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Good News! अब COVID-19 ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी नहीं, WHO का बड़ा ऐलान

कोविड- 19 अब वैश्विक हेल्थ इमरजेंसी के दायरे से बाहर हो गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इमरजेंसी कमेटी की 15वीं बैठक के बाद ये बड़ा ऐलान किया।

COVID-19 over as a health emergency

COVID-19 over as a health emergency: कोरोना वायरस को अब विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इमरजेंसी कमेटी की 15वीं बैठक में बड़ा फैसला लिया है। डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि कोरोना अब पब्लिक ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी नहीं रह गया है।

शुक्रवार को डब्लयूएचओ के महानिदेशक डॉ टेड्रोस ने कहा, " कल इमरजेंसी कमेटी की 15 वीं बार बैठक हुई थी, जिसमें ये प्रस्ताव रखा गया कि अब दुनिया में कोविड-19 के वैश्विक हेल्थ इमरजेंसी के दायरे से बाहर करने का ऐलान किया जाए। मैंने उनकी सलाह मान ली।"

ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी से कोविड-19 को बाहर करने की घोषणा के साथ डब्ल्यूएचओ के निदेशक डॉ टेड्रोस ने स्पष्ट किया कि कोरोना अभी भी ग्लोबल हेल्थ थ्रेट है। जब कोरोना को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया गया था तो चीन में 100 से कम कोरोना केस मिले और किसी की जान नहीं गई। डब्लूयएचओ ने निदेशक ने बताया कि 30 जनवरी 2020 को कोविड को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया गया।

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कोरोना को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी से बाहर करने की घोषणा के साथ डब्ल्यूएचओ निदेशक ने कहा कि कोरोना से अभी भी हमें सतर्क रहने की जरूरत है। डॉ टेड्रोस ने याद दिया कि कि 1221 दिन पहले WHO को चीन के वुहान में अज्ञात कारण से निमोनिया के मामलों के एक समूह के बारे में पता चला था। उन्होंने कहा, 30 जनवरी 2020 को अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियमों के तहत बुलाई गई एक आपातकालीन समिति की सलाह पर COVID19 को ग्लोबल इमर्जेंसी घोषित किया गया था।

डब्ल्यूएचओ के निदेशक ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में COVID-19 की वजह से दुनिया के सभी देशों पर विपरीत असर हुआ। WHO को लगभग 7 मिलियन मौतों की सूचना दी गई। उन्होंने कहा का कोरोना से मरने वालों की संख्या कम से कम 20 मिलियन है। कोरोना की वजह से देशों और राज्यों की सीमाएं, स्कूल, आंदोलन बंद किए गए। महामारी की वजह से लाखों लोग अकेलेपन, अलगाव, चिंता और अवसाद के शिकार भी हुए।

डब्ल्यूएचओ ने आगे कहा, महामारी से दुनिया के देशों में आर्थिक उथल-पुथल मच गई। जीडीपी अपने सबसे निचले स्तर पर देखी गई। व्यापार प्रतिकूल असर हुआ। कई व्यवसाय ठप पड़ गए। महामारी ने लाखों लोगों को गरीबी में डुबो दिया। हालांकि टीकाकरण और संक्रमण से जनसंख्या प्रतिरक्षा बढ़ रही है, मृत्यु दर कम हो रही है और स्वास्थ्य प्रणालियों पर दबाव कम हो रहा है।

कोविड- 19 को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी से बाहर की घोषणा के साथ WHO ने कहा, "पिछले एक साल से आपातकालीन समिति और WHO संक्रमण के डेटा गहनता से विश्लेषण कर रहा है। इस बात पर जोर है कि कोरोना संक्रमण के मामले में कितनी जंल्दी न्यूनतम स्तर पर लाया जाय।"

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