अमेरिका: डकैतों से एनकाउंटर के दौरान ह्यूस्टन पुलिस ने एक साल के बच्चे के सिर में मारी गोली
अमेरिका की ह्यूस्टन पुलिस ने मां के सामने एक साल के बच्चे को मार दी गोली। बदमाश को पकड़ने गई थी पुलिस।
ह्यूस्टन: अमेरिका की ह्यूस्टन पुलिस पर एक साल के एक अश्वेत बच्चे के सिर में गोली मारने का इल्जाम लगा है। आरोप है कि ह्यूस्टन पुलिस ने कार में बैठे एक बच्चे के सिर में गोली मार दी। ह्यूस्टन पुलिस पर लगे ये आरोप बेहद सनसनीखेज हैं और पूरे अमेरिका में इसकी निंदा की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक डकैतों को पकड़ने के दौरान पुलिस ने बच्चे के सिर में गोली मार दी।

डकैत को पकड़ रही थी पुलिस
अमेरिकी न्यूज चैनल सीएनन की रिपोर्ट के मुताबिक एक साल के बच्चे के सिर में गोली लगी है और उसकी स्थिति काफी गंभीर है। बच्ची की मां ने कहा है कि ह्यूस्टन पुलिस ने एक साल के बच्चे के सिर में गोली मारी है। गोली मारने की ये घटना 3 मार्च की है जब डायशा स्मॉल्स नाम की महिला एक गैस स्टेशन पर अपनी कार में गैस भरवा रही थी। महिला के मुताबिक 'जब वो कार में गैस भरवा रही थी, उसी वक्त ह्यूस्टन पुलिस डकैतों को पकड़ने के लिए वहां पहुंच गई और महिला से उसका कार मांगा। महिला ने कार में बच्चे के होने के होने की बात कहकर कार देने से इनकार कर दिया। उसी वक्त आरोपी उधर से भागने लगा और इससे पहले की वो कुछ समझ पाती, पुलिस ने उसकी कार पर फायरिंग कर दी और गोली उसके एक साल के बेटे के सिर में लग गई'

ह्यूस्टन पुलिस का अलग दावा
हालांकि, ह्यूस्टन पुलिस ने अलग दावा किया है। ह्यूस्टन पुलिस के एग्जीक्यूटिव एसिस्टेंट पुलिस चीफ ट्रॉय फिनर ने कहा है कि 'जब गोलीबारी हुई थी उस वक्त महिला कार में नहीं थी और 30 साल के एक बदमाश की पीछा पुलिस कर रही थी। आरोपी के हाथ में बंदूक था और वो महिला की कार में घुस गया था। पुलिस ने दावा किया है कि महिला की कार में घुसने के बाद आरोपी बदमाश ने बंदूक रखने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी पर कई राउंड फायरिंग की। जिसमें आरोपी मौके पर ही मारा गया लेकिन बच्चे को भी गोली लग गई'। ह्यूस्टन पुलिस के दूसरे अधिकारी ने कहा है कि ये दुर्भाग्यवश हुआ है कि एक बदमाश को पकड़ने के दौरान एक साल के बच्चे लिजेंड को गोली लग गई। गोली लगने के ठीक बाद पुलिस ने प्राथमिक उपचार देते हुए अस्पताल में भर्ती कराया।

फिल्ड ड्यूटी से हटाए गये अफसर
एक साल के लिजेंड की मां का आरोप है कि उसने पुलिस को बताया कि कार के अंदर उसका एक साल का बेटा बैठा हुआ है और उसने पुलिस को कार देने से मना कर दिया था। वहीं, पुलिस का कहना है कि मौके पर पुलिस को पता नहीं चल पाया कि कार में एक साल बच्चा है। वहीं, पुलिस ने कहा है कि 'जिस अधिकारी ने बदमाश पर गोली चलाई थी उनके पास 15 सालों का अनुभव है और वो काफी सीनियर अधिकारी हैं। बच्चे को गोली लगने के बाद वो खुद काफी आहत हैं और जांच होने तक उन्हें फिल्ड ड्यूटी से हटाकर ऑफिस के काम में लगाया गया है।' ह्यूस्टन पुलिस के सीनियर अधिकारियों ने अस्पताल जाकर बच्चे को देखा है और पुलिस की तरफ से बयान में कहा गया है कि वो बच्चे के ठीक हो जाने की प्रार्थना कर रहे हैं।

रेस्क्यू ऑपरेशन क्यों नहीं?
वहीं, महिला स्मॉल्स के वकील ने कहा है कि पिछले 10 दिनों से बच्चा वेंटिलेटर पर है और उसके सिर से गोली निकाल ली गई है लेकिन उसके सिर में काफी ज्यादा जख्म है और सिर में अभी भी गोली का बारूद है। वकील के मुताबिक बच्चा लिजेंड की स्थिति नाजुक बनी हुई है। महिला का आरोप है कि गोलीबारी के वक्त वो खुद कार में मौजूद थी और पुलिस ने कार में अपने बच्चे के होने के बात कह रही थी। वहीं, महिला के वकील ने कहा है कि अगर आरोपी कार में चला भी गया था तो पुलिस को रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना चाहिए था ना कि बगैर ये जाने की कार में कौन कौन है, गोली चला देनी चाहिए थी।












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