उज्बेकिस्तान के नागरिकों ने रूस-यूक्रेन जंग में शामिल होने का बना लिया मन, टेंशन में आई सरकार
उज्बेकिस्तान ने रूस में रहने वाले अपने नागरिकों को रूस-यूक्रेन युद्ध से दूर रहने की चेतावनी दी है। सरकार ने कहा कि यदि कोई नागरिक आदेश की अवहेलना करता है तो उसे इसका गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा।
ताशकंद, 10 अगस्तः उज्बेकिस्तान ने रूस में रहने वाले अपने नागरिकों को रूस-यूक्रेन युद्ध से दूर रहने की चेतावनी दी है। सरकार ने कहा कि यदि कोई नागरिक आदेश की अवहेलना करता है तो उसे इसका गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा। बयान में कहा गया है, "दूतावास हमारे सभी हमवतन लोगों से उकसावे से दूर रहने का आह्वान करता है।" रूस में उज़्बेकिस्तान के दूतावास ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा कि विदेशों में सैन्य गतिविधियों में किसी भी प्रकार की भागीदारी को भाड़े की गतिविधि माना जाता है। ऐसी किसी गतिविधि में शामिल होने पर 10 साल तक की जेल की सजा दी जाएगी।
तस्वीर साभार- Tass

उज्बेक नेता ने जंग में शामिल होने की अपील की
यह बयान रूस के पर्म क्षेत्र में BETTA टेलीविजन चैनल द्वारा एक रिपोर्ट प्रसारित करने के एक दिन बाद आया है जिसमें इस क्षेत्र में उज़्बेक प्रवासी नेता जहांगीर जलोलोव ने 14 वीं शताब्दी के तुर्क शासक आमिर तिमूर के नाम पर एक उज़्बेक बटालियन बनाने के लिए उज़्बेकों को बुलाया था। जलोलोव ने कहा कि उज़्बेक बटालियन को यूक्रेनियन के खिलाफ लड़ने के लिए रूसी सैन्य बलों में शामिल होना चाहिए। बता दें कि रूसी मीडिया ने इस सप्ताह की शुरुआत में बताया कि रूसी क्षेत्रों और जातीय गणराज्यों में स्वयंसेवकों की 40 से अधिक सैन्य इकाइयां बनाई गई हैं।

सैनिकों की घोर कमी से जूझ रहा रूस
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 6 महीने में चल रहे इस जंग में रूस ने हजारों की तादाद में सैनिकों को खोया है। सैनिकों की कमी पूरी करने के लिए रूस अब खूंखार कैदियों का सहारा ले रहा है। रूस ने कैदियों को ऑफर दिया है कि वे अगर यूक्रेन में जंग लड़ते हैं तो उन्हें जेल से मुक्ति मिल जाएगी। कैदियों और उनके रिश्तेदारों के बीच हुई बातचीत में रूस के इस प्लान का खुलासा हुआ है। इन रूसी कैदियों में से कई युद्ध के दौरान घायल हो गए हैं और वे अपने घरों को वापस लौट रहे हैं। इससे पहले खबर आई थी कि रूस उत्तर कोरिया से सैनिकों की मदद मांग रहा है।

कैदियों को जंग में शामिल कर रहा रूस
पश्चिमी देशों का मानना है कि यूक्रेन की जंग में अब तक रूस के 75 हजार सैनिक मारे गए हैं या घायल हो गए हैं। हालांकि रूस ने इस आंकड़े का खंडन किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि रूसी सेना में हत्यारों को शामिल किया जा रहा है लेकिन बलात्कारियों, अतिवादियों या आतंकवादियों को नहीं लिया जा रहा है। इन सैनिकों को क्षमादान या 6 महीने में माफी देने का ऑफर दिया जा रहा है।

6 महीने से चल रहा युद्ध
रूस ने 24 फरवरी को यूक्रेन पर आक्रमण किया था। शुरू में माना गया कि यह जंग बस कुछ दिन तक चलने वाला है लेकिन 6 महीने बीत जाने के बाद भी इसके अंत की दूर-दूर तक संभावना नजर नहीं आ रही है। यूक्रेनी सशस्त्र बलों के कड़े प्रतिरोध का सामना करने के बाद, मास्को ने मार्च के अंत में यूक्रेन में अपना लक्ष्य बदल दिया। यूक्रेनी राजधानी कीव और उत्तरी यूक्रेन के बाहरी इलाके से सैनिकों को वापस ले लिया गया और यूक्रेन के पूर्व और दक्षिण-पूर्व पर ध्यान केंद्रित किया गया है।












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