ईरान और अजरबैजान में शुरू हो सकता है युद्ध, यूक्रेन के बाद एक और जंग में फंस सकती है दुनिया
युद्ध की स्थिति में अजरबैजान को इजरायल के अलावा तुर्की और पाकिस्तान से भी हथियारों की सप्लाई हो सकती है, जो ईरान के लिए बहुत बड़ा टेंशन है। जबकि, ईरान ऐसी स्थिति में विकल्पहीन हो जाएगा।

Azerbaijan-Iran tensions Esclates: पिछले सवा साल से दुनिया यूक्रेन युद्ध की आग को बुझाने में नाकाम रही है और अब ऐसा लग रहा है, कि विश्व में एक और युद्ध छिड़ सकता है।
हाल के महीनों में ईरान और अजरबैजान के बीच का तनाव लगातार बढ़ रहा है, और तनाव बढ़ाने वाली घटनाओं में अब हर हफ्ते इजाफा होने लगा है।
ये विवाद उस वक्त और बढ़ गया है, जब अजरबैजान ने ईरान के चार डिप्लोमेट्स को देश से निष्कासित कर दिया और उसके बाद ईरान की तरफ से भी जवाबी कार्रवाई की धमकी दी गई।
इसके अलावा, अजरबैजान ने अपने ही 6 नागरिकों को तख्तापलट की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार किया है और आरोप लगाया है, कि ये सभी लोग ईरान की जासूसी एजेंसियों से जुड़े थे और य सभी कैस्पियन राष्ट्र में तख्तापलट की साजिश रच रहे थे। अजरबैजान का ये आरोप कोई नया नहीं है और इससे पहले भी कई गिरफ्तारियों में ईरान की गुप्त एजेंसियों पर तख्तापलट में शामिल होने का आरोप लगाया गया है।
ईरान के दुश्मन तुर्की का करीबी है अजरबैजान
ईरान के ऐतिहासिक प्रतिद्वंद्वी तुर्की के करीबी सहयोगी अज़रबैजानी राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने जनवरी के अंत में राजधानी बाकू में तेहरान में स्थिति अज़रबैजानी दूतावास पर हमला करने का जिम्मेदार सीधे तौर पर ईरान को ठहराया। इस हमले में अजरबैजान दूतावास के सिक्योरिटी प्रमुख की मौत और दो सुरक्षाकर्मी घायल हो गये थे।
हालांकि, ईरान की तरफ से कहा गया, कि ये काम निजी बंदूकधारी का था और ईरान सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं है, लिहाजा इस घटना की वजह से दोनों देशों के बीच के राजनयिक संबंध प्रभावित नहीं होने चाहिए, लेकिन अजरबैजान के राष्ट्रपति अलीयेव ने इसे "आतंकवादी" घटना बताया और हमले की निंदा करते हुए तेहरावन में अपने दूतावास को बंद कर दिया।

इसके साथ ही, अजरबैजान ने ईरान की यह कहकर आलोचना की, कि नागोर्नो-काराबाख में उसके और अर्मोनिया के बीच दशकों से चल रहे संघर्ष में ईरान अर्मोनिया का साथ दे रहा है।
दूसरी तरफ ईरान, जहां लाखों तुर्क-भाषी जातीय अजरबैजानी रहते हैं, उसने लंबे समय से अजरबैजान पर अपनी उत्तर-पश्चिमी सीमा के भीतर अलगाववादी भावना भड़काने का आरोप लगाया है।
इजरायल की वजह से बढ़ रहा विवाद
लेकिन द्विपक्षीय संबंधों में विवाद के सभी बिंदुओं के बावजूद, शायद अज़रबैजान और इज़राइल के बीच तेजी से बढ़ते रिश्ते ने ईरान को सबसे ज्यादा चिढ़ाया है।
ईरान काफी लंबे वक्त से अजरबैजान को इजरायल के साथ गहरी होती दोस्ती को लेकर चेतावनी दे रहा है, लेकिन ईरान का गुस्सा सातवें आसमान पर उस वक्त पहुंच गया, जब अजरबैजान के शीर्ष राजनयिकों ने इजरायील अधिकारियों के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए ईरान के खिलाफ एक 'संयुक्त मोर्चा' बनाने का ऐलान कर दिया। ये ऐलान पिछले महीने किया गया था और इसके बाद से दोनों देशों के बीच की भड़काऊ बयानबाजी काफी बढ़ गई है।

इसके साथ ही, अजरबैजान ने इजरायल में पहली बार अपने राजदूत की नियुक्ति भी इजरायल में कर दी है और इस कार्यक्रम में शिरकत करने अजरबैजान के विदेश मंत्री ने खुद इजरायल की राजधानी तेल अवीव का दौरा किया था।
इजरायल के साथ अजरबैजान की इस नई दोस्ती को ईरान ने अपनी सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा माना है और ईरान की संसद में ज्यादातर राजनेताओं ने भी अजरबैजान के इस कदम की निंदा की है।
एक बयान में कहा गया, कि "दुनिया के मुसलमान अजरबैजान को उत्पीड़ित फिलिस्तीनियों के खिलाफ हत्या और अपराधों में ज़ायोनी शासन का साथी मानेंगे"।

इजरायल और अजरबैजान में दोस्ती की वजह?
तेहरान स्थित काकेशिया और मध्य एशिया के विश्लेषक वली कालेजी के मुताबिक, अज़रबैजान और इज़राइल के बीच बढ़ते संबंधों के पीछे कई कारण और उद्देश्य हैं, जिनमें से सभी सीधे ईरान से जुड़े नहीं हैं।
अलजजीरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राजनीतिक रूप से, अज़रबैजान को पश्चिम में, विशेष रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका में अर्मेनियाई प्रभाव का मुकाबला करने के लिए एक यहूदी लॉबी की आवश्यकता है, जबकि आर्थिक रूप से, अजरबैजान इजरायल को तेल की आपूर्ति भी करता है।
कालेजी ने कहा, कि "सैन्य सुरक्षा के लिहाज से, अजरबैजान गणराज्य जानता है, कि अमेरिका में अर्मोनिया के प्रभाव का मुकाबला करने के लिए, और यूरोपीय देशों से हथियार हासिल करने के लिए, उसे एक मजबूत यहूदी लॉबी की जरूरत है, और इजरायल इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।"
ऐसी स्थिति में, अजरबैजान के पास हथियारों की सप्लाई करने वाले तीन देश हो जाते हैं, इजरायल, तुर्की और पाकिस्तान। लिहाजा, ईरान इस गठबंधन को सुरक्षा के लिहाज से अपने खिलाफ मानता है।

क्या युद्ध की तरफ बढ़ रहे दोनों देश?
बाकू और तेहरान के बीच तनाव सैन्य तनाव तेजी से बढ़ता जा रहा है और दोनों ही देशों ने सैन्य मांसपेशियों को खींचना शुरू कर दिया है।
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और ईरान की सेना, दोनों ने देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में और अजरबैजान की सीमा के पास लगातार कई उच्च स्तरीय युद्धाभ्यास आयोजित किए हैं, जिसमें जमीन और हवाई क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया है।
सबसे गंभीर मामला पिछले साल अक्टूबर में आया था, जब IRGC ने पहली बार अरास नदी के एक हिस्से पर पोंटून पुल का निर्माण किया, जो ईरान और अजरबैजान के बीच लंबी सीमा के कुछ हिस्सों को चिन्हित करता है।
कुछ दिनों के बाद, ईरान के विदेश मंत्री होसैन अमीरबदोल्लाहिया एक वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन करके और अर्मेनियाई सुरक्षा को ईरानी सुरक्षा के समान घोषित करके के मकसद से, अज़रबैजान और तुर्की को एक और सीधा संदेश भेजने के लिए अर्मेनिया के दक्षिणी प्रांत स्युनिक का दौरा भी किया।
कालेजी ने कहा, कि "हालांकि हाल के तनाव बहुत गंभीर हैं, लेकिन ऐसे कई कारक हैं, जो सैन्य संघर्ष को रोक सकते हैं, जिसमें आर्थिक और व्यापार पर परस्पर निर्भरता, ईरान, अजरबैजान और रूस के बीच पारगमन मार्ग और नखचिवन तक पहुंचने के लिए ईरान के संचार मार्ग पर अजरबैजान की निर्भरता भी शामिल है।"
उन्होंने यह भी बताया, कि तेहरान में दूतावास बंद होने के बावजूद बाकू में ईरानी दूतावास और नखचिवन में वाणिज्य दूतावास खुले हुए हैं। इसके अलावा ईरान के तबरेज़ में अज़रबैजानी वाणिज्य दूतावास अभी भी चल रहे हैं।
वहीं, तुर्की और रूस, जो यूक्रेन युद्ध के बाद तेजी से ईरान के करीब बढ़ रहे हैं, वो दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा सकते हैं।
लिहाजा, फिलहाल इस बात की उम्मीद थोड़ी कम है, कि दोनों देश युद्ध के मैदान में जा सकते हैं, लेकिन युद्ध नहीं ही होगा, इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।
-
Strait of Hormuz में आधी रात को भारतीय जहाज का किसने दिया साथ? हमले के डर से तैयार थे लाइफ राफ्ट -
Pakistan Petrol Diesel Price: कंगाल पाकिस्तान में ₹335 का पेट्रोल! कितने रुपए में मिल रहा है एक LPG सिलेंडर -
Iran War Impact: क्या महंगे होंगे पेट्रोल-डीजल और LPG सिलेंडर? संसद में PM मोदी ने दिया बड़ा अपडेट -
US Iran War: ईरान ने की Trump की घनघोर बेइज्जती, मिसाइल पर फोटो, लिखी ऐसी बात कि लगेगी मिर्ची- Video -
US-Iran War में फंसे Trump! “न जीत पा रहे, न छोड़ पा रहे जंग”, Ex CIA चीफ ने दिए अमेरिका की हार के बड़े संकेत! -
Iran US war updates: तेहरान के कई हिस्सों में धमाके; IEA चीफ ने दी वार्निंग, 10 बड़े अपडेट्स -
VIDEO: हर तरफ आग ही आग! इजरायल में ऐसा खौफ पहले कभी नहीं देखा! 17 साल के लड़के ने बताई कयामत की रात की आपबीती -
Hormuz Crisis: ईरान के खिलाफ 20 मजबूत देशों ने खोला मोर्चा, दे दी बड़ी चेतावनी, अब क्या करेंगे मोजतबा खामेनेई -
Iran Hormuz Toll Plan: होर्मुज के बहाने ईरान करेगा दुनिया को ब्लैकमेल? टोल वसूली के बाद अगला प्लान तैयार -
Air India Crisis: मिडिल ईस्ट जंग का असर! 2,500 फ्लाइट कैंसल, सिर्फ 30% ऑपरेशन—यात्रियों पर पड़ेगा बड़ा असर -
US-Iran War के बीच सऊदी का पलटवार! 5 ईरानी अधिकारियों को 24 घंटे में देश छोड़ने का फरमान, पेट्रोल महंगा होगा? -
Flight tickets: पेट्रोल-एलपीजी के बाद अब महंगा होगा हवाई सफर? एविएशन मिनिस्टर ने दिया ये जवाब












Click it and Unblock the Notifications