USS Abraham Lincoln Attack: समंदर में डूब गया अमेरिकी जंगी जहाज? ईरान के दावे पर ट्रंप की सेना ने क्या कहा?
USS Abraham Lincoln Attack: ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) और अमेरिकी नौसेना के बीच ओमान की खाड़ी में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने दावा किया है कि उसकी मिसाइलों और ड्रोनों ने अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर 'USS अब्राहम लिंकन' को इतना नुकसान पहुँचाया कि उसे पीछे हटना पड़ा। दूसरी ओर, वॉशिंगटन ने इन दावों को पूरी तरह से 'झूठ' करार दिया है। अमेरिका का कहना है कि ईरानी हमला नाकाम रहा, बल्कि अमेरिकी जहाजों ने खतरे को देखते हुए जवाबी कार्रवाई की।
यह विवाद ऐसे समय में आया है जब इजराइल और ईरान के बीच पहले से ही माहौल गर्म है। अगर ईरान का दावा सच निकलता है, तो यह दशकों में अमेरिकी नौसेना पर सबसे बड़ा हमला होगा, लेकिन फिलहाल सबूतों के अभाव में यह सिर्फ एक 'दावा' ही नज़र आता है।

Iran US tension: ईरान का हमला या सिर्फ हवाई दावा?
ईरान के 'सेंट्रल हेडक्वार्टर्स' ने बड़े जोर-शोर से एलान किया कि उनके सटीक ऑपरेशन ने USS अब्राहम लिंकन को 'काम करने लायक' नहीं छोड़ा। ईरानी सरकारी टीवी के मुताबिक, आधुनिक मिसाइलों के डर से अमेरिकी स्ट्राइक ग्रुप को अपनी जान बचाकर भागना पड़ा। हालांकि, ईरान ने अपने इस बड़े दावे के समर्थन में न तो कोई सैटेलाइट तस्वीर जारी की है और न ही हमले का कोई वीडियो। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सबूत के इतने बड़े नुकसान की बात कहना ईरान की एक पुरानी प्रोपेगेंडा रणनीति हो सकती है।
World News Hindi: अमेरिका बोला- सब कुछ सुरक्षित है
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) ने ईरान के दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि उनके जहाजों पर कोई आंच नहीं आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक ईरानी जहाज अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर के खतरनाक तरीके से करीब आ गया था, जिसके बाद अमेरिकी नौसेना ने चेतावनी के तौर पर फायरिंग की। अमेरिका का साफ कहना है कि ईरान अपनी जनता के सामने अपनी ताकत दिखाने के लिए झूठी खबरें फैला रहा है, जबकि हकीकत में समंदर में अमेरिकी पकड़ मजबूत है।
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IRGC vs US Navy: समंदर में आमने-सामने की वो खतरनाक मुठभेड़
CBS न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, असली घटना तब हुई जब 'USS अब्राहम लिंकन' अपने साथी जहाजों के साथ अरब सागर में गश्त कर रहा था। तभी ईरान के एक जहाज ने अपनी 'मार्क-45' तोप से अमेरिकी बेड़े की ओर निशाना साधने की कोशिश की। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरानी हमला पूरी तरह से अपने टारगेट से चूक गया। इस घटना के बाद अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई की, जिससे ईरानी जहाज को कितना नुकसान हुआ, इसकी जानकारी अभी गुप्त रखी गई है।
अमेरिकी सीनेटर की चेतावनी: "जंग अभी बाकी है"
इस घटना के बाद अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कड़े तेवर दिखाए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान तब तक नहीं रुकेगा जब तक उसकी मिसाइल बनाने की क्षमता खत्म नहीं हो जाती। ग्राहम ने संकेत दिया कि आने वाले कुछ हफ्ते ईरान के लिए भारी पड़ सकते हैं। अमेरिका का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान फिर से सिर न उठा सके और अपनी परमाणु गतिविधियों को पूरी तरह बंद कर दे। यह बयान बताता है कि अमेरिका अब रक्षात्मक नहीं, बल्कि आक्रामक मूड में है।
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Iran Israel war update: ट्रंप की वापसी और स्वाभिमान की लड़ाई
अगर ईरान का दावा थोड़ा भी सच साबित होता है, तो यह अमेरिका के लिए एक बड़ा 'प्रतिष्ठा का सवाल' बन जाएगा। खास तौर पर डोनाल्ड ट्रंप के दौर में, अमेरिका अपने सैन्य प्रतीकों पर हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा। 'USS अब्राहम लिंकन' जैसे परमाणु-संचालित जहाज पर हमला सीधे तौर पर युद्ध का न्योता माना जाता है। फिलहाल दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कोई इंटरनेशनल एजेंसी या सैटेलाइट डेटा इस कथित हमले की पुष्टि कर पाता है या नहीं।












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