UN की लताड़ के बाद नित्यानंद की शिष्या ने दी सफाई, कहा- हम भारत का सम्मान करते हैं
नित्यानंद की शिष्या विजयप्रिया ने 1 मार्च को जेनेवा में हुई UN की बैठक में कहा था- नित्यानंद को उनके जन्मस्थल पर हिंदू विरोधी लोग प्रताड़ित कर रहे हैं।

Image: Oneindia
यूनाइटेड स्टेट ऑफ कैलासा की तथाकथित स्थायी राजदूत और भगोड़े नित्यानंद की शिष्या विजयप्रिया नित्यानंद ने सफाई दी है। उसने कहा कि वह भारत का सम्मान करती हैं और उसके बयान को जानबूझ कर तोड़-मड़ोकर पेश किया गया है। विजयप्रिया ने पिछले हफ्ते जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के एक कार्यक्रम में कहा था कि नित्यानंद को परेशान किया जा रहा है। इसी के साथ, प्रिया ने कहा कि वो सिर्फ हिंदुओं के लिए बनाए गए देश का हिस्सा हैं और नित्यानंद हिंदुओं के 10,000 साल पुराने रिवाजों को जीवित कर रहे हैं।
अपने बयान को लेकर दी सफाई
ये टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी। अब विजयप्रिया का एक वीडियो सामने आया है। इसमें वो अपने बयान पर सफाई देती हुई नजर आ रही हैं। विजयप्रिया ने कहा, "मैं स्पष्ट करना चाहूंगी कि मैंने भारत के विरोध में कुछ नहीं कहा था। हम भारत का सम्मान करते हैं। मेरे बयान को गलत समझा जा रहा है। मीडिया के कुछ एंटी-हिंदू सेक्शन्स मेरे बयान को जानबूझकर तोड़-मोड़कर कर पेश कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि भारत सरकार इन एंटी-हिंदू सेक्शन्स के खिलाफ कार्रवाई करे। ये सेक्शन्स कैलासा के खिलाफ लगातार हमले और हिंसा भड़का रहे हैं।"
संयुक्त राष्ट्र ने रखा अपना पक्ष
इस मामले में संयुक्त राष्ट्र ने भी अपना पक्ष सामने रखा है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने गुरुवार को कहा कि भारतीय भगोड़े नित्यानंद द्वारा स्थापित तथाकथित यूएसके के प्रतिनिधि की ओर से पिछले सप्ताह जिनेवा में सार्वजनिक सभाओं में दिए गए बयान अप्रासंगिक है और अंतिम मसौदा परिणाम में इस पर विचार नहीं किया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने कहा है कि जिन विषयों पर बैठक में चर्चा हो रही थी उसके हिसाब से प्रतिनिधि का भाषण फिजूल था।
संयुक्त राष्ट्र के कार्यक्रम में पूछे सवाल
आपको बता दें कि संयुक्त राष्ट्र के जिनेवा में कार्यक्रम के दौरान नित्यानंद की शिष्या विजयप्रिया ने हिस्सा लिया था। कैलासा की प्रतिनिधि नित्यानंद की तरह ही पारंपरिक कपड़ों और ज्वैलरी में नजर आई थीं। संयुक्त राष्ट्र की वेबसाइट पर मौजूद एक वीडियो में जब मीटिंग में आए लोगों से सवाल पूछने को कहा गया तो विजयप्रिया ने सवाल पूछा। विजयप्रिया ने कहा कि वे 'सतत विकास' से जुड़े विषयों पर प्रश्न पूछना चाहती हैं। लेकिन उसने ऐसे सवाल पूछे जिसका कार्यक्रम से कोई मतलब नहीं था।
2019 में देश छोड़कर भागा नित्यानंद
आपको बता दें कि विजयप्रिया जिस नित्यानंद की शिष्या है, उस पर भारत में अपनी शिष्यों से रेप और किडनैपिंग के आरोप लगे थे। 2019 में वो देश छोड़कर भाग गया था। बाद में उसने अमेरिका के नजदीक 'रिपब्लिक ऑफ कैलासा' नाम का अपना अलग द्वीप बसाने का दावा किया था। हालांकि, अब तक इस द्वीप या देश को किसी देश ने मान्यता नहीं दी है। हालांकि अब तक यह पता नहीं चल पाया है कि वह भारत से भागने में कैसे सफल हुआ? भारत से भागने के बाद नित्यानंद ने दावा किया कि उसने इक्वाडोर के तट के पास द्वीप खरीद कर कैलासा बसाया है। हालांकि इक्वाडोर ने नित्यानंद के देश में होने से इंकार किया था।












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