Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

US Iran Tensions 2026: ईरान में तख्तापलट से क्यों डर गया अमेरिका? ट्रंप के कदम पीछे खींचने की इनसाइड स्टोरी

US Iran Tensions 2026: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पूरी दुनिया की नजरें व्हाइट हाउस और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अगली चाल पर टिकी थीं। माना जा रहा था कि अमेरिका इस 'पावर वैक्यूम' का फायदा उठाकर ईरान में तख्तापलट (Regime Change) कर देगा, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने अपनी रणनीति में अचानक बड़ा बदलाव करते हुए कदम पीछे खींच लिए हैं।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जो अब तक ईरान के खिलाफ सबसे आक्रामक तेवर अपनाए हुए थे, उन्होंने अब 'तख्तापलट' के विचार को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। व्हाइट हाउस की नई रणनीति अब सीधे हमले के बजाय 'रणनीतिक आत्मसमर्पण' (Strategic Submission) पर टिकी है।

us-iran-tensions-2026-why-trump-backed

Why US not Invading Iran: ग्राउंड वार का खौफ 10 लाख सैनिकों की जरूरत

ब्रिटेन के 'द टेलीग्राफ' की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान जैसे विशाल और भौगोलिक रूप से कठिन देश में तख्तापलट के बाद व्यवस्था बनाए रखने के लिए अमेरिका को कम से कम 10 लाख सैनिकों की जरूरत होगी। ट्रंप शुरू से ही 'अंतहीन युद्धों' (Endless Wars) के खिलाफ रहे हैं। अमेरिका में होने वाले मिडटर्म इलेक्शन से पहले अगर अमेरिकी सैनिक ताबूतों में घर लौटने लगे, तो यह ट्रंप की लोकप्रियता के लिए घातक साबित हो सकता है।

Trump Iran policy: 'जनता का साथ' नहीं मिला: ट्रंप की अपील बेअसर

व्हाइट हाउस को उम्मीद थी कि खामेनेई की मौत के बाद ईरान की जनता सड़कों पर उतर आएगी और खुद शासन उखाड़ फेंकेगी। ट्रंप ने वीडियो संदेश के जरिए ईरानी नागरिकों से अपनी नियति को अपने हाथ में लेने का आह्वान भी किया। अमेरिकी आउटलेट 'एक्सियोस' के मुताबिक, ईरान के अंदर नाराजगी तो है, लेकिन वे अमेरिकी हस्तक्षेप के पक्ष में नहीं हैं। इतिहास गवाह है कि जब भी बाहरी ताकत हमला करती है, तो वहां की जनता (Rally-around-the-flag effect) अपनी सरकार के साथ खड़ी हो जाती है।

Trump ने पुरानी गलतियों से लिया सबक: इराक, अफगानिस्तान और वेनेजुएला

अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने ट्रंप को पुरानी नाकामियों का आईना दिखाया है:

इराक (2003): सद्दाम हुसैन को हटाने के लिए 2 लाख सैनिक भेजे गए। सद्दाम तो पकड़े गए, लेकिन युद्ध में 4,550 अमेरिकी जवान शहीद हुए। आज इराक में अमेरिका विरोधी शिया गठबंधन की सरकार है।

अफगानिस्तान (2011-2021): 20 साल तक जंग लड़ने और 2,459 सैनिकों को खोने के बाद अमेरिका को काबुल से भागना पड़ा और सत्ता वापस तालिबान के हाथ में आ गई।

वेनेजुएला (जनवरी 2026): पिछले ही महीने 'ऑपरेशन रिजॉल्व' के तहत निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किया गया, लेकिन सत्ता उनके वफादार गुट के पास ही रही। अमेरिका को वहां भी रणनीतिक हार झेलनी पड़ी।

अमेरिका ने 1953 में सीआईए की मदद से ईरान के लोकतांत्रिक रूप से चुने गए पीएम मोसादेघ का तख्तापलट कर शाह (पहलवी) को बिठाया था। इसी गुस्से ने 1979 की इस्लामी क्रांति को जन्म दिया और अमेरिका ईरान का सबसे बड़ा दुश्मन बन गया। ट्रंप अब उस पुरानी नफरत की आग को और हवा नहीं देना चाहते।

अमेरिका के भीतर ही ट्रंप का विरोध शुरू हो गया है

'वाशिंगटन पोस्ट' के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (NSC) के भीतर भी दरारें आ गई हैं। कुछ अधिकारियों का आरोप है कि ट्रंप इजरायल और सऊदी अरब के दबाव में ईरान को निशाना बना रहे हैं, जबकि अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट कहती है कि ईरान वर्तमान में अमेरिका की मुख्य भूमि (Mainland) के लिए कोई सीधा खतरा नहीं है।

वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने राष्ट्रपति को सौंपी रिपोर्ट में कहा था कि ईरान अमेरिका के लिए तत्काल खतरा नहीं है। इसके बावजूद सऊदी अरब और इजराइल के दबाव में अमेरिका ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई की।

Trump की 'चेंज' नहीं 'चेक' की रणनीति

ट्रंप ने अब साफ कर दिया है कि उनका मकसद ईरान की सरकार बदलना नहीं, बल्कि उसकी परमाणु शक्ति और मिसाइल प्रोग्राम को 'खत्म' (Obliterate) करना है। वे चाहते हैं कि ईरान का नेतृत्व घुटनों पर आकर ऐसी संधि करे जो वाशिंगटन के हक में हो।

हालांकि, पश्चिम एशिया में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं और आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान टकराव किस दिशा में जाएगा, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+