भारत से भारतवंशी अमेरिकी सांसद ने चीन को ललकारा, कहा- भारत की संप्रभुता का सम्मान करने की जरूरत
US congressman Ro Khanna: भारतीय मूल के अमेरिकी कांग्रेसी रो खन्ना ने कहा है, कि चीन को भारत की सीमाओं का सम्मान करने की जरूरत है और वह इज़राइल, जापान और दक्षिण कोरिया सहित कुछ अन्य प्रमुख सहयोगियों की तरह नई दिल्ली को महत्वपूर्ण अमेरिकी टेक्नोलॉजी प्राप्त हो, इस दिशा में काम करेंगे।
जो बाइडेन की डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद रो खन्ना फिलहाल भारत दौरे पर हैं, जहां वो कांग्रेसनल इंडिया कॉकस के सह-अध्यक्ष बनकर द्विदलीय कांग्रेसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। नई दिल्ली में उन्होंने उम्मीद जताई है, कि भारत रूस और यूक्रेन के बीच शांति स्थापित करने में भूमिका निभा सकता है।

चीन को रो खन्ना की नसीहत
समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए रो खन्ना ने कहा, कि "यह बहुत महत्वपूर्ण है, कि हम भारत की संप्रभुता बनाए रखें...उन्हें (चीन को) भारत की सीमा का सम्मान करने की आवश्यकता है और यही कारण है, कि मैं पश्चिमी नौसेना कमान में गया था। हम यह सुनिश्चित करने के लिए अमेरिकी नौसेना के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, कि अरब सागर नेविगेशन के लिए मुक्त रहे और हिंद महासागर मुक्त रहे, और हम उस रिश्ते को मजबूत करना जारी रखेंगे।"
आपको बता दें, कि रो खन्ना अमेरिका के उन भारतीय सांसदों में से एक हैं, जो लगातार अमेरिका में भारत हितों के लिए आवाज उठाते रहते हैं और भारत को अमेरिकी प्रतिबंध से बचाने के लिए संसद में उन्होंने ही काटसा के खिलाफ बिल पेश भी किया था और उसे पास भी करवाया था। वो अमेरिकी संसद में खुलकर भारत की वकालत करते हैं।
अपनी भारत यात्रा के दौरान, लोकतांत्रिक और मानवाधिकारों पर चर्चा के बारे में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए, उन्होंने कहा, कि भारत और अमेरिका दोनों लोकतंत्र हैं और अल्पसंख्यक अधिकारों और बहुलवाद को मान्यता देने से बेहतर लोकतंत्र बनने में मदद मिलती है।
अमेरिकी सांसद ने आगे कहा, कि "मेरा मानना है कि अमेरिका और भारत दोनों ही महत्वपूर्ण लोकतंत्र हैं, उन्हें और भी बेहतर लोकतंत्र बनने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। और इसका मतलब है, बहुलवाद को पहचानना, अल्पसंख्यक अधिकारों को मान्यता देना, यह सुनिश्चित करना, कि हर व्यक्ति के साथ समानता का व्यवहार किया जाए।"
खालिस्तानियों को चेतावनी
वहीं, खालिस्तानी अलगाववादियों द्वारा सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमले की कड़ी निंदा करते हुए रो खन्ना ने कहा, कि किसी दूतावास के खिलाफ कोई हिंसा नहीं हो सकती।
उन्होंने कहा, कि "हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है और मैंने इसकी कड़ी निंदा की। अमेरिका में किसी दूतावास, वाणिज्य दूतावास के खिलाफ कोई हिंसा नहीं हो सकती और अलगाववादी आंदोलन के लिए कोई जगह नहीं है।"
उन्होंने कहा, कि "पंजाब भारत का हिस्सा है, यह एक सुलझा हुआ सवाल है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा, कि सभी के साथ समान व्यवहार किया जाए, चाहे वह हिंदू, ईसाई, सिख या मुस्लिम हो। पंजाब भारत का हिस्सा है।"
वहीं, भारत की जी20 अध्यक्षता और रूस-यूक्रेन संघर्ष के बारे में पूछे जाने पर रो खन्ना ने कहा, कि भारत के पास नेतृत्व का एक बड़ा अवसर है और वह शांति स्थापित करने में भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने कहा कि युद्धविराम की जरूरत है क्योंकि इससे वैश्विक स्तर पर कमोडिटी की कीमतें प्रभावित हो रही हैं।
वहीं, रो खन्ना ने भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अमेरिका यात्रा की सराहना की और इसे "बड़ी सफलता" बताया।
उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय संबंध कभी इतने मजबूत नहीं रहे।
उन्होंने कहा, कि "पीएम की यात्रा एक बड़ी सफलता थी। जीई के साथ जेट इंजन सौदे की घोषणा, एयर इंडिया द्वारा बोइंग से लगभग 200 विमान खरीदने की घोषणा, अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और भारत-अमेरिका कॉकस के अध्यक्ष के रूप में, मैं यह सुनिश्चित करने जा रहा हूं, कि भारत की महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी तक पहुंच हो। जैसे इज़राइल, जापान, दक्षिण कोरिया, जैसे हमारे प्रमुख सहयोगियों को टक्नोलॉजी तक पहुंच है।"












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