‘यूक्रेन ने रूस संग शांति संधि पर किया था हस्ताक्षर लेकिन बाद में मुकरे', पुतिन का बड़ा खुलासा
पुतिन के दावे के मुताबिक इस समझौते पर यूक्रेनी प्रतिनिधि ने भी हस्ताक्षर किया था। पुतिन ने कहा कि ये समझौता यूक्रेन की सुरक्षा की गारंटी थी। पुतिन ने कहा कि उन्होंने कभी इस समझौते न बाकी देशों को दिखाया और न कभी इस पर टि
रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने एक बड़ा खुलासा किया है। व्लादिमीर पुतिन ने दावा किया है कि जेलेंस्की के प्रतिनिधि ने युद्ध को समाप्त करने के लिए मास्को के साथ एक शांति संधि पर हस्ताक्षर किए थे।
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने ये आरोप लगाया कि कीव ने बाद में इसे 'इतिहास के कचरे' में फेंक दिया। रूस के सेंट पीटर्सबर्ग के कॉन्स्टेंटिनोवस्की पैलेस में दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा की अगुवाई में अफ्रीकी संघ के नेताओं के साथ बैठक के दौरान पुतिन ने ये टिप्पणी की।

इस बैठक में दक्षिण अफ्रीका, सेनेगल, मिस्र, जाम्बिया, युगांडा, कांगो गणराज्य और कोमोरो द्वीप समूह के नेता शामिल थे। इस बैठक में पुतिन ने दावा किया कि 2022 के वसंत में यूक्रेन पर रूस के शुरुआती आक्रमण के दौरान इस्तांबुल में दोनों देशों द्वारा एक शांति संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे।
पुतिन के मुताबिक तुर्की ने दोनों पक्षों के बीच बातचीत शुरू कराने में पहल की थी। इस समझौते के मुताबिक अगर रूसी सेना कीव से लौट जाती है तो यूक्रेन, रूस के कुछ शर्तों को मान लेगा।
व्लादिमीर पुतिन ने पुतिन ने अफ्रीकी नेताओं को इस्तांबुल में हुए संधि के कथित मसौदे को भी दिखाया। इस मसौदे के मुताबिक रूस को यूक्रेन के उत्तरी भाग यानी- कीव और उसके आसपास के इलाके से अपने सेना हटानी थी।
इसके बदले में यूक्रेन को अपनी सैन्य क्षमता को सीमित कर पचास फीसदी कम करना था। इसके अलावे यूक्रेन को नाटो का मेंबर बनने की कोशिश नहीं करना था। यूक्रेन को एक निष्पक्ष देश रहना था, और उसे रूस और यूरोपीय देशों संग समान रिश्ते रखने की शर्त माननी थी।
पुतिन के दावे के मुताबिक इस समझौते पर यूक्रेनी प्रतिनिधि ने भी हस्ताक्षर किया था। पुतिन ने कहा कि ये समझौता यूक्रेन की सुरक्षा की गारंटी थी। पुतिन ने कहा कि उन्होंने कभी इस समझौते न बाकी देशों को दिखाया और न कभी इस पर टिप्पणी की।
पुतिन ने कहा कि रूस ने समझौते की शर्तों को पहले स्वीकार किया और कीव से सैनिकों को वापस ले लिया। लेकिन यूक्रेन ने इसके बाद शांति समझौते को खारिज कर दिया। व्लादिमीर पुतिन ने सवालिया लहजे में पूछा, "इस बात की गारंटी कहां है कि वे भविष्य में किसी भी अन्य समझौते का त्याग नहीं करेंगे?" पुतिन के इस दावे पर कीव ने अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।












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