'प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से काफी प्रभावित हूं'... बोले अमेरिकी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार विवेक रामास्वामी
Vivek Ramaswamy on Narendra Modi: भारतीय-अमेरिकी रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार विवेक रामास्वामी ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की है और उन्होंने, भारत-प्रशांत क्षेत्र में चीन को रोकने में भारत की भूमिका पर जोर दिया है। विवेक रामास्वामी ने कहा है, कि जो बाइडेन के कार्यकाल के दौरान भारत के साथ विश्वसनीयता थोड़ा कम रहा है, जिसे वो राष्ट्रपति बनने के बाद बढ़ाएंगे।
इससे पहले भी विवेक रामास्वामी ने कई प्लेटफॉर्म्स से कहा है, कि अमेरिका को भारत के साथ जो विश्वसनीय रिश्ता बनाना चाहिए था, वो बनाने में अमेरिका नाकाम रहा है और उनकी पहली प्राथमिकता, भारत के मन में अमेरिका के प्रति विश्वास भरना है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफ
विवेक रामास्वामी 'वैल्यूएंटेनमेंट' प्लेटफॉर्म पर पीबीडी पॉडकास्ट में बोल रहे थे, जहां उनसे पूछा गया था, कि क्या उनका प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ कोई संबंध है?
इस सवाल का जवाब देते हुए ओहियो स्थिति कारोबारी विवेक रामास्वामी ने कहा, कि "मैं उन्हें अभी तक नहीं जानता, लेकिन... एक सुबह पहले, वह अपने संयुक्त सत्र (अमेरिकी कांग्रेस में) के लिए आए थे, इसलिए मैं वहीं रुक गया। वहां मुझे एक परिचित ने मुझे गेस्ट के तौर पर रखा था, इसीलिए मैं अमेरिकी संसद में था और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाषण को सुना। एक नेता के तौर पर मैं उनसे प्रभावित हूं।"
विवेक रामास्वामी ने आगे कहा, कि "मुझे लगता है, कि भारत के साथ सैन्य संबंधों को बढ़ाया नहीं गया है और भारत को इसे थोड़ा और आगे बढ़ाना चाहिए, जिसे मैं व्यापारिक संबंधों के लिहाज से थोड़ा निराशाजनक मानता हूं, लेकिन आप ये भी जानते हैं, कि अमेरिका भी अभी तक जरूरत से कम विश्वसनीय रहा है। इसीलिए अगर मैं राष्ट्रपति बनता हूं, तो मैं विश्वास के रिश्ते को बढ़ाने का काम करूंगा।"
चीन को काउंटर करने के लिए भारत की जरूरत
विवेक रामास्वामी ने आगे कहा, कि अमेरिका के लिए चीन को काउंटर करने के लिए भारत के साथ विश्वसनीय भागीदार के रूप में रखना, शी जिनपिंग के लिए एक बड़ी बाधा है और ताइवान युद्ध रोकने के लिए अमेरिका के सबसे महत्वपूर्ण विदेश नीति में भारत को रखना होगा।
उन्होंने कहा, कि "यदि आप ताइवान के साथ संघर्ष की स्थिति के बारे में सोचना चाहते हैं, तो लोग यह भूल जाते हैं, कि हिंद महासागर वह जगह है, जहां से मध्य पूर्वी तेल की आपूर्ति चीन तक जाती है, और इसलिए... यदि भारत वास्तव में एक विश्वसनीय भागीदार है, जो शी जिनपिंग के लिए एक और बाधा है।"
उन्होंने आगे कहा, कि "शी जिनपिंग, ताइवान के पीछे भाग रहे हैं। और मुझे लगता है, कि इस रेस में किसी भी पक्ष के पैट्रिक की तुलना में शायद, मेरे पास सबसे स्पष्ट दृष्टिकोण है, कि चीन को ताइवान के पीछे जाने से कैसे रोका जाए और उस द्वीप पर युद्ध से बचा जाए। और मुझे लगता है, कि यह विदेश नीति के दृष्टिकोण से अगले राष्ट्रपति द्वारा किया जाने वाला सबसे महत्वपूर्ण काम होगा।"
रिपब्लिकन नेता रामास्वामी ने कहा, कि वह इस धारणा को "त्याग" देंगे, कि अमेरिका दुनिया में जो कुछ भी होता है, उसका "नैतिक मध्यस्थ" है और अमेरिकी मातृभूमि के हितों को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेगा।
'अमेरिका नहीं है नैतिक मध्यस्थ'
विवेक रामास्वामी ने आगे कहा, कि "मैं उस झूठ को त्यागने जा रहा हूं, जो मुझे लगता है कि हमने अमेरिका में कई बार कहा है, कि हम किसी तरह दुनिया में जो कुछ भी होता है, उसका नैतिक मध्यस्थ हैं। मैं जो कहने जा रहा हूं, वह सच है, अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में मेरा काम वास्तव में अमेरिकी नागरिकों की देखभाल करने के लिए होमलैंड के हितों को आगे बढ़ाना है। मेरा अपने साथी नागरिकों के प्रति नैतिक दायित्व है कि मैं उनकी देखभाल करूं।"
उन्होंने आगे कहा, "...अगर मैं कह रहा हूं, कि 'ओह, यह लोकतंत्र के लिए लड़ने के बारे में है' या फिर किसी देश में सेना ने विपक्ष की 11 पार्टियों पर प्रतिबंध लगा दिया है, तो फिर मीडिया को बैन कर दिया है, या फिर किसी अफ्रीकी देश में किसी ने दूसरे देश पर हमला कर दिया है... इन सब बातों का कोई मतलब नहीं है। ...मैं इसमें सिर्फ अमेरिकी हितों को आगे बढ़ाने के लिए हूं, तभी दो पक्ष एक ऐसे समझौते पर पहुंच सकते हैं, जो दोनों पक्षों के लिए मायने रखता है।''
भारतीय मूल के अमेरिकी कारोबारी ने आगे कहा, कि वह शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन जैसे नेताओं से निपटने की चुनौती के लिए तैयार हैं। आपको बता दें, कि विवेक रामास्वामी ने रूस के साथ चल रहे संघर्ष में यूक्रेन को अमेरिकी समर्थन को "विनाशकारी" बताया है। उन्होंने मॉस्को द्वारा डोनबास क्षेत्र के कुछ हिस्सों को अपने पास रखने और कीव के नाटो में शामिल नहीं होने की शर्तों पर युद्ध समाप्त करने की वकालत की है।
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