अमेरिका ने फिर कहा, भारत-पाक में शुरू हो बातचीत
वाशिंगटन। अमेरिका ने एक बार फिर से भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत की वकालत की है। एक हफ्ते में यह दूसरा मौका है जब एनएसए स्तर की वार्ता कैंसिल होने के बाद अमेरिका की ओर से ऐसा बयान आया है।

अभी कुछ दिनों पहले ही अमेरिका ने दोनों देशों को बातचीत शुरू करने की सलाह दी थी। अमेरिका का कहना है कि दोनों देशों को न सिर्फ बातचीत शुरू करनी होगी बल्कि कई वर्षों से अटके पड़े मुद्दों को भी हल करने की ओर कदम उठाना होगा।
अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने के मुताबिक दोनों देशों को मिलकर आपसी विवाद सुलझाने की कोशिशें करनी होंगी। किर्बी के मुताबिक अमेरिका इस बात को लेकर काफी निराश है कि साउथ एशिया के दो अहम देशों के बीच बातचीत शुरू नहीं हो पाई। किर्बी के मुताबिक साउथ एशिया में बढ़ते तनाव को रोकने में भारत और पाकिस्तान दोनों मदद कर सकते हैं।
इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने के लिए दोनों देशों के लिए जरूरी है कि वह अपनी समस्याओं के हल के लिए बातचीत शुरू करें। किर्बी ने साफ कर दिया कि अमेरिका, कश्मीर में मध्यस्थता नहीं करना चाहता है।
वहीं अमेरिका ने इसके साथ ही पाक को परमाणु हथियार की बढ़ती संख्या को लेकर चेतावनी भी दी। अमेरिका ने कहा कि पाकिस्तान और परमाणु हथियार रखने वाले सभी देश परमाणु क्षमताओं के विस्तार को नियंत्रित करे।
अमेरिका की इस सलाह से पहले दो अमेरिकी विचार समूहों ने कहा कि पाकिस्तान के पास करीब एक दशक में परमाणु हथियारों का तीसरा सबसे बड़ा भंडार हो सकता है।
किर्बी ने कहा कि हम पाकिस्तान समेत परमाणु हथियार रखने वाले सभी देशों से अपील करते हैं कि वे अपनी परमाणु क्षमताओं के विस्तार पर अंकुश लगाएं।
किर्बी से शीर्ष अमेरिकी विचार समूहों की उस रिपोर्ट के बारे में सवाल किया गया था, जिसके अनुसार एक दशक में पाकिस्तान के पास 350 से अधिक परमाणु हथियार होंगे और यह अमेरिका व रूस के बाद परमाणु हथियारों का तीसरा सबसे बड़ा भंडार होगा।












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