व्लादिमीर पुतिन का बड़ा ऐलान, यूक्रेन से कब्जाए चारों राज्यों में लगा दिया मार्शल लॉ
रूसी कमांडर रमजान कादिरोव ने पुतिन से अपील की थी कि वे यूक्रेन से सटे रूसी इलाकों में मार्शल लॉ लगा दें। इसके बाद रूसी राष्ट्रपति ने एनएससी के साथ सीक्रेट मीटिंग की और इन चारों इलाकों में मार्शल लॉ लगाने की घोषणा की।
martial law in Ukraine regions: रूस (Russia) और यूक्रेन (Ukraine) में जारी युद्ध के बीच राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने बुधवार को बड़ा ऐलान कर दिया है। रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन में कब्जा किए गए चारों प्रांत में मार्शल लॉ (martial law) की घोषणा कर दी है। दरअसल रूसी कमांडर रमजान कादिरोव ने पुतिन से अपील की थी कि वे यूक्रेन से सटे रूसी इलाकों में मार्शल लॉ लगा दें। इसके बाद रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने एनएससी के साथ सीक्रेट मीटिंग की और इन चारों इलाकों में मार्शल लॉ लगाने की घोषणा की।

Image- PTI
पुतिन का यह कदम कितना प्रभावी होगा?
रूसी राष्ट्रपति ने इस आदेश से संबंधित डिक्री पर बुधवार दोपहर में हस्ताक्षर कर दिए हैं। पुतिन के इस फैसले को पूर्वी यूक्रेन में रूस के निर्णायक कदम के तौर पर देखा जा रहा है। पुतिन ने यह घोषणा ऐसे वक्त में की है जब यूक्रेनी सेना रूस के कब्जे वाले डोनेट्स्क, लुहान्स्क, जापोरिज्जिया और खेरसॉन इलाके को फिर से वापस लेने के लिए तेजी से आगे बढ़ रही है।
सितंबर में यूक्रेन के चार प्रांतो पर किया कब्जा
दरअसल पिछले महीने ही रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इन प्रांतों का रूस में विलय का ऐलान किया था। इन चारों इलाकों में जनमत संग्रह के बाद व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि ये क्षेत्र अब रूस के हिस्से बन चुके हैं। इस जनमत संग्रह को लेकर यूक्रेन और पश्चिमी देशों ने रूस की कड़ी निंदा की थी। रूस समर्थक अधिकारियों ने घोषणा करते हुए कहा कि लुहान्स्क और डोनेट्स्क में 98 प्रतिशत से अधिक, खेरसॉन में 87 प्रतिशत से अधिक और जापोरिजिया में 93 प्रतिशत से अधिक लोगों ने रूस का हिस्सा बनने के लिए मतदान किया था। कीव और पश्चिमी देशों ने यूक्रेन के 15 फीसदी इलाके को रूस में मिलाने को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।
क्या होता है मार्शल लॉ?
मार्शल लॉ किसी भी देश में सरकार द्वारा घोषित एक ऐसी न्याय व्यवस्था है जिसमें सैन्य बलों को एक क्षेत्र, शासन और नियंत्रण करने का अधिकार दिया जाता है। मार्शल लॉ को सैन्य कानून भी कहा जाता है। मार्शल लॉ एक देश तभी लागू करता है जब अशांति का माहौल हो या कोई राष्ट्रीय आपदा आ जाए या फिर स्टेट ऑफ वार की स्थिति हो। मार्शल लॉ लागू होते ही आर्मी के हाथ में सारा काम आ जाता है। इस लॉ के लागू होते ही नागरिकों से उनके कई अधिकार छीन लिए जाते हैं। यानी आर्मी चाहे तो किसी को भी जेल में डाल सकती है या किसी को भी कहीं पर मार सकती है। इस दौरान सिविलियन कोर्ट बंद हो जाते हैं और मार्शल कोर्ट खुल जाते हैं। कभी-कभी मार्शल लॉ बहुत बड़ी प्राकृतिक आपदा आने पर भी लगा दिया जाता है। हालांकि अधिकांश देश ऐसी स्थिति में आपातकाल (इमर्जेंसी) लागू करते हैं।
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