रूस के साथ हुई एतिहासिक शीत युद्ध मिसाइल संधि से बाहर होगा अमेरिका, डोनाल्ड ट्रंप ने किया ऐलान
वॉशिंगटन।
अमेरिका ने शुक्रवार को इस बात का ऐलान किया है कि वह रूस के साथ कोल्ड वॉर के समय हुई एतिहासिक मिसाइल संधि से अपना नाम वापस लेगा। अमेरिका का कहना है कि रूस इस संधि का उल्लंघन कर रहा है। अमेरिका की ओर से इस संधि से वापस होने के लिए एक समय सीमा तय की गई है। व्हाइट हाउस की मानें तो रूस ने अभी तक मध्यम रेंज के मिसाइल सिस्टम के साथ जुड़ी चिंताओं को दूर नहीं किया है। उसका कहना है कि पश्चिमी देशों का मानना है कि रूस के यह मिसाइल सिस्टम सन् 1987 की इंटरमीडिएट रेंज न्यूक्लियर फोर्स संधि के खिलाफ है। id="toptextpromo"> id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'>id='top-searched-articles'>
ट्रंप
ने
जारी
किया
आधिकारिक
बयान
शनिवार
से अमेरिका की ओर से तय की गई सीमा प्रभावी हो गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से एक बयान जारी किया गया है। इस बयान में कहा गया है, 'अमेरिका आईएनएफ संधि के तहत सभी समझौतों को खत्म करेगा। इसके साथ ही आईएनएफ संधि से बाहर आने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है जिसे अगले छह माह में पूरा कर लिया जाएगा। जब तक रूस संधि का उल्लंघन करने वाली अपनी सभी मिसाइलों, लॉन्चर्स और इससे जुड़े उपकरणों को खत्म नहीं कर देता तब तक अमेरिका इससे बाहर रहेगा।' ट्रंप ने कहा कि अमेरिका 30 वर्षों से ज्यादा समय से इस संधि का पालन करता आ रहा था। लेकिन अब वह अपनी शर्तों से समझौता करके इसके साथ नहीं रहेगा जबकि रूस अपने गलत कामों का प्रदर्शन कर रहा हो। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपेयो ने इस फैसले का ऐलान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका आज भी रूस के साथ हथियार नियंत्रण से जुड़ी शर्तों पर बातचीत को आगे बढ़ाना चाहता है। उसे उम्मीद है कि रूस इस दिशा में आगे बढ़ेगा।











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