'चीन की वुहान प्रयोगशाला से ही निकला था कोरोना वायरस', अमेरिकी एनर्जी डिपार्टमेंट की रिपोर्ट में दावा
डब्ल्यूएचओ के अधिकारियों ने कोविड की जांच के लिए वुहान का दौरा किया था, जिसमें चीन पर जांच में सहयोग नहीं करने और जांच में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगा था।

Corona Virus Wuhan Lab: कोरोना वायरस की उत्पत्ति को लेकर पिछले तीन सालों से भी बहस जारी है और अब अमेरिकी एनर्जी डिपार्टमेंट ने दावा किया है, कि कोविड-19 की उत्पत्ति चीन के प्रयोगशाला से ही हुई है। अमेरिकी एनर्जी डिपार्टमेंट ने अपनी रिपोर्ट को अपडेट किया है, जिसमें दावा किया गया है, कि कोविड -19 महामारी प्रयोगशाला से निकले वायरस की वजह से ही हुआ है। आपको बता दें, कि कोविड 19 सबसे पहली बार चीन के वुहान शहर में पाया गया था और फिर जंगल की आग की तरह पूरी दुनिया में फैल गया था।

कोविड पर अमेरिका की नई रिपोर्ट
कोरोना वायरस की वजह से अभी तक पूरी दुनिया में 70 लाख से ज्यादा लोग मारे गये हैं और अरबों डॉलर के कारोबार और अर्थव्यवस्था का नुकसान हुआ है। कोरोना वायरस की वजह ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में भी उथल -पुथल पैदा कर दी, क्योंकि ज्यादातर देशों ने अपनी सीमा रेखा को सील कर दिया था और ज्यादातर देश कई महीनों तक लॉकडाउन से गुजरते रहे। हालांकि, अब करीब करीब पूरी दुनिया में कोविड 19 के टीके लोगों को दिए गये हैं और अब उम्मीद जताई जा रही है, कि दुनिया कोविड के खिलाफ जंग जीतने के काफी करीब है। वहीं, अमेरिकी एनर्जी डिपार्टमेंट की रिपोर्ट नई इंटेलिजेंस रिपोर्ट के आधार पर तैयार किया गया है और वाल स्ट्रीट जर्नल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, कि ऊर्जा विभाग अमेरिकी प्रयोगशालाओं के एक नेटवर्क की देखरेख करता है, जिसमें कुछ लैब उन्नत जैविक अनुसंधान में शामिल हैं।

वायरस की उत्पत्ति पर है रिपोर्ट
अमेरिकी एनर्जी डिपार्टमेंट की नई रिपोर्ट की नई रिपोर्ट, अपने पुराने रिपोर्ट से थोड़ा अलग है, जिसमें पहले कहा गया था, फिलहाल ये कहना मुश्किल है, कि वायरस की उत्पत्ति कैसे हुई है। हालांकि, नई रिपोर्ट में वायरस से प्रयोगशाला से लीक होने का दावा किया गया है, लेकिन विभाग ने इस बात की जानकारी नहीं दी है, कि उसके हाथ में ऐसे कौन से इंटेलिजेंस रिपोर्ट लगे हैं, जिसके आधार पर उसने अपने पुराने रिपोर्ट को अपडेट किया है। एनर्जी डिपार्टमेंट से पहले अमेरिकी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) भी साल 2021 में ही दावा कर चुका है, कि कोरोना वायरस एक एक्सीडेंट के बाद चीन स्थिति वुहान प्रयोगशाला से बाहर आ गया था और फिर ये लोगों के बीच फैल गया। अभी तक अमेरिका की चार अलग अलग खुफिया एजेंसियों ने दावा किया है, कि चीन के प्रयोगशाला से ही कोरोना वायरस लीक हुआ है।

अमेरिकी रिपोर्ट्स में कितना दम?
अमेरिका की चारों एजेंसियों ने कोरोना वायरस को लेकर अलग अलग विश्लेषण किए हैं, इसके बाद भी इन चारों एजेंसियों की रिपोर्ट में सर्वसम्मति से पुष्टि की जाती है, कि COVID-19 एक चीनी जैविक हथियार कार्यक्रम का परिणाम नहीं था। वाल स्ट्रीट जर्नल ने गोपनीय रिपोर्ट को पढ़ने वाले अधिकारियों के हवाले से इसका दावा किया है। जर्नल ने कहा है, कि पांच पन्नों की इस रिपोर्ट को व्हाइट हाउस और कांग्रेस के सदस्यों के लिए तैयार किया गया है। वहीं, व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने कहा, कि इस मुद्दे पर अभी भी "अलग अलग विचार" हैं। रविवार को सीएनएन से बात करते हुए उन्होंने कहा, कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बार -बार खुफिया समुदाय से पूछा था, कि महामारी की शुरूआत कैसे हुई और महामारी की उत्पत्ति को लेकर ज्यादा से ज्यादा खोज करने के लिए निवेश करें।

चीन की जिम्मेदारी हो पाएगी तय?
आपको बता दें, कि इसी महीने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने वायरस की उत्पत्ति पर "जब तक हमें जवाब नहीं मिलता है, हर संभव कोशिश की जाएगी" का वादा किया है और उन रिपोर्ट्स का खंडन किया है, जिनमें कहा गया था, कि डब्ल्यूएचओ ने वायरस की उत्पत्ति को लेकर अपनी जांच बंद कर दी है। आपको बता दें, कि कोरोना वायरस के वुहान शहर में फैलने के करीब डेढ़ साल बाद पहली बार साल 2021 में डब्ल्यूएचओ के अधिकारियों ने वुहान की यात्रा की थी और इस दौरान अधिकारियों ने वुहान के उस बाजार का भी दौरा किया था, जहां पहली बार कोविड मरीज मिला था। हालांकि, चीन से निकलने के बाद डब्ल्यूएचओ के अधिकारियों ने कहा था, कि चीन में जांच के दौरान पारदर्शिता की काफी कमी थी और वायरस को लेकर पर्याप्त मूल्यांकन नहीं करने दिया गया।












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