WHO ने दी चेतावनी- अगला कोविड वेरिएंट ओमिक्रॉन से भी अधिक तेजी से फैलेगा, होगा सबसे घातक!
WHO ने दी चेतावनी- अगला कोविड वेरिएंट ओमिक्रॉन से भी अधिक तेजी से फैलेगा, होगा सबसे घातक!
नई दिल्ली, 09 फरवरी: कोरोना महामारी के अब तक कई वेरिएंट आ चुके हैं और हर वेरिएंट की गंभीरता उसके पहले आए वेरिएंट से अलग थी। कुछ समस पहले आया ओमिक्रॉन वेरिएंट घातक तो कम था लेकिन सबसे तेजी से फैलने वाला कोरोना का वेरिएंट साबित हुआ। वहीं अब वर्ल्ड हेल्थ ऑरगनाइजेशन (WHO) ने बुधवार को कोरोना के अगले वेरिएंट को लेकर चेतावनी जारी की ही है। जिसने कोरोना को लेकर चिंता बढ़ा और बढ़ा दी है।

ओमिक्रॉन की तुलना में अधिक संक्रामक होगा
WHO नई चेतावनी जारी की है जिसमें कहा है कि अगला कोविड -19 वेरिएंट ओमिक्रॉन की तुलना में अधिक संक्रामक होगा, यानी ओमिक्रॉन से भी अधिक तेजी से लोगों में फैलेगा और यह अब तक का संभवतः सबसे अधिक घातक वेरिएंट साबित हो सकता है।

अब तक का सबसे घातक वेरिएंट होगा
डब्ल्यूएचओ की महामारी साइनटिस्ट और कोविड -19 पर टेकनिकल हेड डॉ मारिया वैन केरखोव ने चेतावनी दी है कि अगला वेरिएंट अधिक virulent होगा यानी तेजी से फैलने वाला और शायद पूर्व में अब तक आए कोरोना वेरिएंट की तुलना में अधिक घातक होगा।

ओमिक्रॉन की तुलना में अधिक वायरल होंगे
डॉ मारिया वान केरखोव ने जोर देकर कहा कि महामारी खत्म नहीं हुई है और भविष्य के वेरिएंट किसी तरह से ओमिक्रॉन की तुलना में अधिक वायरल होंगे। वर्तमान समय में ओमिक्रॉन लहर के कम होने के साथ दुनिया सामान्य स्थिति में वापस आ गई है लेकिन अगला कोविड -19 वेरिएंट अधिक पारगम्य (virulent) होगा।

नया वेरिएंट पर क्या टीके प्रभावी होंगे?
डॉ वान केरखोव ने कहा कि चिंता की बात है कि ये अधिक पारगम्य होगा क्योंकि इसे वर्तमान में जो चल रहा है उससे आगे निकलना होगा। बड़ा सवाल यह है कि भविष्य के वेरिएंट कम या ज्यादा गंभीर होंगे या नहीं। उन्होंने आगे चेतावनी दी कि कोरोना का अगला वेरिएंट अधिक आसानी से प्रतिरक्षा से बच सकता है, जिससे टीके कम प्रभावी हो सकते हैं। हालांकि, वह वैक्सीन लेने की जरूरत दोगुनी हो गई क्योंकि यह गंभीर बीमारी और मृत्यु से बचाता है, जैसा कि ओमिक्रॉन के दौरान देखा गया।

"कोई गारंटी नहीं" है वायरस विकसित होने के साथ कमजोर हो जाएगा
डॉ वैन केरखोव ने आगाह किया है कि "कोई गारंटी नहीं" है कि कोरोनोवायरस विकसित होने के साथ कमजोर हो जाएगा और हालांकि दुनिया को उम्मीद है कि ऐसा ही होग लेकिन ये पुख्ता रूप से हम नहीं कह सकते।"

क्या खत्म हो जाएगा कोरोना
हालांकि, दक्षिण अफ्रीका के स्टीव बीको एकेडमिक हॉस्पिटल कॉम्प्लेक्स में की गई एक स्टडी में दावा किया गया कि निकट भविष्य में कोविड-19 के खत्म होने की संभावना है। परिणामों के आधार पर, शोधकर्ताओं ने सुझाव दिया कि ओमिक्रॉन अपने स्थानिक चरण की शुरुआत करते हुए, कोविड महामारी के महामारी चरण के अंत का अग्रदूत हो सकता है। हालांकि ये स्टडी केवल संकेत और सशर्त हैं।

डेल्टा और ओमिक्रॉन वेरिएंट कैसे डेवलेप हुआ?
बता दें डेल्टा वेरिएंट जिसे पहली बार अक्टूबर 2020 में भारत में खोजा गया था, को डब्ल्यूएचओ द्वारा चिंता बढ़ा दी थी। डेल्टा अल्फा वेरिएंटकी तुलना में 50 प्रतिशत तेजी से फैल रहा था, जो कि कोविड 19 के मेन स्ट्रेस की तुलना में 50 प्रतिशत अधिक संक्रामक था, जिसे आमतौर पर कोरोनावायरस के रूप में जाना जाता है। डेल्टा वेरिएंट ने दुनिया भर में तबाही मचाई, डेली केसों की संख्या में रिकॉर्ड-तोड़ दिया, इससे सबसे अधिक मौतें हुईं। जून 2021 तक, यह यूके, इज़राइल, रूस, ऑस्ट्रेलिया और दुनिया के कई अन्य हिस्सों में ये वेरिएंट खूब फैला। वहीं ओमिक्रान जिसे नवंबर 2021 के अंत में दक्षिण अफ्रीका में पाया गया और ये डेल्टा से भी कम समय में तेजी से फैलने लगा और ओमिक्रॉन डेल्टा वेरिएंट की तुलना में कम से कम दो से चार गुना अधिक तेजी से फैला।












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