कोरोना महामारी नहीं हुई है खत्म, अभी आएंगे कई और वेरिएंट्स, WHO की प्रमुख वैज्ञानिक का दावा
एक तरफ जहां ओमिक्रॉन अभी भी लोगों को बीमार कर रहा है, वहीं ओमिक्रॉन का सब वेरिएंट भी बन चुका है और इससे भी भारी संख्या में लोग संक्रमित हो रहे हैं।
केपटाउन, फरवरी 11: विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की मुख्य वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन ने शुक्रवार को बड़ा बयान देते हुए कहा है कि, दुनिया में अभी कोविड महामारी का अंत नहीं हुआ है और अभी दुनिया में कई और वेरिएंट्स आने बाकी है। स्वामीनाथन ने दक्षिण अफ्रीका में संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि, "हमने देखा है कि वायरस विकसित होता है, उत्परिवर्तित होता है...।

खत्म नहीं हुआ है कोरोना
डब्ल्यूएचओ की प्रमुख वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन इन दिनों डब्ल्यूएच महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्येयियस के साथ दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर हैं। आपको बता दें कि, कोरोना वायरस का ओमिक्रॉन वेरिएंट भी अफ्रीकी देशों में ही पाया गया था, जो इस वक्त कोरोना वायरस का प्रमुख वेरिएंट बना हुआ है। ओमिक्रॉन वेरिएंट महज एक महीने के अंदर में ही पूरी दुनिया में फैल गया है। हालांकि, ओमिक्रॉन वेरिएंट भारत पर ज्यादा असर नहीं दिखा पाया, लेकिन ओमिक्रॉन वेरिएंट ने अमेरिका में काफी तबाही मचाई है। अमेरिका में अभी भी कोरोना वायरस से हर दिन एक हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो रही है।

ओमिक्रॉन के बाद सब-वेरिएंट
एक तरफ जहां ओमिक्रॉन अभी भी लोगों को बीमार कर रहा है, वहीं ओमिक्रॉन का सब वेरिएंट भी बन चुका है और इससे भी भारी संख्या में लोग संक्रमित हो रहे हैं। 2 फरवरी को डब्ल्यूएचओ ने आगाह करते हुए कहा था कि, ओमिक्रॉन वेरिएंट अभी भी कई देशों में चरम पर नहीं पहुंचा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक, टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने कहा था कि, "किसी भी देश के लिए कोरोना वायरस को लेकर हार मान लेना या फिर जीत की घोषणा करना जल्दबाजी है, क्योंकि ये वायरस हमारी आंखों के सामने विकसित होता रहता है।'' उन्होंने कहा था कि, डब्ल्यूएचओ फिलहाल चार उप-वंशों पर नजर रख रहा है। जिसमें ओमिक्रॉन वेरिएंट का सब-वेरिएंट BA.2 भी शामिल है।'' उन्होंने कहा कि, ''ओमिक्रॉन कोरोनवायरस वायरस का उभरता हुआ BA.2 रूप मूल BA.1 रूप से अधिक गंभीर नहीं लगता है।''
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57 देशों में फैला सब-वेरिएंट
वहीं, डब्ल्यूएचओ ने कहा था कि, ओमिक्रॉन वेरिएंट का सब-वेरिएंट दुनिया के 57 देशों में फैल चुका है और सब-वेरिएंट अभी भी तेजी के साथ फैलता जा रहा है। महज 11 हफ्ते पहले अफ्रीकी देशों में मिलने के बाद ओमिक्रॉन वेरिएंट पूरी दुनिया में फैल चुका है और अभी तक पूरी दुनिया में करीब 9 करोड़ लोग ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित हो चुके हैं। डेनमार्क में की गई स्टडी में पता चला है कि, सब-वेरिएंट बीए.2 में करीब 39 फीसदी मारक क्षमता है, जबकि ओमिक्रॉन के ऑरिजनल में बीए.1 में 29 प्रतिशत मारक क्षमता है। शोधकर्ताओं ने कहा कि, जिन लोगों ने वैक्सीन की खुराक ले ली है, उनमें गंभीर लक्षण होने की संभावना कम हो जाती है, जबकि जिन लोगों ने वैक्सीन नहीं लिया है, उनके लिए ओमिक्रॉन काफी खतरनाक हो सकता है।












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