भारत-पाकिस्तान के तनावपूर्ण रिश्ते के बीच आएगा US? अमेरिकी विदेश विभाग का आया आतंकवाद पर बड़ा बयान

US on India-Pakistan: अमेरिका ने सोमवार को आतंकवाद के मामले में भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में हस्तक्षेप करने से साफ इनकार कर दिया है और कहा है, कि वह आतंकवाद का विरोध करने वाले किसी भी देश का स्वागत करता है, लेकिन यह मामला अंततः दोनों पड़ोसी देशों के बीच ही रहेगा।

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रमुख उप प्रवक्ता वेदांत पटेल ने कहा, कि वाशिंगटन ऐसे किसी भी देश का स्वागत करता है, जो अपने पड़ोसियों के साथ ज्यादा से ज्यादा सकारात्मक संबंध बना रहा है।

US on India-Pakistan

भारत-पाकिस्तान संबंधों पर क्या बोला US?

वेदांत पटेल ने नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान उनसे पूछा गया था, कि भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में त्रिकोण के रूप में अमेरिका कहां खड़ा है? जिसपर उन्होंने कहा, कि "हम उम्मीद करते हैं, कि दुनिया का कोई भी देश आतंकवाद की निंदा करेगा, लेकिन आखिरकार यह भारत और पाकिस्तान के बीच की बात है। मोटे तौर पर, बेशक, हम किसी भी देश का अपने पड़ोसी के साथ ज्यादा सकारात्मक संबंध बनाने का स्वागत करते हैं।"

वेदांत पटेल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पाकिस्तान के साथ अच्छे संबंधों के बयान पर एक सवाल का जवाब दे रहे थे, जबकि पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया था, कि बातचीत और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते।

इससे पहले, अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा था, कि वह चाहता है कि भारत और पाकिस्तान के बीच "उत्पादक और शांतिपूर्ण संबंध" हों, लेकिन उसने यह स्पष्ट किया, कि किसी भी वार्ता की गति, दायरा और चरित्र दोनों पड़ोसियों को ही तय करना है। आपको बता दें, कि जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को रद्द करने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में काफी गिरावट आ गई है।

पाकिस्तान का भारत को सकारात्मक संदेश

हाल ही में, पाकिस्तान के उप प्रधान मंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने भारत को एक "सकारात्मक संदेश" भेजा है, जिसमें उन्होंने कहा है, कि उनका देश "लगातार शत्रुता" में विश्वास नहीं करता है और नई दिल्ली की नई सरकार से इस्लामाबाद के साथ अपने भविष्य के संबंधों पर "गंभीरता से चिंतन" करने का आग्रह किया।

इशाक डार ने कहा, "हम आपसी सम्मान, संप्रभु समानता और लंबे समय से चले आ रहे जम्मू-कश्मीर विवाद के न्यायसंगत और शांतिपूर्ण समाधान के आधार पर भारत के साथ अच्छे पड़ोसी संबंध चाहते हैं।"

हालांकि उन्होंने ये भी कहा, कि पाकिस्तान दक्षिण एशिया में रणनीतिक स्थिरता बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा और भारत की तरफ से किए गये किसी भी तरह के सैन्य दुस्साहस का प्रभावी और निर्णायक तरीके से जवाब देगा।

इशाक डार ने बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार से पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर भी विचार-विमर्श करने का आग्रह किया। पाकिस्तानी मंत्री ने कहा, कि "एक-दूसरे से लड़ने के बजाय, दक्षिण एशियाई देशों के लिए इन चुनौतियों का मुकाबला करना समझदारी होगी। हम न केवल आर्थिक रूप से सबसे कम एकीकृत क्षेत्र हैं, बल्कि मानव विकास के लगभग सभी सूचकांकों में सबसे निचली रैंकिंग वाले क्षेत्र भी हैं।"

आपको बता दें, कि 5 अगस्त 2019 को भारतीय संसद ने जब अनुच्छेद 370 को निलंबित कर दिया, उसके बाद पाकिस्तान ने भारत के साथ अपने संबंधों को करीब करीब खत्म कर दिया था। इस्लामाबाद का मानना ​​था, कि इस फैसले ने पड़ोसियों के बीच बातचीत करने के माहौल को कमजोर कर दिया है। जबकि, भारत यह कहता रहा है, कि वह पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी संबंधों की इच्छा रखता है, लेकिन भारत लगातार इस बात पर जोर देता है, कि इस तरह की बातचीत के लिए आतंक और शत्रुता से मुक्त माहौल बनाने की जिम्मेदारी इस्लामाबाद पर है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+