पहले अंडा आया या मुर्गी? इस अनोखे सवाल का मिला सटीक जवाब, रिसर्च में वैज्ञानिकों ने कही ये बात
बाओयू जियांग और माइकल जे बेंटन के नेतृत्व मैं तैयार इस टीम ने ये दावा किया है कि पहले मुर्गा-मुर्गी आज के जैसे नहीं थे और वे अंडे नहीं बल्कि पूर्ण रूप से बच्चे को जन्म देते थे। समय के साथ-साथ इनमें परिवर्तन होता चला गया।
पहले अंडा आया या मुर्गी? आपसे भी किसी ने कभी-कभी ये सवाल जरूर पूछा होगा। आप ही नहीं, दुनिया में शायद ही कोई इंसान होगा जिससे इस सवाल का जवाब नहीं पूछा गया होगा।
सदियों से इस अनसुलझे सवाल का जवाब आखिरकार मिल गया है। अब एक स्टडी सामने आयी है जिसमें इस सवाल का जवाब मिल गया है।
नेचर इकोलॉजी एंड इवोल्यूशन में छपे शोध के मुताबिक, ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी और नानजिंग यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि धरती पर पहले अंडा नहीं आया बल्कि मुर्गा-मुर्गी आए थे।

इस शोध में वैज्ञानिकों ने आश्चर्यजनक निष्कर्षों का खुलासा किया है जो विकासवादी जीव विज्ञान में लंबे समय से चले आ रहे विश्वास को चुनौती देते हैं।
बाओयू जियांग और माइकल जे बेंटन के नेतृत्व मैं तैयार इस टीम ने ये दावा किया है कि पहले मुर्गा-मुर्गी आज के जैसे नहीं थे और वे अंडे नहीं बल्कि पूर्ण रूप से बच्चे को जन्म देते थे। समय के साथ-साथ इनमें परिवर्तन होता चला गया।
शोध में कहा गया है कि अंडे देने वाले जानवरों की प्रजातियों का विकास बच्चे देने वाली प्रजातियों से ही हुआ। वैज्ञानिकों का मानना है कि पहले मुर्गा-मुर्गी आज के जैसे नहीं थे और वे अंडे नहीं बल्कि पूर्ण रूप से बच्चे को जन्म देते थे।
वैज्ञानिकों ने बताया कि समय के साथ-साथ इनमें परिवर्तन होता चला गया। जो मुर्गियां बच्चा देती थीं उनमें अंडे देने की क्षमता भी विकसित हो गई।
शोधकर्ताओं का का कहना है कि बच्चे को जन्म देने की क्षमता का अलग-अलग होना एक्सटेंडेड एम्ब्रायो रेटेंशन की वजह से होता है। चिड़िया, मगरमच्छ और कछुए ऐसे अंडे देते है, जिसमें भ्रूण बिल्कुल बना भी नहीं होता है। अंडा देने का बाद उनमें भ्रूण तैयार होता है।
वहीं, कुछ जीव ऐसे होते हैं , जो जब अंडा देते हैं तो उसमें भ्रूण बन चुका होता है। सांप और छिपकलियां अंडे भले ही देती हैं, लेकिन वे बच्चों को भी जन्म दे सकते हैं क्योंकि इन्हें हैचिंग की ज़रूरत नहीं होती।
नानजिंग और ब्रिस्टल विश्वविद्यालय के रिसर्चर्स ने उस दावे को चैलेंज किया जिसमें कहा गया था कि सबसे पहले कठोर खाल वाले अंडे एमनियोट्स आए थे। माइकल बेंटन के अनुसार, एमनियोट्स उभयचर जीवों से विकसित हुए हैं।
ये वे जीव थे जिन्हें भोजन और प्रजनन के लिए पानी की आवश्यकता होती थी। हालांकि, एमनियोटिक अंडे के विकास के साथ, उन्होंने पानी पर निर्भरता से अलग होने की क्षमता हासिल कर ली।












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