रंगभेद से था परेशान था अमेरिकी सैनिक, उत्तर कोरिया ने कहा- जानबूझकर हमारे देश आया ट्रेविस किंग
लगभग एक महीने पहले अमेरिका का एक सैनिक ट्रैविस किंग भागकर उत्तर कोरिया पहुंच गया था। संयुक्त राष्ट्र कमान के मुताबिक अमेरिकी सैनिक कोरियाई सीमावर्ती गांव पनमुनजोम के दौरे पर था। इस दौरान वह बिना अनुमति के सीमा पार कर उत्तर कोरिया में प्रवेश कर गया।
बीते कई दिनों से अमेरिका अपने सैनिक को उत्तरी कोरिया से सुरक्षित निकालने के प्रयास में जुटा हुआ था। अब करीब 1 महीने बाद पहली बार उत्तरी कोरिया ने अमेरिकी सैनिक को लेकर कोई बयान दिया है।

उत्तरी कोरिया समाचार KCNA के मुताबिक राजधानी प्योंगयांग की तरफ से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि अमेरिकी सैनिक अवैध रूप से उत्तरी कोरिया में घुसा था। जांच के दौरान उसने बताया कि वो जानबूझकर वहां आया क्योंकि वह अमेरिकी समाज में हो रहे भेदभाव से परेशान था।
अखबार के मुताबिक ट्रेविस किंग ने बताया कि US मिलिट्री में उसके साथ रंगभेद होता था। सेना के दूसरे अधिकारी उसके साथ अमानवीय व्यवहार और नस्लीय भेदभाव करते थे। यही वजह है कि उसने इन सब चीजों से परेशान होकर किसी तीसरी दुनिया में रहने का फैसला किया।
उत्तरी कोरिया के मुताबिक, ट्रैविस किंग ने अधिकारियों से ये भी कहा कि वो उन्हीं के देश या फिर किसी दूसरे देश में रहना चाहता है, जहां उसकी नस्ल के आधार पर उससे भेद न किया जाए। अमेरिका सैनिक ने इस दौरान अधिकारियों से मोहभंग होने की भी बात कही।
रिपोर्ट के मुताबिक फिलहाल अमेरिका सैनिक ट्रैविस को सैनिकों की निगरानी में रखा गया है। वे इस मामले में जांच अभी भी कर रहे हैं। आपको बता दें कि ट्रैविस 18 जुलाई को बॉर्डर पार कर नॉर्थ कोरिया चला गया था। यहां उसे उत्तरी कोरिया से सैनिकों ने हिरासत में ले लिया था।
पेंटागन के मुताबिक ट्रेविस किंग प्राइवेट 2nd क्लास की ट्रेनिंग ले चुका है। वह किंग जनवरी 2021 से सेना में था। वह एक घुड़सवार सेना स्काउट और टोही विशेषज्ञ है। ट्रैविस मूल रूप से दक्षिण कोरिया में अमेरिकी सेना के साथ रोटेशन पर सेना के प्रथम बख्तरबंद डिवीजन के साथ था।
रिपोर्ट के मुताबिक ट्रैविस किंग सैनिक साउथ कोरिया में भी मारपीट के आरोपों के चलते 2 महीने जेल में काट चुका था। उसने पिछले साल सितंबर में नाइट क्लब में एक युवक के साथ मारपीट की थी और बचाव में आई पुलिस की कार के साथ तोड़-फोड़ की थी और उनके खिलाफ भद्दे शब्दों का इस्तेमाल किया।
बीबीसी के मुताबिक वह मानसिक समस्याओं से जूझ रहा था। उसे जल्द ही अमेरिका वापस भेजा जाना था।












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