भारत-पाकिस्तान के बीच बातचीत का समर्थन, लेकिन.. दो पड़ोसी देशों की दुश्मनी पर बाइडेन प्रशासन का बड़ा बयान
US On India-Pakistan: अमेरिका ने गुरुवार को कहा है, कि वह भारत और पाकिस्तान के बीच सीधी बातचीत का समर्थन करता है। अमेरिका का ये बयान पाकिस्तान की उन कोशिशों को बड़ा झटका है, जिसमें वो चाहता है, कि भारत के साथ उसकी बातचीत में अमेरिका भूमिका निभाए।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, कि अमेरिका भारत और पाकिस्तान के बीच सीधी बातचीत का समर्थन करता है, लेकिन बातचीत की गति, दायरा और चरित्र.. दोनों पड़ोसी देशों की तरफ से ही निर्धारित होनी चाहिए।

अमेरिका के बयान का क्या मायने हैं?
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने जोर देकर कहा, कि अमेरिका भारत और पाकिस्तान दोनों के साथ अपने महत्वपूर्ण संबंधों को महत्व देता है।
मिलर ने कहा, "जैसा कि हमने कहा है, हम भारत और पाकिस्तान के बीच सीधी बातचीत का समर्थन करते हैं, लेकिन गति, दायरा और चरित्र उन दोनों देशों द्वारा निर्धारित किया जाना चाहिए, न कि हमारे द्वारा।"
वहीं, एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा, कि क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरों का मुकाबला करने में अमेरिका और पाकिस्तान के साझा हित हैं। मिलर ने कहा, "हम अपने उच्च स्तरीय आतंकवाद विरोधी संवाद के माध्यम से सुरक्षा पर पाकिस्तान के साथ साझेदारी करते हैं, जिसमें कई आतंकवाद विरोधी क्षमता निर्माण कार्यक्रम शामिल हैं, और हम अमेरिका-पाकिस्तान सैन्य-से-सैन्य जुड़ावों का समर्थन करते हैं।"
अमेरिकी प्रवक्ता ने कहा, "हम आतंकवाद के मुद्दों पर अपनी साझेदारी के तहत पाकिस्तानी नेताओं के साथ नियमित रूप से संवाद कर रहे हैं और हम अपने वार्षिक आतंकवाद विरोधी संवाद और अन्य द्विपक्षीय परामर्शों के माध्यम से क्षेत्रीय सुरक्षा पर विस्तार से चर्चा करना जारी रखेंगे।"
उन्होंने कहा, "भारत न केवल सरकारी स्तर पर, बल्कि लोगों के स्तर पर भी अमेरिका का करीबी साझेदार बना हुआ है। हम घनिष्ठ आर्थिक संबंध और घनिष्ठ सांस्कृतिक संबंध साझा करते हैं। वे हमारे ऐसे साझेदार बने हुए हैं जिनके साथ हम अपनी हिंद-प्रशांत रणनीति पर काम करते हैं और हम सरकार के साथ ऐसा करना जारी रखने की उम्मीद करेंगे।"
कुल मिलाकर अमेरिका ने साफ कर दिया है, कि वो भारत और पाकिस्तान के बीच की बातचीत का तो स्वागत करता है, लेकिन वो इन दोनों देशों के बीच नहीं आएगा। जो पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका है, जिसका मकसद अमेरिका की तरफ से भारत पर दबाव डालकर मोदी सरकार को बातचीत की मेज पर आने के लिए राजी करना है।
लेकिन, भारत ने साफ कर दिया है, कि 'आतंकवाद और बातचीत' साथ साथ नहीं हो सकती है। पाकिस्तान पर अभी भी कश्मीर में आतंकवादियों की सप्लाई करने के आरोप लगते हैं।
आपको बता दें, कि भारत और पाकिस्तान के बीच आधिकारिक तौर पर बातचीत 3 अगस्त 2019 से बंद है, जब भारत ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म कर दिया था और तत्कालीन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत के साथ तमाम बातचीत रोक दी थी। हालांकि, कुछ मुद्दों बैकडोर बातचीत दोनों देशों के बीच हुई है, जिसके तहत दोनों देशों ने सीमा पर सीजफायर का फैसला लिया था, लेकिन दोनों देशों के कारोबार पर पूरी तरह से ताला लगा हुआ है।












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