जिम्बाब्वे में चुनाव बाद हिंसा पर काबू करने के लिए सेना ने चलाई गोली, 10 की मौत
हरारे। जिम्बाब्वे में चुनाव प्रचार के बाद सेना की फायरिंग में 10 लोगों के मरने की खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार जिम्बाब्वे में चुनाव के बाद हिंसा फैल गई, जिसकी वजह से कई लोगों की मौत हो घई है। इस हिंसा में सबसे ज्यादा प्रभावित जिम्बाब्वे की राजधानी हरारे हैं। यहं सेना की गोलीबारी 10 लोगों की जान चली गई। दरअसल प्रदर्शनकारियों का प्रदर्शन जब हिंसक हो गगया तो सेना ने उनपर गोली चला दी जिसकी वजह से कई लोगों की मौत हो गई।

वहीं सरकार की ओर से कहा गया है कि सेना को पुलिस की मदद के लिए तैनात किया गया है ताकि हिंसा पर काबू पाया जा सके। आपको बता दें कि जिम्बाब्वे में सोमवार को आम चुनाव के परिणाम आ गए हैं जिसके बाद विपक्ष ने सत्ताधारी दल ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाया है। इस चुनाव में जानू पीएफ ने बहुमत हासिल किया है। हालांकि अभी चुनाव परिणाम की घोषणा नहीं हुई है, जिसके बाद यूरोपीय यूनियन ने परिणाम घोषित नहीं किए जाने पर चिंता जाहिर की है।
हिंसा के बाद राष्ट्रपति एमर्सन नैनगागवा ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है उन्होंने इस हिंसा के लिए विपक्षी गठबंधन को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि यह चुनावी प्रक्रिया को बाधित करने की साजिश है, लिहाजा सभी लोग शांति बनाए रखें। गौरतलब है कि बुधवार को सेना टैंक के साथ शहर में प्रवेश कर गई थी, जिसके बाद जगह जगह पर प्रदर्शनकारी जुटने लगे थे। जैसे ही जानू पीएफ की जीत की खबर सामने आई लोगों ने तोड़फोड़ शुरू कर दी।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, वॉटर कैनन का सहरा लिया, लेकिन जब इसके बाद भी हिंसा नहीं रुकी तो सेना ने प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग कर दी। बीबीसी के अनुसार जानू पीएफ ने 132 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि एमडीसी गठबंधन ने 59 सीटों पर जीत दर्ज की है, हालांकि यह परिणाम संभावित हैं क्योंकि अभी आधिकारि परिणाम की घोषणा नहीं हुई है। जिम्बाब्वे में 70 फीसदी लोगों ने मतदान किया था।












Click it and Unblock the Notifications