172 साल पहले खोजा गया वो एस्टेरॉयड, जो हर इंसान को बना सकता है अरबपति, NASA कर रहा धरती पर लाने की तैयारी
Asteroid News: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने एक काल्पनिक अभ्यास में पाया है, कि एक एस्टेरॉयड के पृथ्वी से टकराने की संभावना 72 प्रतिशत है और नासा ने कहा है, कि अगर ये एस्टेरॉयड पृथ्वी की तरफ बढ़ता है, तो 'हम इसे रोकने के लिए पर्याप्त रूप से तैयार नहीं हो सकते हैं।'
अंतरिक्ष एजेंसी NASA की एक आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, नासा ने अप्रैल में पांचवां द्विवार्षिक प्लैनेटरी डिफेंस इंटरएजेंसी टेबलटॉप अभ्यास आयोजित किया। 20 जून को नासा ने मैरीलैंड के लॉरेल में जॉन्स हॉपकिन्स एप्लाइड फिजिक्स लेबोरेटरी (एपीएल) में आयोजित अभ्यास का निष्कर्ष जारी किया गया।

नासा ने कहा है, कि साल 2038 तक इस एस्टेरॉयड के पृथ्वी से टकराने की आशंका है। नासा ने गणीतिय गणना के आधार पर कहा है, कि 12 जुलाई 2038 को दोपहर 2 बजकर 25 मिनट पर एस्टेरॉयड पृथ्वी से टकरा सकता है। हालांकि, नासा ने ये भी बताया है, कि फिलहाल ये पता नहीं चल पाया है, कि इस एस्टेरॉयड का आकार कितना है, इसकी संरचना कैसी है।
एस्टेरॉयड पृथ्वी से टकराएगा या नहीं, ये तो भविष्य की बात है, लेकिन क्या आप जानते हैं, कि करीब 3 साल पहले वैज्ञानिकों ने एक ऐसा एस्टेरॉयड खोजा था, जो अगर धरती पर ले आया गया, तो धरती पर मौजूद हर इंसाल करोड़पति बन सकता है। आइये उस एस्टेरॉयड के बारे में जानते हैं।
कितनी हो सकती है एस्टेरॉयड की कीमत?
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने 2021 में एक ऐसे एस्टेरॉयड का पता लगाया था, जो अपने आप में कुबेर का भंडार है। वैज्ञानिकों को रिसर्च में पता चला था, कि इस एस्टेरॉयड पर इतनी ज्यादा दौलत है, कि दुनिया का हर शख्स अरबों की दौलत का मालिक बन सकता है। नासा का अनुमान है, कि इस एस्टेरॉयड पर 10,000,000,000,000,000,000 डॉलर का भंडार है। इस एस्टेरॉयड का नाम साइकी एस्टेरॉयड है, जिसके बारे में काफी दिलचस्प बातें वैज्ञानिकों को पता चली हैं।
साइकी एस्टेरॉयड के बारे में क्या-क्या पता है?
नासा ने रिसर्च में पता लगाया है, कि ये एस्टेरॉयड एक 124 मील चौड़ा अंतरिक्ष चट्टान है जो एस्टेरॉयड बेल्ट में सूर्य की परिक्रमा करता है। नासा के मुताबिक, मंगल और बृहस्पति के बीच अंतरिक्ष का एक डोनट के आकार का क्षेत्र है, जिसमें दस लाख से ज्यादा चट्टानें तैर रही हैं।
नासा ने कहा था, कि वो इस अनमोल खजाने की जांच करने के लिए एक अंतरिक्षयान भेजेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, ये अंतरिक्षयान 2026 में भेजा जाएगा, जो पता लगाएगा, कि इस एस्टेरॉयड पर कौन कौन सी दुर्लभ धातुएं मौजूद हैं। इसके साथ ही इस एस्टेरॉयड की उत्पत्ति से लेकर तमाम जानकारियां भी जुटाने की कोशिश की जाएगी। चूंकी इस एस्टेरॉयड पर अरबों खरबों की दौलत मौजूद है, लिहाजा इस एस्टेरॉयड को लेकर वैज्ञानिकों की अच्छी खासी दिलचस्पी है।
नासा के मिशन के बारे में जानिए
एस्टेरॉयड साइकी-16 मूल रूप से 1852 में खोजा गया था और माना जाता है कि सौर मंडल के गठन के समय 'हिट-एंड-रन टकराव' द्वारा नष्ट किए गए प्रोटोप्लानेट के अवशेष से बना है। रिपोर्ट के मुताबिक, नासा जिस अंतरिक्ष यान का निर्माण कर रहा है, उसे 2022 में फ्लोरिडा के केप कनेरवल से स्पेसएक्स फॉल्कन हेवी की मदद से लॉन्च किया गया था।
नासा ने अपनी रिपोर्ट में कहा था, कि ये अंतरिक्षयान सूरज की रोशनी से मिलने वाली ऊर्जा से चलेगा और मंगल-बृहस्पति के बीच मुख्य बेल्ट में स्थिति एस्टेरॉयड साइकी-16 पर 2026 में पहुंचेगा। हबल टेलीस्कोप से देखने पर पता चला है, कि ये एस्टेरॉयड दुर्लभ धातुओं से बना हुआ है, जिसकी कीमत कितनी हो सकती है, इसका अनुमान लगाना भी असंभव है।
कुबेर का खजाना है एस्टेरॉयड साइकी
फोर्ब्स मैग्जीन ने अपनी रिपोर्ट में एस्टेरॉयड साइकी-16 को लेकर कहा है कि अगर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को एक साथ कर लें, फिर भी इस एस्टेरॉयड साइकी-16 पर जितना खजाना है, वो कई गुना ज्यादा होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि एस्टेरॉयड साइकी-16 पर 10 हजार क्वाड्रिलियन डॉलर यानि 10,000,000,000,000,000,000 का खजाना हो सकता है। नासा ने कहा है कि उसका स्पेसक्राफ्ट 21 महीने तक ऐस्टरॉइड साइकी-16 की मैपिंग करेगा और लगातार रिसर्च करेगा, जिसके डेटा को वैज्ञानिक रिसर्च करेंगे।
पृथ्वी से कितना दूर है एस्टेरॉयड साइकी-16?
नासा के मुताबिक एस्टेरॉयड साइकी-16 हमारी पृथ्वी से करीब 37 करोड़ किलोमीटर दूर है और ये करीब 226 किलोमीटर चौड़ा है। नासा ने कहा है कि इस विशालकाय एस्टेरॉयड साइकी-16 पर दुर्लभ धातुओं का खजाना छिपा हुआ है और अब तक जितने भी एस्टेरॉयड की खोज की गई है, उनमें ये सबसे ज्यादा मूल्यवान खोज हो सकता है।
जब इस एस्टेरॉयड साइकी-16 को खोजा गया था, तब अनुमान लगाया गया था कि ये धातुओं से बना एक एस्टेरॉयड है। सामान्यत: जो एस्टेरॉयड होते हैं, वो पत्थर, बर्फ से बने होते हैं, लेकिन अब पता चला है कि ऐस्टरॉइड साइकी-16 पर सिर्फ दुर्लभ धातुएं ही मौजूद हैं, जो धरती पर मौजूद हर एक इंसान को अरबपति बना सकता है।












Click it and Unblock the Notifications