भारतीयों की जान बचाने के लिए जान लड़ाने वाले अमेरिका युवक ने कहा, मैं कोई हीरो नहीं
इयान अस्पताल में अपना इलाज करा रहे हैं क्योंकि उनको दो गोलियां लगी हैं, ये गोलियां उनको एक बार में दो भारतीयों की जान बचाते हुए लगीं।
कन्सास। अमेरिका के कन्सास में अस्पताल के बेड पर लेटे 24 साल के इयान ग्रिलट कहते हैं कि उन्हें आखिर क्यों हीरो की तरह पेश किया जा रहा है। वो कहते हैं कि जिस तरह से उन पर प्यार लुटाया जा रहा है, उसे वो समझ ही नहीं पा रहे हैं। वो कहते हैं 'मैं कोई हीरो नहीं हूं, मैंने एक आम काम किया है। मेरी जगह कोई और होता तो वो भी वही करता जो कि मैंने किया।' इयान अस्पताल में अपना इलाज करा रहे हैं क्योंकि उनको दो गोलियां लगी हैं, ये गोलियां उनको एक बार में दो भारतीयों की जान बचाते हुए लगीं।

इयान बीते गुरुवार की शाम को एक बार में कुछ इतमिनान के लम्हें गुजारने के इरादे से पहुंचे थे। बार मे वो अक्सर जाते थे लेकिन ये शाम कुछ अलग साबित हुई। बार में एक हमलावर ने दो भारतीय इंजिनियरों पर फायरिंग कर दी। इयान इन दोनों भारतीयों को बचाने के लिए कूद पड़े, जिससे उनकी बांह और छाती गोली लगी। इससे वो घायल हो गए। 32 साल के आलोक और श्रीनिवास भी इस हमले में घायल हुए। श्रीनिवासन की हमले में मौत हो गई जबकि आलोक अस्पताल से डिस्चार्ज हो गए हैं। उनके जान पर खेलकर दो लोगों की जान बचाने की कोशिश करने के लिए इयान को खूब तारीफें मिल रही हैं।
केन्सास के एक अखबार से इयान ने कहा कि मुझे लगा था कि हमलावर की गोलियां खत्म हो गई हैं और मैं उस पर झपट पड़ा था लेकिन उसने मुझ पर भी गालियां चलाईं। पुलिस ने 51 साल के एडम पुरिनटिन को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह एक नस्ली हमला था, हमलावर ने हमले से पहले 'मेरे देश से बाहर निकलो' कहा था। इयान ने कहा कि मुझे लगता है कि उनको इतनी ज्यादा प्रशंसा मिली है, वो हतप्रभ करने वाली है। इयान ने बताया कि इस हादसे के बाद बहुत से भारतीय उनके दोस्त बन गए हैं और सोशल मीडिया पर भी उनको बड़ी संख्या में फॉलो किया जा रहा है।












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