US-India Trade Deal: गेहूं, चावल, दूध से लेकर मसालों तक! भारत-अमेरिका ट्रेड डील से इन उत्पादों को रखा गया बाहर
Indian farmers protection US trade deal: भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम ट्रेड डील में भारत ने अपने कृषि क्षेत्र के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इस समझौते के तहत गेहूं, चावल, मक्का, सभी अनाज और मिलेट्स, दूध व डेयरी उत्पाद, फल-सब्जियां, मसाले, मुर्गीपालन, मीट, तंबाकू और इथेनॉल जैसे संवेदनशील कृषि उत्पादों पर अमेरिका को किसी भी प्रकार की टैरिफ छूट नहीं दी गई है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि यह फैसला किसानों की आय, ग्रामीण आजीविका और देश की खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। केवल कुछ गैर-संवेदनशील उत्पादों पर सीमित रियायत देकर घरेलू कृषि और बाजार स्थिरता को सुरक्षित रखा गया है।

Indian farmers trade deal: अनाज और मिलेट्स की पूरी सुरक्षा
भारत ने गेहूं, चावल, मक्का, जौ, ज्वार, रागी, बाजरा, ओट्स, अमरंथ और अन्य प्रमुख अनाज और मिलेट्स को पूरी तरह सुरक्षित रखा है। इसमें कोपरा, मैदा, छिलका रहित अनाज और विभिन्न आटे जैसे उत्पाद भी शामिल हैं। अमेरिकी आयात से इन उत्पादों को कोई खतरा नहीं है। इससे किसान चिंता मुक्त रहेंगे और घरेलू बाजार में कीमतों की स्थिरता बनी रहेगी। यह कदम देश की खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए अहम माना जा रहा है।
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India US trade agreement farming sector: दूध और डेयरी उत्पाद सुरक्षित
दूध और डेयरी उत्पादों को अमेरिकी आयात से पूरी सुरक्षा दी गई है। इसमें तरल दूध, पाउडर, कंडेंस्ड मिल्क, घी, मक्खन, दही, पनीर, योगर्ट और विभिन्न प्रकार की चीज़ शामिल हैं। भारत ने डेयरी सेक्टर को किसी विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाने का निर्णय लिया है। यह कदम न केवल किसानों के हित में है बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सब्जियां और फ्रोजन सब्जियां संरक्षित
आलू, प्याज, लहसुन, मशरूम, भिंडी, शिमला मिर्च, कद्दू, मटर, बीन्स और अन्य ताजा व फ्रोजन सब्जियों पर अमेरिका को कोई टैरिफ छूट नहीं दी गई। संवेदनशील सब्जियों और किसानों की आजीविका से जुड़े इन उत्पादों पर पूरी सुरक्षा है। इसके अलावा प्रिज़र्व्ड और कैनड वेज जैसे प्रोसेस्ड सब्जी उत्पाद भी सुरक्षित हैं। इससे घरेलू किसानों और उत्पादन क्षेत्रों को अमेरिकी आयात से कोई खतरा नहीं होगा।
Sensitive agricultural products India US deal: फल और सूखे फल की रक्षा
केला, आम, स्ट्रॉबेरी, संतरा, नींबू, अंगूर, चकोतरा और अन्य साइट्रस फल सहित ताजा और प्रोसेस्ड फल सुरक्षित हैं। सूखे फल जैसे ड्राई आम, ड्राई नारियल और अन्य ड्राइड फ्रूट्स पर भी अमेरिका को कोई बाजार नहीं खोला गया। जाम, पल्प और अन्य फल प्रसंस्कृत उत्पादों पर भी सुरक्षा है। यह कदम किसानों की आय और घरेलू खाद्य सुरक्षा दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
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मसाले और अन्य संवेदनशील उत्पादों की सुरक्षा
काली मिर्च, लौंग, दालचीनी, धनिया, जीरा, हल्दी, अदरक, हींग, अजवाइन, मेथी, सौंफ और लाल मिर्च जैसे मसालों पर कोई टैरिफ छूट नहीं दी गई। इसके अलावा मुर्गीपालन, मीट, तंबाकू, इथेनॉल और सोया जैसे उत्पाद भी पूरी तरह सुरक्षित हैं। केवल कुछ गैर-संवेदनशील उत्पादों जैसे ट्री नट्स, सोयाबीन ऑयल और रेड सोरघम पर सीमित रियायत दी गई है। कुल मिलाकर यह डील भारतीय कृषि और किसानों को मजबूत बनाए रखेगी।
इस डील से अमेरिका को क्या-क्या फायदा?
इस अंतरिम ट्रेड डील से अमेरिका को भारतीय बाजार में बेहतर और आसान पहुंच का लाभ मिलेगा। गैर-संवेदनशील कृषि और खाद्य उत्पादों जैसे डीडीजी, पशु आहार, ट्री नट्स, सोयाबीन तेल, वाइन, स्पिरिट्स और फलों पर कम या शून्य टैरिफ से अमेरिकी निर्यात बढ़ेगा। आईसीटी उत्पादों के लिए भारत द्वारा आयात लाइसेंसिंग प्रक्रिया समाप्त करने से अमेरिकी टेक कंपनियों को तेज बाजार प्रवेश, कम लागत और कम नियामकीय अड़चनों का फायदा होगा। साथ ही, चिकित्सा उपकरणों पर बाधाएं हटने से अमेरिकी हेल्थकेयर कंपनियों के लिए भारत जैसे बड़े बाजार में कारोबार के नए अवसर खुलेंगे। कुल मिलाकर यह डील अमेरिका के निर्यात, निवेश और भारत के साथ रणनीतिक आर्थिक साझेदारी को मजबूत करती है।












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