कोरोना वायरस की उत्पत्ति पर अमेरिका का बदला स्टैंड, जानिए जो बाइडेन के अधिकारियों की नई राय
कोरोना वायरस की उत्पत्ति को लेकर अमेरिकी सरकार के विचार बदल गये हैं। जानिए क्या है जो बाइडेन प्रशासन का नया स्टैंड?
वॉशिंगटन, जुलाई 19: 'चीनी वायरस' के कथित लैब लीक पर अमेरिका में जो बाइडेन की डेमोक्रेट सरकार ने बेहद नाटकीय अंदाज में अपनी राय बदल ली है। जो बाइडेन प्रशासन कोरोना वायरस की उत्पत्ति को काफी ज्यादा सीरियस होकर ले रहा है और सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक जो बाइडेन टीम के ज्यादातर सदस्यों ने कोरोना वायरस की उत्पत्ति को लेकर अपनी राय बना ली है।

बाइडेन टीम की बंटी राय
अमेरिकी न्यूजपेपर सीएनएन ने जो बाइडेन टीम के वरिष्ठ अधिकारियों से बात करने के आधार पर रिपोर्ट दी है कि ज्यादातर अधिकारियों को अब विश्वास हो गया है कि कोरोना वायरस किसी हादसे के बाद चीन के वुहान लैब से बाहर आया है और फिर पूरी दुनिया में वायरस फैला है। अमेरिकी अधिकारियों ने कोरोना वायरस फैलने की तुलना जंगल में आग फैलने से की है और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अगले 90 दिनों के अंदर अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को वायरस के उत्पत्ति स्रोत का पता लगाकर रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है।

कुछ अधिकारियों की राय अलग
सीएनएन के मुताबिक अमेरिकी खुफिया एजेंसी के अंदर भी कोरोना वायरस की उत्पत्ति को लेकर अलग अलग राय हैं। अधिकारियों के राय इस बात को लेकर भी बंटा हुआ है कि क्या वायरस वुहान की लैब से लीक हुआ या जानवरों से इंसानों में प्राकृतिक रूप से पहुंचा है। सीएनएन ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि, किसी एक दिशा में जांच आगे बढ़ाने के लिए कोई ठोस सबूत मौजूद नहीं है, लेकिन बाइडेन प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी लैब में वायरस के लीक होने की थ्योरी को ही गंभीरता से ले रहे हैं और इसी थ्योरी के आधार पर जांच आगे बढ़ाने की तरफ ध्यान दे रहे हैं।

वैज्ञानिकों की राय भी अलग
रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना वायरस पर पिछले एक साल से स्टडी करने वाले कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि कोरोना वायरस प्राकृतिक वायरस है और इसे प्रयोगशाला में तैयार नहीं किया गया है। वहीं, सूत्रों का कहना है कि फिलहाल खुफिया प्रशासन का मानना है कि यह वायरस संभवत: जानवरों से इंसानों के संपर्क में प्राकृतिक तरीके से आया है। उनका मानना है कि इसे लैब में जानबूझकर तैयार नहीं किया गया है।

डब्ल्यूएचओ कराएगा फिर जांच ?
आपको बता दें कि डब्ल्यूएचओ ने कोरोना वायरस की उत्पत्ति का पता लगाने के लिए चीन और वुहान की प्रयोगशाला में दोबारा जांच का प्रस्ताव रखा है। राजनयिकों के मुताबिक अभी तक इस प्रस्ताव पर चीन की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस एडहानोम ग़ेब्रेयेसुस ने शुक्रवार को सदस्य देशों के साथ बंद कमरे में हुई बैठक में यह प्रस्ताव रखा है। इससे एक दिन पहले टेड्रोस एडहानोम ग़ेब्रेयेसुस ने कहा था कि शुरुआती दिनों में चीन में कोरोना वायरस के प्रसार पर डेटा की कमी के कारण पहली जांच में बाधा आई थी।












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