PART-2: अमेरिका के प्यादे हैं मोहम्मद युनूस; बांग्लादेश में तख्तापलट के पीछे हर कदम पर कैसे हैं US के निशान?
Bangladesh-US: अमेरिका अकसर रैलियों का सहारा किसी कमजोर लोकतांत्रिक देशों में तख्तापलट के लिए करता है और शेख हसीना की सत्ता को उखाड़ फेंकने के लिए भी रैलियों और प्रदर्शनों का सहारा लिया गया। सबसे दिलचस्प ये थी, कि छात्रों का आंदोलन, जो मांगों के माने जाने के बाद खत्म हो गया, वो एक हफ्ते में दुबारा शुरू कर दिया जाता है, क्योंकि मकसद पूरा नहीं हुआ था।
वहीं, शेख हसीना के बांग्लादेश छोड़ने के साथ ही जिस तरह से मोहम्मद युनूस का नाम उछलता है, उनके नाम का अंतरिम सरकार के प्रमुख के लिए उछाला जाना और फिर उनकी देश वापसी, सबकुछ ऐसा लगता है, मानो पहले से ही पटकथा लिखी गई हो।

हिलेरी क्लिंटन और मोहम्मद युनूस के संबंध
1 जून 2017 को, न्यायपालिका पर संयुक्त राज्य अमेरिका की सीनेट समिति के अध्यक्ष चार्ल्स ई. ग्रासली ने तत्कालीन विदेश मंत्री रेक्स डब्ल्यू. टिलरसन को एक विस्फोटक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने बताया, कि कैसे पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन (जनवरी 2009-फरवरी 2013 बराक ओबामा प्रशासन के दौरान) ने बांग्लादेश की सरकार, जिसमें प्रधानमंत्री हसीना भी शामिल थीं, उनपर मोहम्मद यूनुस के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच को बंद करने के लिए दबाव डाला, जो उस पत्र के अनुसार, क्लिंटन ग्लोबल इनिशिएटिव (सीजीआई) के एक महत्वपूर्ण डोनर थे।
पत्र में आगे कहा गया है, कि अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारियों ने शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद को धमकी दी थी, कि अगर वह अपनी मां से जांच खत्म करवाने के लिए नहीं कहेंगे, तो उन्हें आईआरएस ऑडिट से गुजरना पड़ेगा। टिलरसन के पत्र में कहा गया है, कि शेख हसीना ने खुद इस बात की पुष्टि की है, कि हिलेरी क्लिंटन ने मार्च 2011 में उन्हें फोन किया था और मांग की थी, कि मोहम्मद यूनुस को ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष के रूप में उनके पद पर बहाल किया जाए।
सनडे गार्डियन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, कि पत्र से पता चलता है, कि ग्रामीण बैंक के संचालन में अमेरिकी विदेश विभाग, क्लिंटन और एंटी-इंडिया एजेंडा चलाने के लिए कुख्यात, जॉर्ज सोरोस कितने गहराई से शामिल हैं और ये सभी यूनुस के कितने करीब हैं।

बिल क्लिंटन ने दिलवाया युनूस को नोबल पुरस्कार?
पत्र में आगे विस्तार से बताया गया है, कि मोहम्मद यूनुस और हिलेरी क्लिंटन के पति बिल क्लिंटन कितने करीब हैं और उन्होंने यूनुस के लिए नोबेल पुरस्कार की पैरवी कैसे की।
पत्र में कहा गया है, कि "यूनुस का क्लिंटन के साथ व्यक्तिगत संबंध तब से है, जब बिल क्लिंटन अर्कांसस के गवर्नर थे। दशकों से, यूनुस को क्लिंटन फाउंडेशन द्वारा सम्मानित किया जाता रहा है और कई फाउंडेशन समारोहों में प्रदर्शित किया जाता रहा है। बिल क्लिंटन ने भी व्यक्तिगत रूप से यूनुस की ओर से नोबेल समिति की पैरवी की और 2006 में उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।"
रिपोर्टों के अनुसार, यूनुस की कंपनियों ने क्लिंटन ग्लोबल इनिशिएटिव को एक लाख डॉलर से ढाई लाख डॉलर और क्लिंटन फाउंडेशन को 25,000 डॉलर से 50,000 डॉलर का दान दिया।
वहीं, हिलेरी क्लिंटन के विदेश मंत्री के रूप में नियुक्त होने के बाद, क्लिंटन-यूनुस के रिश्ते और भी गहरे हो गए। कथित तौर पर विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के विदेश विभाग ने यूनुस से जुड़े व्यवसायों को 13 मिलियन डॉलर से ज्यादा के फायदे पहुंचाए।"

उन्होंने आगे कहा, "2011 में, बांग्लादेश सरकार ने यूनुस को ग्रामीण बैंक के निदेशक मंडल से उनके पद से हटा दिया, जिसमें उनके पद पर कुछ कानूनी उल्लंघन और वैधानिक आयु सीमा का हवाला दिया गया था। इस दौरान, यूनुस के सहयोगियों, क्लिंटन फाउंडेशन, हिलेरी क्लिंटन और चेरिल मिल्स और अन्य विदेश विभाग के कर्मचारियों के बीच ईमेल से यूनुस की जांच में हस्तक्षेप करने की कोशिश की। ईमेल से पता चलता है, कि सेक्रेटरी क्लिंटन और क्लिंटन फाउंडेशन ने यूनुस की जांच पर बारीकी से नजर रखी। ईमेल से यह भी पता चलता है, कि बांग्लादेश में अमेरिकी राजदूत ने यूनुस के खिलाफ जांच बंद करने के लिए दबाव बनाने के लिए प्रधानमंत्री के साथ बैठकें आयोजित करने की कोशिश की थी।
पत्र के मुताबिक, जिन अमेरिकी अधिकारियों ने शेख हसीना सरकार पर दबाव डालने की कोशिश की थी, उनके नाम हैं:-
* जेम्स मोरियार्टी - बांग्लादेश में अमेरिकी राजदूत
* डैन मोज़ेना - बांग्लादेश में अमेरिकी राजदूत
* जॉन डैनिलोविच - बांग्लादेश में मिशन के उप प्रमुख
* राजीव शाह - यूएसएआईडी के प्रशासक
Part-3 में हम आपको बताएंगे, कि कैसे एंटी इंडिया एजेंडा चलाने वाले जॉर्ज सोरोस का भी हाथ बांग्लादेश में हुए इस आंदोलन से जुड़ा है और आप जानेंगे, कि कैसे मोहम्मद युनूस के ग्रामीण बैंक में जॉर्ज सोरोस शामिल थे।












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