डेल्टा की तुलना में तेजी से फैलता है ओमिक्रॉन, वैक्सीन के असर को कमजोर करता है: WHO
नई दिल्ली, 12 दिसंबर: कोरोना का नया ओमिक्रॉन वैरिएंट भारत समेत दुनिया के कई देशों में फैलता जा रहा है। एक स्टडी में दावा है कि ओमिक्रॉन के कारण जनवरी में यूके में बड़ी लहर आ सकती है। अब विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर चेतावनी जारी की गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने रविवार को कहा कि ओमिक्रॉन वैरिएंट कोरोना वायरस डेल्टा स्ट्रेन की तुलना में अधिक संक्रमणीय है और टीके की प्रभावकारिता को कम करता है, लेकिन कम गंभीर लक्षण पैदा करता है।
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इस साल की शुरुआत में पहली बार भारत में पहचाने गए डेल्टा संस्करण, दुनिया के अधिकांश कोरोना वायरस संक्रमणों के लिए जिम्मेदार है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने रविवार को कहा कि प्रारंभिक आंकड़ों के मुताबिक, ओमिक्रॉन डेल्टा स्ट्रेन के मुकाबले ज्यादा संक्रामक है। उसने संभावना जताई है कि जल्द ही कोरोना वायरस के मामलों में ओमिक्रॉन डेल्टा वायरस को पीछे छोड़ देगा।
दक्षिण अफ्रीका में खोजे गए ओमिक्रॉन वैरिएंट में काफी बड़ी संख्या में म्यूटेशन हुआ है। पिछले महीने दुनिया भर के देशों को दक्षिणी अफ्रीकी देशों से आने वाले यात्रियों पर प्रतिबंध लगा दिए थे। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि ओमिक्रॉन वैरिएंट 9 दिसंबर तक 63 देशों में फैल चुका है। दक्षिण अफ्रीका में तेजी से संचरण का उल्लेख किया गया था, जहां डेल्टा कम फैला था और ब्रिटेन में डेल्टा तेजी से फैला था।
पर्याप्त डेटा की कमी को देखते हुए डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि ओमिक्रॉन इम्यूनिटी के लिए भले ही डेल्टा जितना खतरनाक न हो, लेकिन इन दोनों का एक जगह पहुंचना नए खतरे का कारण बन सकता है। संक्रमण के बाद वैक्सीन की शरीर में प्रभावशीलता को भी कम कर देता है। तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, संभावना है कि ओमिक्रॉन जल्द ही डेल्टा वैरिएंट को पीछे छोड़ सकता है, जहां कम्यूनिटी ट्रांसमिशन (बड़े पैमाने पर संक्रमण) हुआ हो।












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