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Khokon Chandra Das कौन हैं? हिंदू व्यापारी को बांग्लादेश में धारदार हथियार से काटा-लगाई आग, 10 दिन-5 हत्याएं

Bangladesh Hindus Attack: बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। नए साल की पूर्व संध्या पर एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां 50 वर्षीय हिंदू व्यापारी खोकोन चंद्र दास पर बदमाशों ने धारदार हथियारों से हमला किया और फिर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।

यह घटना शरियतपुर जिले के दामुद्या इलाके में हुई, जो हाल के महीनों में हिंदुओं पर बढ़ते अत्याचारों की एक और कड़ी है। खोकोन की हालत गंभीर है और उन्हें ढाका रेफर किया गया है। आइए, इस जानते हैं खोकोन चंद्र दास कौन हैं, हमले की पूरी कहानी क्या है और पिछले 10 दिनों (22 दिसंबर 2025 से 1 जनवरी 2026) में कितने हिंदुओं की मौत हुई - टाइमलाइन के साथ...

Who Is Khokon Chandra Das

Who Is Khokon Chandra Das: खोकोन चंद्र दास कौन हैं? एक साधारण व्यापारी की कहानी

खोकोन चंद्र दास बांग्लादेश के शरियतपुर जिले में दामुद्या उपजिले के कोनेश्वर यूनियन के वार्ड नंबर 3 के तिलाई गांव के निवासी हैं। 50 साल के खोकोन एक छोटे-मोटे व्यापारी हैं, जो केउरभंगा बाजार में दवा की दुकान और मोबाइल बैंकिंग का कारोबार चलाते हैं। वे अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और इलाके में कोई बड़ा विवाद या दुश्मनी नहीं थी। उनकी पत्नी सीमा दास के मुताबिक, खोकोन रोजाना की तरह दुकान बंद करके घर लौटते थे, लेकिन इस बार उनकी मेहनत की कमाई उनके लिए खतरा बन गई।

खोकोन का परिवार साधारण जीवन जीता है। वे राजनीति या किसी विवादास्पद गतिविधि से दूर रहते हैं, लेकिन बांग्लादेश में बढ़ते सांप्रदायिक तनाव ने उन्हें भी शिकार बना दिया। यह घटना हाल के राजनीतिक उथल-पुथल - जैसे 2024 में शेख हसीना सरकार का गिरना और छात्र आंदोलनों के बाद - की उपज मानी जा रही है, जहां अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़े हैं।

Khokon Chandra Das Attack: हमले की पूरी कहानी: रात 9:30 बजे की वह खौफनाक घटना

घटना 31 दिसंबर 2025 (बुधवार) रात करीब 9:30 बजे की है। खोकोन दुकान बंद करके दिनभर की कमाई (बिक्री का पैसा) लेकर सीएनजी ऑटो-रिक्शा से घर लौट रहे थे। दामुद्या-शरियतपुर मार्ग पर केउरभंगा बाजार के पास एक समूह ने ऑटो को रोका। बदमाशों ने पहले धारदार हथियारों से हमला किया, जिससे खोकोन के पेट, सिर और अन्य हिस्सों में गहरे घाव हो गए। फिर, उन्होंने उनके सिर और चेहरे पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।

खोकोन की पत्नी सीमा दास ने बताया, 'मेरे पति ने दो हमलावरों को पहचान लिया था, इसलिए उन्होंने जान से मारने की कोशिश की। हमारे इलाके में कोई दुश्मनी नहीं, फिर भी यह हुआ।' हमलावरों से बचने के लिए खोकोन सड़क किनारे तालाब में कूद गए। स्थानीय लोगों के शोर मचाने पर हमलावर भाग निकले। रात 10 बजे उन्हें बचाया गया और शरियतपुर सदर अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टर नजरुल इस्लाम ने कहा, 'शरीर पर कई चोटें हैं, पेट में गंभीर घाव। चेहरे, सिर और हाथों पर जलन के निशान। इलाज के लिए ढाका भेजा गया।'

दामुद्या पुलिस स्टेशन के ओसी मोहम्मद रबीउल हक (Mohammad Rabiul Haque) ने कहा, 'दो हमलावरों की पहचान हो गई है, गिरफ्तारी के प्रयास जारी। मामले की जांच चल रही है।' यह हमला दीपू चंद्र दास और बजेन्द्र बिस्वास की हत्याओं के कुछ दिनों बाद हुआ, जो सांप्रदायिक हिंसा की चेन रिएक्शन लगती है।

Bangladesh Hindus Murders: बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार- क्यों बढ़ रही हैं घटनाएं?

बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक (करीब 8% आबादी) लंबे समय से सांप्रदायिक हिंसा का शिकार हैं। 2024 में शेख हसीना सरकार गिरने के बाद छात्र आंदोलन और राजनीतिक अस्थिरता ने इसे बढ़ावा दिया। दिसंबर 2025 में ब्लास्फेमी (ईश-निंदा) के आरोपों से जुड़ी 71 घटनाएं दर्ज हुईं, ज्यादातर हिंदुओं पर। दिसंबर में ही कम से कम 8-12 हिंदुओं की हत्या हुई। भारत ने इसे गंभीर चिंता बताया और 2900 से ज्यादा हमलों की निंदा की। दिल्ली में भी प्रदर्शन हुए।

Bangladesh Hindus Murders Timeline: पिछले 10 दिनों में हिंदुओं की मौतें- टाइमलाइन (22 दिसंबर 2025 से 1 जनवरी 2026)

पिछले 10 दिनों में हिंदुओं पर हमलों की रफ्तार बढ़ी, लेकिन मौतों की संख्या सीमित रही। दिसंबर के पूरे महीने में 8-12 मौतें हुईं, लेकिन हाल के दिनों में मुख्य रूप से घायल करने वाली घटनाएं। यहां टाइमलाइन (सोर्सेस से संकलित):

  • - 22 दिसंबर 2025: मयमेंसिंह जिले में हिंदू युवक पर हमला, घायल। (200 से ज्यादा हमलों की रिपोर्ट में शामिल।)
  • - 23 दिसंबर 2025: चटगांव में हिंदू व्यक्ति की लिंचिंग, मौत। (तीसरी मौत दो हफ्तों में।)
  • - 24 दिसंबर 2025: ढाका में हिंदू परिवार पर हमला, एक मौत की अफवाह लेकिन कन्फर्म नहीं। (अत्याचारों पर भारत में प्रदर्शन।)
  • - 26 दिसंबर 2025: राजशाही में हिंदू व्यापारी की हत्या। (भारत ने 2900 हमलों की निंदा की।)
  • - 28 दिसंबर 2025: मयमेंसिंह में दीपू चंद्र दास की हत्या (पुलिस कस्टडी में लिंचिंग)।
  • - 30 दिसंबर 2025: बजेन्द्र बिस्वास की हत्या। (13 दिनों में 13 घटनाओं में शामिल।)
  • - 31 दिसंबर 2025: खोकोन चंद्र दास पर हमला (घायल, मौत नहीं)।

कुल मौतें: पिछले 10 दिनों में कम से कम 4-5 कन्फर्म हिंदू मौतें, लेकिन पूरे दिसंबर में 8-12।

क्या रुकेगा यह सिलसिला?

खोकोन चंद्र दास का मामला बांग्लादेश में हिंदुओं की असुरक्षा को उजागर करता है। अंतरिम सरकार ने गिरफ्तारियां कीं, लेकिन हिंसा जारी है। भारत ने चिंता जताई, लेकिन क्या कार्रवाई होगी? फरवरी चुनाव से पहले हिंदू समुदाय डर में जी रहा है।

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