China Economy: अमेरिका की धमकियों के बाद भी चीन ने बेचा रिकॉर्ड सामान, डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी हो गई नाकाम?
China Exports Breaks Record: डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद चीन के खिलाफ भारी भरकम टैरिफ लगाने की धमकी दी थी, जिसके बाद आशंका जताई गई थी, कि उनकी धमकी के बाद चीन की इकोनॉमी पर असर पड़ सकता है और उसने निर्यात (China Exports) में भारी भरकम कमी आ सकती है।
लेकिन, हुआ इसका ठीक उल्टा है। साल 2024 को लेकर जारी रिपोर्ट में कहा गया है, कि चीन ने रिकॉर्ड मात्रा में विदेशों में सामानों का निर्यात किया है और चीन की सरकारी मीडिया ने दावा किया है, कि दुनिय की दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी के लिए ये एक बेहतरीन बढ़ावा है। चीन का कहना है, कि ट्रंप की टैरिफ बढ़ाने की धमकियों को बेअसर करने के लिए वो कई कदम उठा रहा है।

चीन ने दुनिया में जमकर बेचा सामान (China Export Report)
सोमवार को कस्टमर डेटा से पता चला है, कि चीन के निर्यात में साल-दर-साल 10.7 प्रतिशत का इजाफा हुआ है, जो अर्थशास्त्रियों के पूर्वानुमानों के मुकाबले काफी अच्छा है। उम्मीद लगाई जा रही थी, कि चीन का आयात घट सकता है, लेकिन उसमें भी एक प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया है, जो जुलाई 2024 के बाद सबसे अच्छा प्रदर्शन है।
चीन ने उम्मीदों से भी बढ़कर उस वक्त प्रदर्शन किया है, जब डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी को शपथ लेने जा रहे हैं और घोषणा कर चुके हैं, कि अगर चीन, अमेरिकी सामानों पर टैरिफ कम नहीं करता है, तो चीनी सामानों पर भारी-भरकम टैरिफ लगाया जाएगा। वहीं, एक्सपर्ट्स का मानना है, कि अगर डोनाल्ड ट्रंप वास्तव में चीनी सामनों पर भारी भरकम टैरिफ लगाते हैं, तो अमेरिका में सामानों की कीमत में भारी इजाफा होगा, और इसका असर आम उपभोक्ताओं पर होगा, जबकि चीनी कंपनियों को होने वाले मुनाफे में कमी आने की संभावना होगी।
हालांकि, स्विस बैंक यूबीएस के इकोनॉमिक एक्सपर्ट्स ने अनुमान लगाया है, अगर अमेरिका में आने वाला ट्रंप प्रशासन, चीनी सामानों पर 60 प्रतिशत टैरिफ लगाता है, तो अगले एक साल में चीन की जीडीपी को करीब 2.5 प्रतिशत तक का नुकसान होगा। लेकिन, कैपिटल इकोनॉमिक्स के चीनी अर्थशास्त्री जिचुन हुआंग ने एक नोट में लिखा है, कि नजदीकी भविष्य में भी चीन का निर्यात मजबूत बना रहेगा, क्योंकि कंपनियां उच्च टैरिफ से बचने के लिए शिपमेंट को आगे बढ़ा रही हैं।
अर्थव्यवस्था को कैसे संभालने की कोशिश कर रहा चीन? (China Economy News)
कोविड संकट के बाद सख्त लॉकडाउन की वजह से चीन ने अपने देश के बाजार को कई महीनों तक बंद रखा था, जिसकी वजह से उसकी अर्थव्यवस्था पर काफी गंभीर असर पड़ा है और उससे निपटने के लिए उसने कई आक्रामक कदम उठाए हैं, जिनमें नीतिगत दरों में कटौती और संपत्ति खरीद पर प्रतिबंधों में ढील शामिल है।
आशंका जताई गई है, कि चीन का ग्रोथ रेट अनुमानित पांच प्रतिशत से भी कम रहने की संभावना है और शी जिनपिंग का प्रशासन किसी भी हाल में ऐसा नहीं चाहता है। लेकिन, मौजूदा हालात ये हैं, कि कई दशकों के बाद ऐसा हुआ है, कि चीन की अर्थव्यवस्था सुधार के रास्ते पर वापस लौटने के लिए संघर्ष कर रही है और देश में बेरोजगारी का स्तर रिकॉर्ड पर पहुंच गया है। लोगों से बेरोजगारी के आंकड़े को छिपाने के लिए पिछले साल शी जिनपिंग के प्रशासन ने बेरोजगारी के आंकड़े को प्रकाशित करने पर रोक लगा दिया था।
इसके अलावा, चीन अभी भी रियल एस्टेट संकट का सामना कर रहा है और देश अपनी घटती आबादी के साथ साथ कमजोर कन्ज्युमर सेंटिमेंट का भी सामना कर रहा है। वहीं, इस शुक्रवार को चीन अपनी चौथी तिमाही और साल 2024 के GDP के आंकड़े जारी करने वाला है। हालांकि, ये आंकड़े कितने सही होंगे, ये हमेशा सवालों में रहे हैं, लेकिन पिछले महीने, वर्ल्ड बैंक ने जून में 4.8 प्रतिशत के अपने पूर्वानुमान से चीन के 2024 के विकास के अनुमान को बढ़ाकर 4.9 प्रतिशत कर दिया था, जो चीन के लिए एक पॉजिटिव बात है।












Click it and Unblock the Notifications