Vivek Ramaswamy Net Worth: कितने अरबों के मालिक हैं विवेक रामास्वामी? ट्रंप सरकार में मिला अहम पद
Vivek Ramaswamy Net Worth: अमेरिकी राजनेता और उद्यमी विवेक रामास्वामी को डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। ट्रंप ने अपने नए प्रशासन में रामास्वामी को सरकारी दक्षता विभाग (Department of Government Efficiency, DOGE) का प्रभार सौंपा है, जिसमें उनका मुख्य उद्देश्य संघीय नौकरशाही में सुधार करना होगा।
विवेक रामास्वामी का नाम भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए गर्व की बात है, क्योंकि वे पहले भारतीय-अमेरिकी हैं, जिन्हें ट्रंप प्रशासन में ऐसा बड़ा पद मिला है। आइए आपको रूबरू कराते हैं कौन हैं विवेक रामास्वामी?

कैसे कहलाए भारतीय प्रवासी? कितने पढ़े-लिखे हैं रामास्वामी?
विवेक रामास्वामी का जन्म 9 अगस्त 1985 को सिनसिनाटी, ओहियो में भारतीय प्रवासी परिवार में हुआ। उनके माता-पिता केरल से अमेरिका आकर बसे थे। उनके पिता वी गणपति रामास्वामी एक इंजीनियर और पेटेंट वकील के रूप में जनरल इलेक्ट्रिक में कार्यरत थे, जबकि उनकी मां गीता रामास्वामी एक जेरियाट्रिक मनोचिकित्सक थीं। रामास्वामी ने अपने स्कूल में पढ़ाई के दौरान काफी अच्छा प्रदर्शन किया और वे राष्ट्रीय स्तर के जूनियर टेनिस खिलाड़ी भी रहे।
कैसे हुआ फार्मा से लगाव?
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से बॉयोलॉजी में स्नातक करने के बाद, रामास्वामी ने येल लॉ स्कूल से लॉ की डिग्री भी प्राप्त की। अपने करियर के शुरुआती दिनों में उन्होंने एक हेज फंड में काम किया, जहां उन्होंने सात सालों में करीब 7 मिलियन डॉलर की कमाई की। इसके बाद उन्होंने अपना ध्यान फार्मास्युटिकल और बायोटेक्नोलॉजी सेक्टर की ओर मोड़ा।
बायोटेक्नोलॉजी में रामास्वामी की सफलता
2014 में विवेक रामास्वामी ने रोइवेंट साइंसेज नाम की बायोटेक कंपनी की स्थापना की। इस कंपनी का मुख्य उद्देश्य कम मूल्यांकित फार्मास्युटिकल संपत्तियों को हासिल करके उन्हें नए सिरे से विकसित करना था, ताकि उन्हें व्यावसायिक लाभ के लिए उपयोग किया जा सके। 2016 में उन्होंने एक सहायक कंपनी मायोवेंट साइंसेज की शुरुआत की, जिसने $218 मिलियन का आईपीओ (Initial Public Offering) किया और उस साल का सबसे बड़ा आईपीओ बना।
कितनी संपत्ति के मालिक हैं रामास्वामी?
रामास्वामी की संपत्ति में सबसे बड़ा उछाल 2020 में आया, जब जापानी कंपनी सुमितोमो डेनिप्पन ने $3 बिलियन में रोइवेंट के 10% हिस्सेदारी के साथ-साथ पांच प्रमुख दवाओं का पोर्टफोलियो खरीदा। इस सौदे से रामास्वामी को करीब $176 मिलियन का लाभ हुआ। 2021 में, रोइवेंट का मूल्यांकन $7.3 बिलियन पर पहुंच गया, जिससे उनकी संपत्ति और भी बढ़ गई।
क्रिप्टोकरेंसी और अन्य निवेश
बायोटेक क्षेत्र के अलावा, रामास्वामी ने कई उभरते क्षेत्रों में भी निवेश किया है। वे क्रिप्टोकरेंसी के समर्थक हैं और उन्होंने Rumble (YouTube का एक प्रतियोगी प्लेटफॉर्म) और मूनपे (एक क्रिप्टो पेमेंट फर्म) में भी हिस्सेदारी हासिल की है। फोर्ब्स के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति $1 बिलियन से अधिक है, जो मुख्यतः रोइवेंट साइंसेज और अन्य निवेशों से आती है।
राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी और ट्रंप का समर्थन
विवेक रामास्वामी ने 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के लिए रिपब्लिकन पार्टी के नामांकन के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की थी। हालांकि, बाद में उन्होंने अपना अभियान समाप्त कर दिया और डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन किया। इसके बाद, ट्रंप ने रामास्वामी को सरकारी दक्षता विभाग का प्रमुख बनाने का निर्णय लिया।
भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए गर्व की बात
भारतवंशी होने के नाते, विवेक रामास्वामी की नियुक्ति भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। वे भारतीय मूल के दूसरे प्रमुख नेता हैं जिन्होंने अमेरिका में उच्च पदों पर अपनी जगह बनाई है। उनकी सफलता का सफर भारतीय युवाओं के लिए प्रेरणादायक है, जो यह दर्शाता है कि मेहनत और लगन से विदेश में भी बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
विवेक रामास्वामी का जीवन और करियर एक उद्यमशीलता और दृढ़ संकल्प की कहानी है। एक फार्मा कंपनी से लेकर सरकारी पद तक उनका सफर उनके मेहनत और कौशल का प्रमाण है। उनकी नियुक्ति से अमेरिकी प्रशासन में भारतीयों की भूमिका और प्रभाव में वृद्धि हुई है। अब, सरकारी दक्षता विभाग के प्रमुख के रूप में, उनसे उम्मीद की जा रही है कि वे सरकारी तंत्र में सुधार लाकर इसे और अधिक पारदर्शी और कुशल बनाएंगे।
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