खालिस्तानियों से इश्क, पार्टी में बगावत, इकोनॉमी बदहाल; कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो क्यों देंगे इस्तीफा?
Justin Trudeau Resignation: कनाडा (Canada News) के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) ने भारत के खिलाफ हवा बनाकर राष्ट्रवाद की भावना के साथ अपनी कुर्सी बचाए रखनमे की पुरजोर कोशिश की, लेकिन अब उनका खेल खत्म होने वाला है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने ग्लोब एंड मेल के हवाले से बताया है, कि जस्टिन ट्रूडो सोमवार (कनाडाई समयानुसार) को लिबरल पार्टी के नेता के रूप में अपने इस्तीफे की घोषणा कर सकते हैं।
तीन अज्ञात स्रोतों से मिली जानकारी के आधार पर रिपोर्ट में बताया गया है, कि जस्टिन ट्रूडो बुधवार को होने वाली एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कॉकस मीटिंग से पहले पद छोड़ने की अपनी योजना का खुलासा कर सकते हैं। हालांकि, घोषणा का सही समय अनिश्चित बना हुआ है।

कनाडा के प्रधानमंत्री आज क्यों देंगे इस्तीफा? (Justin Trudeau Resignation News)
हालांकि, फिलहाल अभी यह साफ नहीं है, कि ट्रूडो तुरंत इस्तीफा देंगे या नया नेता चुने जाने तक प्रधानमंत्री के रूप में बने रहेंगे।
रिपोर्ट में एक सूत्र ने कहा है, कि प्रधानमंत्री ने वित्त मंत्री डोमिनिक लेब्लांक के साथ चर्चा की है, कि क्या वह अंतरिम नेता और प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभालने के लिए तैयार होंगे। रिपोर्ट में आगे कहा गया है, कि अगर लेब्लांक प्रधानमंत्री पद की रेस में शामिल होते हैं, तो यह अव्यवहारिक होगा।
आपको बता दें, कि जस्टिन ट्रूडो 2013 से लिबरल पार्टी के शीर्ष पर हैं, यह वह समय था जब पार्टी संघर्ष कर रही थी और अपने इतिहास में पहली बार हाउस ऑफ कॉमन्स में तीसरे स्थान पर आ गई थी।
ट्रूडो ने कहा, कि प्रधानमंत्री के रूप में उनके नेतृत्व ने पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव को हासिल किया है और उनके जाने से पार्टी बिना किसी स्थायी प्रमुख के रह जाएगी, खासकर ऐसे समय में जब सर्वेक्षणों से पता चलता है, कि अक्टूबर के अंत तक होने वाले चुनाव में उनकी लिबरल्स कंजर्वेटिव्स पार्टी से बुरी तरह हार जाएगी।
जस्टिन ट्रूडो का क्यों हुआ खेल खत्म?
दरअसल, पिछले 18 महीनों के ओपिनियन पोल्स ने लिबरल पार्टी के खिलाफ मतदाताओं के रूझान को सामने लाया है, जिससे पता चलता है, कि पार्टी को चुनाव में भारी हार का सामना करना पड़ेगा। जबकि अगला संघीय चुनाव, कानूनन अगले साल अक्टूबर के अंत में निर्धारित है और पूरी संभावना है, कि उससे पहले जस्टिन ट्रूडो की सरकार गिर जाएगी।
हाउस ऑफ कॉमन्स में अल्पमत वाली लिबरल पार्टी ने सरकार चलाने के लिए खालिस्तानी जगमीत सिंह की न्यू डेमोक्रेट पार्टी के समर्थन पर भरोसा किया था। लेकिन, जगमीत सिंह ने भी पिछले महीने ट्रूडो के पीठ से हाथ हटा लिया और घोषणा कर डाली, कि अगली बार संसद में जब ट्रूडो के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा, तो वो उसका समर्थन करेंगे।
जगमीत सिंह, जो एक खालिस्तानी नेता है, उसे ही अपनी पार्टी के साथ बनाए रखने के लिए जस्टिन ट्रूडो ने भारत के साथ संबंध खराब तक कर लिए थे। जगमीत सिंह पहले ट्रूडो की सरकार में शामिल थे, लेकिन बाद में वो सरकार से अलग हो गये, लेकिन संसद में जब पिछली बार ट्रूडो के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था, तब तब जगमीत सिंह ने ट्रूडो की सरकार के पक्ष में मतदान कर उनकी सरकार गिरने से बचा ली थी।
लेकिन, पिछले महीने जगमीत सिंह ने अपने पत्र में कहा था, कि "लिबरल एक और मौका पाने के हकदार नहीं हैं। यही कारण है कि एनडीपी इस सरकार को गिराने के लिए मतदान करेगी।" जगमीत सिंह ने ट्रूडो की आलोचना करते हुए कहा था, कि वे बड़े व्यवसाय से अत्यधिक प्रभावित हैं, उनका कहना है कि यह भावना केंद्र-वाम मतदाताओं को अलग-थलग कर देती है, जिन्हें दोनों पार्टियाँ आकर्षित करना चाहती हैं।
ट्रंप के आने से पहले ही ट्रूडो का विकेट क्यों गिरा?
दरअसल, पिछले महनी उनकी सरकार की वित्त मंत्री और उप प्रधानमंत्री क्रिस्टिया फ्रीलैंड ने इस्तीफा दे दिया था। फ्रीलैंड ने कनाडा की आर्थिक नीतियों पर ट्रूडो से मतभेद के कारण अपने पद से हटने का फैसला किया था। उनका इस्तीफा उस वक्त हुआ, जब अमेरिका के भावी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी, कि राष्ट्रपति बनने के बाद वो कनाडा के खिलाफ हाई टैरिफ लगाएंगे।
एक्सपर्ट्स का मानना है, कि अगर ट्रंप वाकई टैरिफ लगाते हैं, तो कनाडा को अरबों डॉलर का नुकसान होगा और उसकी अर्थव्यवस्था पर इसका गंभीर असर पड़ेगा।
इसके अलावा, महंगाई और आव्रजन नीतियों को लेकर जस्टिन ट्रूडो के खिलाफ जनता में भारी गुस्सा है और उनकी अप्रूवल रेटिंग सबसे खराब स्थिति में 25 प्रतिशत से भी कम पहुंच गई है। भले ही ट्रूडो का कार्यकाल भांग का वैधीकरण और कार्बन टैक्स जैसे महत्वपूर्ण बदलावों के लिए जाना जाता है, लेकिन मौजूदा आर्थिक स्थिति ने उनकी लोकप्रियता को झटका दिया है।
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