US Deported Indians:'₹1 करोड़ दिए, 18 पहाड़ियां लांघी, लाशें देखीं', Dunki मारने वाले भारतीयों का खौफनाक मंजर
US Deported Indians: '17-18 पहाड़ियां पार कीं। अगर कोई फिसल जाता तो उसके बचने की कोई संभावना नहीं होती। घायलों को मरते देखा। लाशें देखीं। एजेंट ने धोखे से बिना वीजा भेजा। 15 घंटे तक नाव से यात्रा की, 40-45 किलोमीटर पैदल चले...यह भयानक तस्वीर अमेरिका से डिपोर्ट किए गए 104 भारतीयों ने बयां की है।
अमेरिका जाने का सपना लेकर निकले 104 भारतीयों की हकीकत बेहद दर्दनाक रही। 5 फरवरी 2025 को अमेरिकी सैन्य विमान C-17 ग्लोबमास्टर से 104 भारतीयों को अमृतसर के श्री गुरु रामदासजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतारा गया। इनमें 79 पुरुष और 25 महिलाएं थीं। सभी अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे थे और ट्रंप की नई इमिग्रेशन नीति के चलते इन्हें जबरन डिपोर्ट कर दिया गया। आइए जानते हैं विस्तार से क्या-क्या झेलनी पड़ी यातनाएं...

कैदियों जैसा व्यवहार, पैरों में जंजीरें, हाथों में हथकड़ी
डिपोर्ट हुए भारतीयों ने आरोप लगाया कि अमेरिका में उनके साथ कैदियों जैसा बर्ताव किया गया। हाथों में हथकड़ियां और पैरों में जंजीरें डाली गईं। टॉयलेट जाने के लिए भी जंजीरें नहीं खोली गईं। जब प्लेन अमृतसर पहुंचा, तभी उनकी जंजीरें खोली गईं।
कई देशों से होकर अमेरिका पहुंचे, लेकिन...
पंजाब के गुरदासपुर के हरदोरवाल गांव के जसपाल सिंह ने बताया कि वे कतर, ब्राजील, पेरू, कोलंबिया, पनामा, निकारागुआ और मैक्सिको जैसे कई देशों से होते हुए अमेरिका पहुंचे थे। लेकिन, वहां सीमा सुरक्षा बल ने उन्हें पकड़ लिया। जसपाल ने कहा कि मैंने एजेंट से कहा था कि मुझे सही वीजा के साथ अमेरिका भेजो। लेकिन उसने मुझे धोखा दिया। सौदा 30 लाख रुपये में हुआ था।
'17-18 पहाड़ियां पार कीं, शव देखे, घायल को मरने के लिए छोड़ दिया गया'
एक डिपोर्ट हुए व्यक्ति ने बताया कि हमने 17-18 पहाड़ियां पार कीं। अगर कोई फिसल जाता, तो बचने की कोई संभावना नहीं थी। रास्ते में शव देखे। अगर कोई घायल हो जाता, तो उसे मरने के लिए छोड़ दिया जाता। दूसरे व्यक्ति ने कहा कि हमारी नाव लगभग डूबने वाली थी। हमने समुद्र में कई लोगों को डूबते देखा। पनामा के जंगल में एक आदमी को मरते देखा।
1 करोड़ रुपये तक खर्च, फिर भी सपना टूटा
होशियारपुर पहुंचे एक निर्वासित व्यक्ति ने बताया कि उसे कतर, ब्राजील, पेरू, पनामा, कोलंबिया, निकारागुआ और फिर मैक्सिको ले जाया गया। उसने बताया कि मैक्सिको से उसे और अन्य लोगों को अमेरिका ले जाया गया। उनमें से कुछ ने अमेरिका पहुंचने के लिए एजेंटों को 1 करोड़ रुपए दिए। एयरपोर्ट पर मौजूद एक व्यक्ति ने दावा किया कि उसके परिवार ने एजेंटों को 42 लाख रुपए देने के लिए अपनी डेढ़ एकड़ जमीन बेच दी। 15 घंटे नाव में यात्रा करनी पड़ी और 40-45 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा।
फिर भी जारी है अवैध तरीके से अमेरिका जाने का सिलसिला
ट्रंप प्रशासन की सख्त नीति के बावजूद, पंजाब और हरियाणा के हजारों युवा अमेरिका जाने के लिए अवैध रास्ता अपनाने को तैयार हैं। शाहरुख खान की फिल्म 'डंकी' के बाद अवैध इमिग्रेशन का मुद्दा और चर्चा में आ गया है। बहामास, मैक्सिको और दक्षिण अमेरिकी देशों के जरिए अमेरिका पहुंचने के नए तरीके खोजे जा रहे हैं।
सबक: अमेरिका जाना है तो कानूनी रास्ता अपनाएं
अमेरिका जाने का सपना खूबसूरत है, लेकिन अवैध तरीके से जाना बेहद खतरनाक और जानलेवा हो सकता है। बिना सही दस्तावेजों के अमेरिका पहुंचना अब लगभग नामुमकिन हो गया है। बेहतर होगा कि लोग सही कानूनी तरीकों से विदेश जाने की कोशिश करें, ताकि भविष्य में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।












Click it and Unblock the Notifications