भूकंप के बाद इंडोनेशिया में ज्वालामुखी विस्फोट, पहाड़ से निकल रही है पिघलती आग, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
इंडोनेशिया धरती के उस हिस्से में स्थिति है, जो भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट के लिए सबसे खतरनारा माना जाता है। हर साल सौ से ज्यादा लोग प्राकृतिक आपदा में मारे जाते हैं।

Indonesia volcano erupts: इंडोनेशिया में एक के बाद एक प्राकृतिक आपदाएं आ रही हैं। कुछ घंटे के अंदर ही इंडोनेशिया के लोग बार बार खौफ में जी रहे हैं। पहले इंडोनेशिया में 7.7 मैग्नीच्यूड के साथ भूकंप के जोरदार झटके आए हैं, जो ऑस्ट्रेलिया तक महसूस किए गये हैं, वहीं अब इंडोनेशिया में ज्वालामुखी भी फूटा है, जिसके बाद सैकड़ों को लोगों को प्रभावित इलाके से सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है।

इंडोनेशिया में फूटा ज्वालामुखी
इंडोनेशियाई नेशनल सर्च एंड रेस्क्यू एजेंसी(बसरमास) ने 8 जनवरी 2023 को पश्चिम सुमात्रा प्रांत की राजधानी पडांग शहर में माउंट मारापी ज्वालामुखी क्षेत्र से 164 पर्वतारोहियों को ज्वालामुखी विस्फोट के बाद सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है। वहीं, पडंग शहर के प्रमुख अब्दुल मलिक ने कहा कि, पर्वतारोही मारापी पर्वत की चढ़ाई कर रहे थे, जब ज्वालामुखी विस्फोट हुआ। उन्होंने कहा कि, 7 जनवरी से राख का निकलना शुरू हो गया था और अब ज्वालामुखी विस्फोट हुआ है। उन्होंने कहा कि, सबसे पहले स्थानीय सुरक्षा बलों और स्थानीय लोगों की मदद से बसरनास ने राहत और बचाव अभियान चलाया था और सभी पर्वतारोहियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। (फाइल फोटो)
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कब हुआ ज्वालामुखी विस्फोट?
स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, मारापी ज्वालामुखी ने 7 जनवरी को सुबह लगभग 6:11 बजे राख उगलना शुरू किया था और 8 जनवरी की दोपहर तक कुल 22 विस्फोट दर्ज किए गए थे। वहीं, अब इस ज्वालामुखी क्षेत्र में खतरे को लेवल-2 तक बढ़ा दिया गया है। स्थानीय निवासियों द्वारा शूट किए गए वीडियो फुटेज में माउंट सेमेरू को अपने क्रेटर के ऊपर ग्रे ऐश का एक विशाल बादल उगलते हुए दिखाया गया है, जिसने बाद में पहाड़ और आसपास के चावल के धान के खेतों, सड़कों और पुलों को घेर लिया और आसमान को काला कर दिया। पर्यावरण मंत्रालय द्वारा ट्विटर पर साझा किए गए एक वीडियो में चट्टानों से लावा और गर्म गैस को बाहर निकलते हुए देखा जा रहा है। वहीं, एक वीडियो में पाइरोक्लास्टिक प्रवाह को पहाड़ से नीचे गिरते हुए दिखाया गया है। (फाइल फोटो)
लोगों को किया जा रहा है रेस्क्यू
अधिकारियों ने कहा कि, ज्वालामुखी विस्फोट के फौरन बाद स्थानीय निवासियों ने पलायन करना शुरू कर दिया और सैकड़ों लोग अपनी अपनी मोटरसाइकिल से प्रभावित इलाकों से बाहर निकल गये। वहीं, प्रशासन ने करीब 2500 लोगों को बाहर निकाला है। इंडोनेशिया की ज्वालामुखी और भूवैज्ञानिक खतरा शमन एजेंसी ने रविवार को प्रभावित क्षेत्र के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। एजेंसी ने लावा प्रवाह के जोखिम के कारण निवासियों को पहाड़ के 8 किमी या नदियों के क्षेत्र में 500 मीटर के भीतर नहीं आने की चेतावनी भी जारी की है। आपको बता दें कि, इंडोनेशिया के सेमेरू में पिछले साल भी ज्वालामुखी विस्फोट हुआ था, जिसमें 50 से ज्यादा लोग मारे गए थे और हजारों लोग विस्थापित हुए थे और इस बार मारापी में ज्वालामुखी विस्फोट हुआ है।
कहां हुआ है ज्वालामुखी विस्फोट?
ये ज्वालामुखी विस्फोट राजधानी जकार्ता से लगभग 640 किमी (400 मील) पूर्व में, जावा के पश्चिम में एक के बाद एक भूकंप आने बाद हुआ है, जिसमें पिछले साल आया भूकंप भी शामिल है, जिसमें 300 से ज्यादा लोग मारे गए थे। इंडोनेशिया की आबादी करीब 27 करोड़ है और इंडोनेशिया पृथ्वी पर सबसे अधिक आपदा प्रवण देशों में से एक है। 142 ज्वालामुखियों के साथ, इंडोनेशिया की विश्व स्तर पर सबसे बड़ी आबादी ज्वालामुखी के करीब है, जिसमें 10 किमी के भीतर करीब साढ़े 8 करोड़ लोग रहते हैं।












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