अमेरिका के इतिहास में पहली बार कर्ज हुआ 31 ट्रिलियन डॉलर के पार, अर्थशास्त्रियों ने बजा दी खतरे की घंटी
दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी अमेरिका का कुल राष्ट्रीय ऋण पहली बार 31 ट्रिलियन डॉलर को पार कर गया गया है। अमेरिका पर मात्र 9 महीने में एक ट्रिलियन डॉलर अधिक कर्ज चढ़ गया है।
वाशिंगटन, 05 अक्टूबरः दुनिया भर के देशों को कर्ज देने वाला देश आज खुद भारी भरकम कर्ज के बोझ तले दबता नजर आ रहा है। दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी अमेरिका का कुल राष्ट्रीय ऋण पहली बार 31 ट्रिलियन डॉलर को पार कर गया गया है। अमेरिका पर मात्र 9 महीने में एक ट्रिलियन डॉलर अधिक कर्ज चढ़ गया है। पांच साल पहले तक अमेरिका पर 20 ट्रिलियन डॉलर का कर्ज था। अमेरिकी सरकार के तहत आने वाले ट्रेजरी विभाग ने यह आंकड़ा जारी किया है।

कर्ज का गुलाम बनता जा रहा अमेरिका
अमेरिका तेजी से कर्ज का गुलाम बनता जा रहा है। कोरोना से पहले जनवरी 2020 में अमेरिकी सरकार पर 23 ट्रिलियन डॉलर का ऋण था। आश्चर्य की बात ये है कि 2000 में अमेरिका पर सिर्फ 5.6 लाख करोड़ डॉलर का कर्ज था जो कि 22 सालों में साढ़े पांच गुणा से अधिक हो गया है। 9/11 के बाद इराक और अफगानिस्तान में युद्धों के दौरान बढ़ते खर्च के कारण अमेरिका का कर्ज नई ऊंचाइयों को छूता जा रहा है। कोरोना के कारण उपजी समस्या ने इसकी तेजी को और बढ़ा दिया है।

31 ट्रिलियन डॉलर के पार हुआ कर्ज
31 ट्रिलियन डॉलर की कर्ज सीमा राष्ट्रपति जो बाइडेन के लिए भी एक राजनीतिक समस्या बन गई है। आने वाले वक्त में उधार की लागत बढ़ने की भी संभावना है, जिसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। अमेरिका के सार्वजनिक और अंतर सरकारी कर्ज दोनों के आसमान छूने के पीछे कई कारण हैं। एक कारण ये है कि सरकार ने कोरोना वायरस महामारी के कारण सरकारी खर्च में वृद्धि की है। अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने के लिए बैंक लोन पर लोन देती गई जिसकी वजह से ब्याज दर बढ़ते चले गए। इसके कारण पैदा हुईं उच्च दरें समय के साथ अमेरिका के ऋणों को और महंगा बना रही हैं।

कर्ज के प्रस्ताव को मंजरी देते जा रहे बाइडेन
सीआरएफबी की अध्यक्ष माया मैकगिनीस ने एक बयान में कहा, "यह एक नया रिकॉर्ड है जिस पर किसी को गर्व नहीं होगा। पिछले 18 महीनों में देश ने मुद्रास्फीति में 40 साल के उच्च स्तर पर वृद्धि देखी है। सिर्फ 2022 में राष्ट्रपति बाइडेन ने नए उधार के लिए 1.9 ट्रिलियन डॉलर के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। पद ग्रहण करने के बाद से राष्ट्रपति उधार के लिए 4.9 ट्रिलियन डॉलर की मंजूरी दे चुके हैं। लगता है कि हम कर्ज के आदी हो चुके हैं।"

जल्द ही डगमगाएगी अमेरिका की अर्थव्यवस्था
माया मैकगिनीस ने कहा कि कर्ज अब जहां है, उससे भी ज्यादा परेशान करने वाला है कि वह कहां जा रहा है। हमारा देश निकट भविष्य में महत्वपूर्ण वित्तीय चुनौतियों का सामना करने जा रहा है। मेडिकेयर दिवालिया होने से केवल छह वर्ष दूर है, और सामाजिक सुरक्षा दिवालिया होने से केवल 12 वर्ष दूर है। फिर भी नीति निर्माताओं ने किसी भी कार्यक्रम को मजबूत वित्तीय स्तर पर रखने की कोई योजना नहीं बनाई है। बढ़ते संघीय ऋण का अर्थ है सरकार के लिए अधिक ब्याज लागत, जिससे सामाजिक सुरक्षा और सेना जैसी अन्य जरूरतों पर खर्च करना कठिन हो जाता है।

फेडरल रिजर्व ने कई बार बढ़ाईं ब्याज दरें
मुद्रास्फीति से निपटने के प्रयास में फेडरल रिजर्व ने इस साल कई बार दरें बढ़ाई हैं। इसका असर लोगों पर ऋण का बोझ बढ़ने के रूप में सामने आया है। जिन लोगों ने कर्ज ले रखे हैं, उन्हें अब ब्याज के रूप में अधिक रकम चुकानी पड़ रही है। इससे आम इनसान की जिंदगी और मुहाल हुई है। इस बीच कर्ज ना चुका पाने के मामले भी बढ़े हैं। प्रिंसटन के अर्थशास्त्री ओवेन जिदर ने कहा कि बढ़ती ब्याज दरें देश के बढ़ते कर्ज के मुद्दों को और बढ़ा रही हैं और कर्ज को और अधिक महंगा बना कर रही हैं।

क्या खतरे में है अमेरिका?
बजट कार्यालय के अनुसार, यदि कोई समाधान नहीं किया गया है, तो ऋण जल्द ही नई ऊंचाई तक बढ़ जाएगा जो अंततः अमेरिकी अर्थव्यवस्था को खतरे में डाल देगा। लोयोला मैरीमाउंट यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्र के प्रोफेसर सुंग वोन सोहन ने कहा, "इस देश को राष्ट्रीय ऋण के रूप में 1 ट्रिलियन डॉलर कर्ज तक पहुंचने में 200 साल लग गए थे। लेकिन महामारी के बाद से स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि हम लगभग हर तिमाही में 1 ट्रिलियन डॉलर की कर्ज जोड़ रहे हैं।












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