अमेरिकी मिड टर्म चुनाव क्या हैं? ट्रंप और बाइडन की पार्टियों के बीच कैसे हुई कांटे की टक्कर
अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के बाद नतीजे आना जारी हैं. अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस पर दबदबे के लिए पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडन की पार्टियों के बीच कड़ा मुक़ाबला दिख रहा है.
मतगणना जारी रहने के बीच रिपब्लिकन पार्टी ने हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव यानी प्रतिनिधि सभा में बहुमत पा लिया है, लेकिन सीनेट के लिए कांटे की टक्कर जारी है.
डेमोक्रेट्स ने सीनेट की अहम सीट पेन्सिलवेनिया को अपने नाम कर लिया है, लेकिन बाकी दो सीटों पर मुक़ाबला बेहद क़रीबी बना हुआ है और एक सीट पर चुनाव अगले महीने तक खिंच सकता है.
मतदाताओं के बीच अर्थव्यवस्था और गर्भपात का मुद्दा सबसे बड़ा है.
हालांकि, उम्मीद की जा रही थी कि रिपब्लिकन पार्टी को मध्यावधि चुनाव में फ़ायदा होगा, लेकिन नतीजों में पार्टी की वो 'लहर' नहीं दिख रही.
इन चुनावों से भले ही जो बाइडन के भविष्य का फ़ैसला नहीं हो रहा, लेकिन इससे उनकी सरकार के एजेंडों की दिशा ज़रूर तय होगी.
क्या हैं मध्यावधि चुनाव?
जैसा कि नाम से ही ज़ाहिर है, अमेरिका में राष्ट्रपति के चार साल के कार्यकाल के मध्य में चुनाव होते हैं. इन चुनावों से अक़्सर ये संकेत मिलते हैं कि किसी राष्ट्रपति का कामकाज कैसा है.
इन चुनावों के साथ ही अमेरिका के राज्यों में गवर्नर भी चुने जाते हैं. हालांकि, वो संसद में शामिल नहीं होते, लेकिन ये गवर्नर राज्यों में ऐसे क़ानूनों, प्रस्तावों को लाते हैं जिसका आमतौर पर लोगों के जीवन पर सीधा असर होता है.
अमेरिका में दो बड़ी राजनीतिक पार्टियां हैं.
डेमोक्रेटिक पार्टी को आमतौर पर वामपंथी माना जाता है जो प्रगतिशील विचारों पर चलती है. वहीं, रिपब्लिकन पार्टी को दक्षिणपंथी और अधिक रुढ़िवादी माना जाता है. राष्ट्रपति जो बाइडन डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्य हैं.
चुनाव से कैसे बदलेगी अमेरिकी कांग्रेस की स्थिति
अमेरिकी संसद भारत की राज्यसभा और लोकसभा की तरह ही सीनेट और प्रतिनिधि सभा यानी हाउस ऑफ़ रिप्रेंज़ेटेटिव से मिलकर बनती है.
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (निचला सदन) में 435 सदस्य होते हैं जो अपनी स्थानीय आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं. इसके अलावा हर राज्य से दो सीनेटर होते हैं, जो राज्यों के हितों का प्रतिनिधित्व करते हैं.
फ़िलहाल दोनों सदनों में डेमोक्रेटिक पार्टी का नियंत्रण है, पार्टी बेहद कम फ़ासले से बहुमत में है. अभी तक राष्ट्रपति जो बाइडन के लिए बहुमत ने चीज़ें आसान बनाई हुई थीं. जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए विधेयक, हेल्थ केयर टैक्स जैसे अहम प्रस्तावों को लागू करने के लिए पहले कांग्रेस की हरी झंडी ज़रूरी है.
लेकिन डेमोक्रेटिक पार्टी की सबसे बड़ी चिंता फ़िलहाल ये है कि रिपब्लिकन को अब संसद की प्रतिनिधि सभा और सीनेट पर अपना नियंत्रण जमाने के लिए महज़ कुछ ही सीटों पर जीत की ज़रूरत है.
अगर डेमोक्रेटिक पार्टी किसी एक भी सदन में नियंत्रण खोती है तो रिपब्लिकन के लिए सरकार की योजनाओं को रोकना आसान हो जाएगा.
रिपब्लिकन पार्टी को प्रतिनिधि सभा में केवल पाँच अतिरिक्त सीटें और सीनेट में सिर्फ़ एक अधिक सीट पर जीत चाहिए. इसके बाद रिपब्लिकन पार्टी के लिए गर्भपात के लिए संरक्षण, समलैंगिक विवाह और मतदान के अधिकार सहित बाइडन सरकार की कई अहम योजनाओं की राह में रोड़ा अटकाना आसान हो जाएगा.
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कांटे की टक्कर
मतगणना जारी रहने के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि मंगलवार को हुआ चुनाव अमेरिका के 'लोकतंत्र के लिए अच्छा दिन' साबित हुआ.
उन्होंने कहा कि हमने पिछले 40 साल में किसी भी मिड टर्म चुनाव की तुलना में प्रतिनिधि सभा के अंदर सबसे कम सीटें खोई हैं. साल 1986 के बाद से पहली बार गवर्नरों के लिए भी ये सबसे अच्छा चुनाव साबित हुआ है.
https://twitter.com/POTUS/status/1590492352761966592
सीनेट के लिए पेन्सिलवेनिया सीट पर डेमोक्रेट नेता जॉन फ़ेटरमेन और ट्रंप समर्थित सिलेब्रिटी डॉक्टर मेहमेत ओज़ेड के बीच हुए क़रीबी मुक़ाबले पर सबकी निगाहें थीं. इस चुनाव में जॉन फ़ेटरमेन की जीत हुई, जो अभी भी स्ट्रोक से उबर रहे हैं.
इसके अलावा जॉर्जिया सीट पर भी डेमोक्रेट रफ़ेल वॉरनॉक और रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी हर्षेल वॉकर के बीच रोमांचक मुक़ाबला हुआ. सीनेट की इस सीट के लिए अब चार सप्ताह बाद फिर से चुनाव होगा क्योंकि दोनों में से कोई उम्मीदवार 50 फ़ीसदी से अधिक वोट हासिल नहीं कर सका.
सीनेट के लिए एरिज़ोना और नेवाडा सीटों पर भी मतगणना जारी है. बीबीसी के अमेरिकी सहयोगी सीबीएस न्यूज़ का कहना है कि एरिज़ोना में डेमोक्रेटिक पार्टी जीत की ओर बढ़ रही है, लेकिन नेवाडा में अभी भी पेच फंसा हुआ है और वोटों का मिलान जारी है.
इसका मतलब है कि संसद के ऊपरी सदन में किस पार्टी का वर्चस्व होगा, ये पता लगने में कई दिन या फिर कुछ सप्ताह का समय भी लग सकता है.
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रिपब्लिकन के लिए क्या हैं चुनाव के मायने?
कुछ राज्यों में गवर्नर के लिए भी चुनाव हुए थे. टेक्सस, फ़्लोरिडा और जॉर्जिया जैसे अहम राज्यों में रिपब्लिकन के गवर्नर अपना क़िला बचाने में कामयाब रहे हैं.
हालांकि, 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप के उम्मीदवारी पेश करने की संभावनाओं के बीच ऐसे कई प्रत्याशी मध्यावधि चुनाव में विफल हो गए हैं, जिनके लिए ट्रंप ने प्रचार किया था.
बुधवार को ट्रंप ने कहा, "कुछ मायनों में चुनाव के नतीजे निराशाजनक हैं, लेकिन मेरे निजी विचार से ये एक बहुत बड़ी जीत थी."
अमेरिका में राष्ट्रपति की पार्टी मध्यावधि चुनावों में बुरा प्रदर्शन करती आई है. दवाओं के दाम घटाने, ऊर्जा के प्रदूषण रहित नए स्रोतों को बढ़ावा देने और अमेरिकी बुनियादी ढांचे में बड़े बदलाव लाने के बावजूद जो बाइडन की लोकप्रियता जनता के बीच घटी है. देश चार दशकों में सबसे अधिक महंगाई से जूझ रहा है.
लेकिन गर्भपात के मुद्दे पर रिपब्लिकन पार्टी भी आलोचनाओं से घिरी रही है. पार्टी ने इस साल सुप्रीम कोर्ट की ओर से गर्भपात का क़ानूनी हक़ वापस लेने के आदेश का समर्थन किया था.
मंगलवार को वेरमॉन्ट, कैलिफ़ॉर्निया और मिशिगन के मतदाताओं ने अपने राज्य के संविधान में गर्भपात के अधिकार को शामिल करने का फ़ैसला किया ताकि भविष्य में किसी भी क़ानून के ज़रिए इसे वापस न लिया जा सके.
इस बीच, केंटकी राज्य के लोगों ने भी गर्भपात का अधिकार न देने वाले संवैधानिक संशोधन को ख़ारिज कर दिया. लेकिन इससे राज्य के मौजूदा क़ानून पर कोई असर नहीं पड़ेगा जिसके तहत गर्भपात लगभग प्रतिबंधित है.
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