अमेरिका के सबसे बड़े महामारी विशेषज्ञ एंथनी फाउची ने बताया, भारत में क्यों बेकाबू हुआ वायरस

वॉशिंगटन, 12 मई: अमेरिका के सबसे बड़े संक्रामक रोग विशेषज्ञ एंथनी फाउची ने उन हालातों पर बात की है, जिसके चलते भारत में दूसरी लहर में कोरोना वायरस बेकाबू हो गया है। उन्होंने अमेरिकी सीनेट की समिति के सामने अपने तजुर्बे के आधार पर सारी बातें रखी हैं और अमेरिका को भी भविष्य में ऐसे हालातों को लेकर सावधान किया है। गौरतलब है कि पिछले दो महीनों से जबसे देश में कोविड-19 से स्थिति बद से बदतर होनी शुरू हुई है, इस हालात को लेकर कई तरह के दावे और आरोप-प्रत्यारोप किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि अमेरिका खुद कोविड से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में रहा है और पिछले साल वहां का न्यूयॉर्क शहर भी तबाही की कगार पर पहुंच गया था। लेकिन, अब वहां हालात काफी हद तक सुधर रहे हैं।

गलत अनुमानों के आधार पर लिए फैसले- एंथनी फाउची

गलत अनुमानों के आधार पर लिए फैसले- एंथनी फाउची

एंथनी फाउची ने कहा है कि भारत इस समय इसलिए बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहा है, क्योंकि उसने कुछ गलत अनुमानों के आधार पर कदम उठाए और यह मानकर बहुत जल्दी ही सबकुछ खोल दिया कि कोविड-19 खत्म हो चुका है। पिछले डेढ़-दो महीने से भारत स्वास्थ्य के क्षेत्र में अप्रत्याशित संकट की दौर से गुजर रहा है। डॉक्टर फाउची ने कोविड-19 से संबंधित सुनवाई के दौरान अमेरिकी सीनेट की स्वास्थ्य, शिक्षा, श्रम और पेंशन मामलों की समिति के सामने कहा, 'भारत इस समय इतनी मुश्किल स्थिति में है, इसका कारण ये है कि वहां पहले ही काफी मामले हो चुके थे और गलत अनुमानों पर कि यह खत्म हो चुका है, उन्होंने समय से पहले सबकुछ खोल दिया और अभी जो कुछ हो रहा है वह हम सबको पता है कि बहुत ही तबाही मची हुई है।' यूएस नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज के डायरेक्टर डॉक्टर फाउची अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के चीफ मेडिकल एडवाइजर भी हैं।

हालात को कम करके न आंकें- अमेरिकी एक्सपर्ट

हालात को कम करके न आंकें- अमेरिकी एक्सपर्ट

फाउची से पूछा गया कि भारत में संक्रमण को देखते हुए अमेरिका को क्या सीख लेने की आवश्यकता है। इसपर फाउची बोले- 'सबसे महत्वपूर्ण बात में से एक ये है कि कभी भी हालात को कमतर करके नहीं आंकें।' उन्होंने कहा- 'दूसरी बात ये है कि हमें पब्लिक हेल्थ को लेकर तैयारी करके रखनी होगी, हमें भविष्य की महामारियों के लिए तैयारी करनी होगी, हमें समझना होगा कि स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर बने, जो कि पिछले देशकों में कई वजहों से अव्यवस्थित रहा है, शायद इस वजह से कि हमने कई बीमारियों को सफलतापूर्वक नियंत्रित किया है।'

'पूरी दुनिया को संजीदा रहना होगा'

'पूरी दुनिया को संजीदा रहना होगा'

फाउची का कहना है कि एक चीज और सीखने की जरूरत है कि यह एक वैश्विक महामारी है, जिसके लिए पूरी दुनिया को संजीदा होना होगा और यह समझना होगा कि 'सिर्फ अपने देश की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि दूसरे देशों को भी साथ लेना होगा, ताकि हमारी वहां तक भी पहुंच बन सके खासकर पूरे विश्व में वैक्सीन को लेकर........क्योंकि, पूरी दुनिया में वायरस कहीं भी मौजूद रहेगा तो यहां अमेरिका में भी हम पर खतरा होगा, खासकर वेरिएंट की वजह से और आप जानते हैं कि भारत में भी एक वेरिएंट है जो कि नया वेरिएंट है.....यही कुछ सबक हैं जो हम भारत में जो कुछ हो रहा है, उससे सीख सकते हैं।'

'इस महामारी को दुनिया से मिटाना होगा'

'इस महामारी को दुनिया से मिटाना होगा'

इसपर समिति की अध्यक्षता कर रहीं सीनेटर पैटी मरी ने कहा कि भारत में जो कुछ हो रहा है, वह बहुत ही दुखद है और यह बताता है कि अगर वायरस म्यूटेट करता है तो कितना खतरनाक हो सकता है। वो बोलीं,'यह एक चेतावनी है कि यह महमारी तबतक अपने देश से पूरी तरह से खत्म नहीं होगी, जबतक यह पूरे विश्व से नहीं दूर होगी। मुझे गर्व है कि बाइडेन प्रशासन भारत को मेडिकल सपोर्ट भेज रहा है, अपनी ज्यादा डोज विश्वभर को दिया जा रहा है और इस संबंध में और भी कदम उठाए जा रहे हैं।' उन्होंने कहा कि, 'ये सारे कदम सिर्फ भारत में जिंदगियां बचाने के लिए नहीं हैं, आखिरकार इससे वॉशिंगटन राज्य में जाने बचेंगी, नॉर्थ कैरोलिना में और पूरे देश में बचेंगी, क्योंकि लोगों को पता है कि कहीं आग लगी है तो अपने घर में पहुंचने से पहले उसे बुझा देना ही उनके हित में है। यह कहने की जरूरत नहीं है कि अपने पड़ोसी की मदद करना हमेशा अच्छा काम है।

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