पाकिस्तान के बाद अब चीन को भी तालिबान ने दिया धोखा, जिनपिंग से किया वायदा तोड़ा
काबुल, 28 जुलाईः अफगानिस्तान में सत्ता हासिल करने के बाद तालिबान ने पाकिस्तान के बाद चीन को भी तगड़ा झटका दे दिया है। तालिबान ने दुनिया से वादा किया था कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी तीसरे देश के खिलाफ नहीं होने देगा लेकिन अब उइगर मुस्लिमों ने अपने अड्डे अफगानिस्तान में बना लिए हैं। इससे पहले तालिबान ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान(टीटीपी) को लेकर भी पाकिस्तान से ऐसे ही वायदे किए थे लेकिन तालिबान ने वादाखिलाफी करते हुए टीटीपी को पनाह देना जारी रखा है।

तालिबान ने चीन की मांग को ठुकराया
चीन उइगर मुस्लिम के खिलाफ दमन चक्र चला रहा है और इसका विरोध करने वालों को विद्रोही बताता है। चीन ने तालिबान से मांग की थी कि वह इन उइगर विद्रोही के खिलाफ कार्रवाई करे। लेकिन तालिबान ने चीन की मांग को मानने से इंकार कर दिया है। उइगर मुस्लिमों के पक्ष में बंदूक उठाने वाले विद्रोही गुट ईस्ट तुर्कीस्तान इस्लामिक मूवमेंट (ETIM) ने एक बार फिर से तालिबान में अपना अड्डा बना लिया है। ETIM अफगानिस्तान और सीरिया में काम करता है और अलकायदा और तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान सहित कई आतंकवादी समूहों के साथ उनके घनिष्ट संबंध हैं।

अफगानिस्तान में छिपे हुए हैं ETIM विद्रोही
साउध चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक यह विद्रोही ग्रुप फिलहाल शांत हैं लेकिन वे भविष्य में चीन के लिए टाइम बम साबित हो सकते हैं। चीन ने आरोप लगाया है कि ETIM विद्रोही उसके शिंजियांग प्रांत में हमले करते हैं और अफगानिस्तान में छिपे हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की रिपोर्ट के मुताबिक इन उइगर विद्रोहियों ने अफगानिस्तान में कई जगहों पर अपनी पकड़ को मजबूत बना लिया है।

ETIM को तालिबान में मिल रही ट्रेनिंग
संयुक्त राष्ट्र की 15 जुलाई को आयी की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि कई सदस्य देशों ने इस बात पर गौर किया है कि ETIM, तालिबान और जमात अंसारुल्लाह के साथ अपने संबंध मजबूत करने में लगा है। इसे कई तरह की मिलिट्री ट्रेनिंग मिल रही है और साथ ही बताया जा रहा है कि ये कैसे IED का प्रयोग कर सकती है।

अफगान में उइगर विद्रोहियों की पकड़ मजबूत
इस संगठन को इस क्षेत्र में चीन के हितों के खिलाफ आतंकी हमलों की योजना बनाने और सही समय पर उन्हें अंजाम देने की ट्रेनिंग दी जा रही है। इस रिपोर्ट में ये भी बताया गया था कि संगठन ने बड़ाखाशान, उत्तर-पूर्वी अफगानिस्तान में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। साथ ही अब ये अपना दायरा बढ़ाता जा रहा है, हथियार खरीद रहा है और साथ ही अपनी आतंकी क्षमताओं को भी बढ़ा रहा है।

चीन ने तालिबान से मिलाया था हाथ
चीन ने पिछले वर्ष अगस्त में तालिबान के साथ संपर्क को बढ़ाया था। चीन ने साथ ही तालिबान पर ये दबाव भी डाला था कि वो ETIM पर कार्रवाई करे। चीन पर पिछले कई वर्षों से ये आरोप लगते रहे हैं कि उसने शिनजियांग क्षेत्र में उइगर मुसलमानों पर अत्याचार किया है। साथ ही तालिबान के बारे में कहा जाता है कि इसने इस क्षेत्र में उइगर अलगाववाद को बढ़ावा दिया है। ब्रिटेन स्थित इस्लामिक थियोलॉजी ऑफ काउंटर टेररिज्म में साउथ एशिया मामलों के जानकार फैरन जैफरी जो इसके डिप्टी डायरेक्टर भी हैं, उन्होंने अनुमान लगाया कि ETIM के 1000 लड़ाकें अफगानिस्तान में मौजूद है। माना जा रहा है कि ये संख्या बढ़ सकती है क्योंकि ये आतंकी सीरिया में स्थित उइगर आतंकियों के साथ हाथ मिला सकते हैं।












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