी कही बात का वज़न होता है. ऐसे में वो किसी के प्रति ज़िम्मेदार नहीं हैं."

"बोर्ड का गठन ही कुछ इस प्रकार है कि उन्हें निकाला नहीं जा सकता, वो इस्तीफ़ा दे दें तो बात और है. और मुझे लगता कि उन्हें ऐसा ही करना चाहिए."

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EPA/FACUNDO ARRIZABALAGA
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नकारात्मक प्रचार का कोई असर नहीं

33 साल के मार्क ज़करबर्ग ने जैसा सोचा था उनकी कॉन्फ्रेंस कॉल वैसी ही थी. एक समय उन्होंने ये भी कहा कि वो अधिक समय लेकर सवालों के जवाब देना चाहते हैं.

उनके जवाबों से हमें फ़ेसबुक के बारे में चल रहे नकारात्मक प्रचार और 'डिलीट फ़ेसबुक' (#DeleteFacebook) अभियान के असर के बारे में अधिक पता चला. और बात ये है कि अब तक इन अभियानों का कुछ ख़ास असर नहीं पड़ा है.

उन्होंने कहा, "हमारी जानकारी में इसका कोई ख़ास असर नहीं पड़ा है. लेकिन ये अच्छा नहीं है!"

कॉल के दौरान इस बात का पता नहीं चला कि बंद कमरे में ज़करबर्ग की टीम उनका कितना मार्गदर्शन कर रही है. लेकिन एक ऐसे व्यक्ति जिसकी आलोचना सहानुभूति की कमी के लिए की जाती रही हो, उसका एक घंटे तक बात करते रहना बताता है कि वो वाकई में मज़बूती से अपनी ज़िम्मेदारी निभाना चाहते हैं. कंपनी के निवेशकों ने ऐसा सोचा होगा. इसीलिए कॉल के बाद कंपनी के शेयर में 3 फ़ीसदी की बढ़त दर्ज की गई.

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केम्ब्रिज एनालिटिका का दफ्तर
EPA/TOLGA AKMEN
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अगले सप्ताह उनकी मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं. उन्हें कंपनी की ओर से दलील पेश करने के लिए वॉशिंगटन जाकर अमरीकी कांग्रेस के सामने पेश होना होगा. यहां पर कैमरे के सामने उन्हें अपनी बात कहनी होगी.

कैंम्बिज एनालिटीका का प्रकरण

संवाददाताओं के लिए आयोजित ये कॉन्फ़्रेंस कॉल स्टेज पर जाने से पहले की ड्रेस रिहर्सल के समान थी.

आने वाली महीनों में जैसे-जैस जांच बढ़ेगी ज़करबर्ग के नेतृत्व के संबंध में हालात नाटकीय अंदाज़ में बदल सकते हैं, ख़ास कर तब जब फ़ेडेरल ट्रेड कमीशन इस बात की जांच करेगी कि फ़ेसबुक ने किस प्रकार यूज़र डेटा को अपने पास रखा.

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व्हिसलब्लोअर क्रिस्टोफ़र वाइली
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अगर ये पाया जाता है कि कंपनी अपनी ज़िम्मेदारी ठीक से निभा नहीं पाई है तो कंपनी पर बड़ा जुर्माना लगाया जा सकता है जिस कारण कंपनी पर अपने नेतृत्व में बदलाव करने का दवाब पड़ सकता है.

अब तक लगे सभी आरोपों और अपने फ़ैसलों के संबंध में सफाई देने के बाद ज़करबर्ग ने संवाददाताओं को बताया कि कैंम्बिज एनालिटिका प्रकरण के चलते किसी को कंपनी से बाहर का रास्ता नहीं दिखाया गया है.

सारी ज़िम्मेदारियां उन्हीं पर आ कर रुक जाती हैं और हमें लगता है कि शायद आने वाले वक्त में ऐसा ही हो.

BBC Hindi
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English summary
Will Mark Zuckerberg resign from his post
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