क्या इजरायल में होगी बेंजामिन नेतन्याहू की वापसी? इलेक्शन से पहले सर्वे में कौन किसपर भारी?

इजरायल में नेफ्ताली बेनेट की सरकार में आठ अलग अलग पार्टियां शामिल थीं और सबसे दिलचस्प बात ये थी कि धूर दक्षिणपंथी नेता नेफ्ताली बेनेट ने वामपंथी पार्टी और मुस्लिम पार्टी तक से समर्थन लिया था।

तेल अवीव, जून 21: इजरायल के प्रधानमंत्री नेफ्ताली बेनेट ने सोमवार शाम देश में अगला चुनाव करवाने की और इजरायली संसद केसेट को भंग करने के लिए अगले हफ्ते विधेयक लाने की घोषणा कर दी है। जिसके मुताबिक, 25 अक्टूबर को अब इजरायल में फिर से चुनाव करवाए जाने का प्रस्ताव पेश किया जाएगा। वहीं, इजरायल मे होने वाले चुनाव से पहले इजरायली मीडिया 103 एफएम की तरफ सर्वे प्रसारित किया गया है, कि देश में किसकी सरकार बन सकती है,या फिर इजरायल में एक बार फिर से किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत हासिल नहीं होगा?

इजरायल में सरल नहीं है चुनाव

इजरायल में सरल नहीं है चुनाव

इजरायल में नेफ्तानी बेनेट की सरकार आठ पार्टियों के गठबंधन से बनी थी और विपक्ष में बेंजामिन नेतन्याहू थे, जो सबसे ज्यादा समय तक इजरायल के प्रधानमंत्री रह चुके हैं और उनकी पार्टी को चार अन्य पार्टियों का समर्थन हासिल है। लिहाजा, 120 संसदीय सीट वाले इजरायली संसद में एक एक सीट के लिए कितना कठिन समीकरण बनता होगा, ये आसानी से समझा जा सकता है और यही वजह है, कि पिछले साढ़े तीन साल में इजरायल में चार चुनाव हो चुके हैं और एक भी स्थिर सरकार नहीं बनी है। नेफ्ताली बेनेट, जो खुद कभी बेंजामिन नेतन्याहू के करीबी सहयोगी रह चुके हैं, उन्होंने सात और पार्टियों के साथ सरकार भले ही बनाई थी, लेकिन सरकार बनते वक्त ही लग गया था, कि ये सरकार ज्यादा दिनों तक चलने वाली नहीं है, क्योंकि उस सरकार को वामपंथी और अरब पार्टियों का भी समर्थन हासिल था।

चुनाव पूर्व सर्वे क्या कहता है?

चुनाव पूर्व सर्वे क्या कहता है?

इजरायल की 103 एफएम ने चुनावी सर्वेक्षण के जरिए इजरायल में संभावित सरकार का एक चेहरा बनाने की कोशिश की है, जिसमें पता चला है कि, अगर फिर से चुनाव हुए, तो फिर से इजरायल में कोई भी पार्टी अपने दम पर चुनावी बहुमत तक नहीं पहुंच पाएगी। यानि, किसी भी ब्लॉक के लिए एक स्थिर सरकार बनाना और 61 सीटों के जादुई आंकड़े तक पहुंचना आसान नहीं है।

क्या कहते हैं सर्वेक्षण के नतीजे?

क्या कहते हैं सर्वेक्षण के नतीजे?

103 एफएम द्वारा किए गये सर्वे में बता चलता है कि, बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी एक बार फिर से इजरायल में सबसे ज्यादा सीटों वाली पार्टी बन सकती है और उसे पिछले चुनाव के मुकाबले एक सीट ज्यादा मिलने की उम्मीद है। पिछले चुनाव में नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को 36 सीटें मिली थीं और सर्वे के मुताबिक, इस बार लिकुड पार्टी को 37 सीटें मिल सकती हैं। वहीं, इजरायल के मौजूदा विदेश मंत्री यैर लैपिड की यश अतीद पार्टी को 20 सीटें मिल सकती हैं। वहीं, चुनावी सर्वेक्षण में पता चला है कि, इजरायल में एक और पार्टी जो लगातार अपना जनाधार बढ़ा रही है, वो है बेज़ेल स्मोट्रिच और इतामार बेन-ग्विर की धार्मिक ज़ियोनिस्ट पार्टी, जो मतदान में 10 सीटों के दोहरे अंकों के आंकड़े तक पहुंचती दिखाई दे रही है, जिसने पिछले चुनाव में भी 9 सीटें हासिल की थीं।

बाकी पार्टियों को कितनी सीटें?

बाकी पार्टियों को कितनी सीटें?

सर्वेक्षण से यह भी पता चलता है कि एक और पार्टी 'ब्लू और व्हाइट' पिछले चुनाव की तरह ही प्रदर्शन करने वाली है और आठ सीटें हासिल करेगी, वहीं लेबर पार्टी को सात सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। वहीं, एक और राजनीतिक पार्टी 'शास' को 2 सीटें कम मिलने का अनुमान लगाया गया है और उसे 7 सीटें मिल सकती हैं, जबकि यूनाइटेड टोरा यहूदीवाद को इस चुनाव में 6 सीटें मिल सकती हैं। वहीं, इजरायल के निवर्तमान प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट की यामिना पार्टी को इस बार सात सीटें हासिल हो सकती हैं। वहीं, एविग्डोर लिबरमैन के इज़रायल बेयटेनु पार्टी को 2 सीटों के नुकसान के साथ पांच सीटें मिल सकती हैं। वहीं, 'रा'म' और 'न्यू होप' पार्टी को 4-4 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है।

संसद मे कौन सा गठबंधन हो सकता है आगे?

संसद मे कौन सा गठबंधन हो सकता है आगे?

103 एफएम की सर्वे में अनुमान लगाया गया गया है कि, विपक्षी नेता बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाले दक्षिणपंथी ब्लॉक को 59 सीटें प्राप्त करने की भविष्यवाणी की गई है। यानि बहुमत हासिल करने के सबसे करीब बेंजामिन नेतन्याहू ही हो सकते हैं, लेकिन अभी भी उन्हें 2 सीटें और कम होंगी। वहीं, नेफ्ताली बेनेट और यैर लैपिड ब्लॉक को 55 सीटें मिल सकती हैं, जिसका अर्थ है कि किसी भी ब्लॉक में 61 सीटों वाली बहुमत वाली सरकार बनाने की क्षमता नहीं है।

इजरायली संसद का गणित समझिए

इजरायली संसद का गणित समझिए

इजरायल की सरकार में आठ अलग अलग पार्टियां शामिल थीं और सबसे दिलचस्प बात ये थी कि धूर दक्षिणपंथी नेता नेफ्ताली बेनेट ने वामपंथी पार्टी और मुस्लिम पार्टी तक से समर्थन लिया था। इजरायल की संसद में 120 सीटे हैं। जिसमें सबसे ज्यादा सीटें 12 साल तक प्रधानमंत्री रहे बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी की है। लिकुड पार्टी के पास संसद में 36 सीटे हैं। लेकिन वो बहुमत से काफी दूर हैं। दूसरे नंबर पर मध्यमार्गी पार्टी येर लेपिड की येश एडिट पार्टी है जिनके पास 17 सांसद हैं। ऐसे में देश में सरकार बनाने के लिए 61 सीटों की जरूरत है। देश के प्रधानमंत्री नेफ्टाली बेनेट की पार्टी के पास सिर्फ 7 सीटें हैं। वहीं, मुस्लिमों की रा'म पार्टी के नेता मंसूर अब्बास ने भी सरकार बनाने में अपना समर्थन दिया हुआ था। नई सरकार बनाने के लिए जो समझौता हुआ था, उसके अनुसार सितंबर 2023 तक नेफ्ताली बेनेट प्रधानमंत्री रहने वाले थे और उसके बाद नवंबर 2025 तक लेपिड प्रधानमंत्री बनने वाले थे।

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