अमेरिकी संसद में UFO पर बहुत बड़ी गवाही, सरकार पर लगे जानकारियां छिपाने के आरोप, कहा, उनके आगे धूल हैं हम...
UFO News: अमेरिका में कई बार यूएफओ यानि किसी और ग्रह से आए हुए विमानों को देखने के दावे किए गये हैं, हालांकि अमेरिका की सरकार ने अभी तक ऐसे किसी दावों की पुष्टि नहीं की है, लेकिन कई आम लोगों ने भी यूएफओ को देखने की बात कही है।
अमेरिका ने भले ही यूएफओ को देखने की पुष्टि नहीं की है, लेकिन अमेरिका में यूएफओ और एलियंस की जांच को लेकर एक विभाग है और अमेरिकी एयरफोर्स के एक पूर्व खुफिया अधिकार ने बुधवार को अमेरिकी कांग्रेस के सामने सनसनीखेज गवाही दी है और कहा है, कि अमेरिका काफी लंबे समय से चले रहे यूएफओ कार्यक्रम को छिपा रहा है।

वायु सेना के एक पूर्व ख़ुफ़िया अधिकारी ने बुधवार को कांग्रेस के सामने गवाही दी कि अमेरिका एक लंबे समय से चले आ रहे कार्यक्रम को छुपा रहा है जो अज्ञात उड़ने वाली वस्तुओं को पुनर्प्राप्त और उलटने के लिए इंजीनियरों का काम करता है। पेंटागन ने उनके दावों का खंडन किया है।
पूर्व पायलट का यूएफओ पर बड़ा दावा
अमेरिकी हाउस ओवरसाइट उपसमिति के सामने रिटायर्ड मेजर डेविड ग्रुश की बहुप्रतीक्षित गवाही यूएपी - या "अज्ञात हवाई घटना" को लेकर बयान दर्ज किया गया है।
रिटायर्ड मेजर डेविड ग्रुश ने कहा है, कि यूएफओ नहीं बोलकर अमेरिका की सरकार आधिकारिक तौर पर "अज्ञात हवाई घटना" शब्द का इस्तेमाल करती है। जबकि रहस्यमय विमान या वस्तुओं का अध्ययन अक्सर एलियंस और "छोटे हरे पुरुषों" की चर्चा को जन्म देता है।
आपको बता दें, कि अमेरिका में डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टी के दर्जनों नेताओं ने बार बार अमेरिकी सरकार से एलियंस और यूएफओ को लेकर जानकारियां पारदर्शी करने का आह्वान किया है। कई सांसदों ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला बताया है और इसपर और भी ज्यादा रिसर्च करने की मांग की है और कहा है, कि अमेरिकी पायलट जिन अज्ञात गतिविधियों को आसमान में देखते रहते हैं, वो अमेरिका के लिए खतरा हो सकते हैं।
डेविड ग्रुश ने अमेरिकी कांग्रेस को आगे बताया, कि 'अगर सरकार यूएफओ को विदेशी ड्रोन मानती है, तो इससे तत्काल देश की सुरक्षा को खतरा है और अगर इसका संबंध साइंस से है, तो फिर ये निश्चित तौर पर आपतकालीन राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है।'
रिटायर्ड पायलट ग्रुश ने संसद को बताया, कि साल 2019 में उन्हें यूएपी को लेकर एक सरकारी टास्क फोर्स के प्रमुख ने टास्क फोर्स के मिशन से संबंधित सभी हाई क्लासीफाइड कार्यक्रमों की पहचान करने के लिए कहा गया था और उस वक्त उन्हें अमेरिकी सरकार के जासूली सैटेलाइट्स से संचालित होने वाली देश की खुफिया मिशनों की जानकारी दी गई थी।
यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिकी सरकार को अलौकिक जीवन के बारे में जानकारी है, रिटायर्ट पायलट ग्रुश ने कहा. कि अमेरिका को संभवतः 1930 के दशक से "गैर-मानवीय" गतिविधि के बारे में पता है।
उन्होंने अमेरिकी सरकार पर यूएफओ से संबंधित जानकारियों को छिपाने का आरोप लगाया है और कहा, कि यूएफओ के पास जो टेक्नोल़ॉजी है, उसके आगे हम कुछ भी नहीं हैं। उन्होंने कहा, कि "साल 2004 में हमने जिस टेक्नोलॉजी का सामना किया था, उसके आगे हम बौने थे।"
पेंटागन ने ग्रुश के कवरअप के दावों का खंडन किया है। एक बयान में, रक्षा विभाग की प्रवक्ता सू गफ ने कहा कि जांचकर्ताओं को "दावों को पुष्ट करने के लिए कोई भी सत्यापन योग्य जानकारी नहीं मिली है कि अलौकिक सामग्रियों के कब्जे या रिवर्स-इंजीनियरिंग के संबंध में कोई भी कार्यक्रम अतीत में मौजूद था या वर्तमान में मौजूद है।" बयान में उन यूएफओ को संबोधित नहीं किया गया जिन पर अलौकिक वस्तुएं होने का संदेह नहीं है।
पेंटागन ने किया दावों का खंडन
वहीं, पेंटागन ने रिटायर्ट पायलट ग्रुश के 'सरकार के जानकारियां छिपाने' के दावों का खंडन किया है। एक बयान में, रक्षा विभाग की प्रवक्ता सू गफ ने कहा, कि जांचकर्ताओं को "उनके दावों की पुष्टि करने केो लिए कोई भी वेरिफाइड जानकारी नहीं मिली है, कि अलौकिक सामग्रियों के कब्जे या रिवर्स-इंजीनियरिंग के संबंध में कोई भी कार्यक्रम अतीत में या वर्तमान में मौजूद था।"
ग्रुश का कहना है कि अपनी खोज के बाद वह एक सरकारी व्हिसलब्लोअर बन गए और इसको लेकर उन्हें कई तरह से बदले की कार्रवाई का सामना करना पड़ा। उन्होंने चल रही जांच का हवाला देते हुए जवाबी कार्रवाई की रणनीति के बारे में ज्यादा जानकारी देने इनकार कर दिया।
पूर्व पायलट ने खुफिया एजेसियों पर अपने खिलाफ क्रूर कार्रवाइयां करने का भी आरोप लगाया है, क्योंकि उन्होंने मुंह बंद रखने से मना कर दिया।
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